आतंक की भयावह तस्वीर! लाल किले के पास धमाके के दो दिन बाद मिला इंसान का कटा हुआ हाथ, जांच एजेंसियों में हड़कंप

Red Fort blast

आतंक की भयावह तस्वीर! लाल किले के पास धमाके के दो दिन बाद मिला इंसान का कटा हुआ हाथ, जांच एजेंसियों में हड़कंप

दिल्ली की पुरानी गलियों में आतंक का साया अब भी पसरा हुआ है। सोमवार शाम लाल किले के सामने हुए भीषण धमाके के  बाद जांच एजेंसियां मौके से सबूत जुटा रही हैं। इसी बीच गुरुवार सुबह न्यू लाजपत राय मार्केट में एक भयावह खोज ने सबको दहला दिया — एक दुकान की छत पर इंसान का कटा हुआ हाथ मिला है।

धमाके के 300 मीटर दूर मिला बॉडी पार्ट

दिल्ली पुलिस और FSL की टीम गुरुवार को धमाके की जगह के आसपास तलाशी अभियान चला रही थी। सुबह करीब 9 बजे एक इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट की दुकान के टीन शेड पर खून से सना हुआ हाथ देखा गया। पुलिस ने तुरंत मौके को सील किया और फॉरेंसिक टीम को बुलाया। शुरुआती जांच में पता चला कि यह हाथ धमाके की ताकत से शरीर से अलग होकर उड़कर 300 मीटर दूर गिरा था। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि “यह हाथ पूरी तरह क्षत-विक्षत अवस्था में है। डीएनए जांच के लिए इसे FSL भेजा गया है ताकि पहचान स्थापित की जा सके।

जांच एजेंसियों के लिए नई चुनौती

इस ‘कटे हाथ’ की बरामदगी ने जांच को और पेचीदा बना दिया है। जांच एजेंसियां पहले से ही धमाके में मारे गए आतंकियों और अन्य पीड़ितों की पहचान के लिए DNA सैंपल का मिलान कर रही हैं। अब इस नए साक्ष्य ने पूरे केस को और जटिल बना दिया है। पुलिस के सूत्रों की माने तो धमाके में कार चला रहा आतंकी उमर मोहम्मद पूरी तरह जलकर खाक हो गया था। उसका DNA सैंपल उसकी मां से मिलान कर पुष्टि की जा चुकी है। अब जांच एजेंसियां दो अन्य संदिग्धों की पहचान में जुटी हैं, जिनके बॉडी पार्ट्स घटनास्थल से बरामद हुए थे।

न्यू लाजपत राय मार्केट — जहां गिरा हाथ

दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में स्थित न्यू लाजपत राय मार्केट लाल किले के ठीक सामने है। यह इलाका दिल्ली के सबसे पुराने इलेक्ट्रॉनिक्स बाजारों में से एक है। यहां घड़ियों, मोबाइल फोन, स्पीकर, सीसीटीवी कैमरा और अन्य गैजेट्स की सैकड़ों दुकानें हैं। हर दिन यहां हजारों खरीदार आते हैं, लेकिन धमाके के बाद से बाजार में सन्नाटा और दहशत पसरी हुई है। स्थानीय दुकानदार राकेश जैन ने बताया सुबह जब दुकान खोलने पहुंचे तो पुलिस ने पूरे इलाके को घेरा हुआ था। बाद में पता चला कि छत पर किसी इंसान का हाथ मिला है। यह सोचकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं।

तीसरी कार की तलाश में एजेंसियां

धमाके की जांच में अब एक और बड़ा सुराग सामने आया है। जांच एजेंसियों ने बताया कि लाल किला विस्फोट में शामिल आतंकियों के नेटवर्क से जुड़ी तीसरी कार की तलाश की जा रही है। सोमवार को हुई घटना में एक सफेद हुंडई i20 कार धमाके में पूरी तरह उड़ गई थी। बाद में जांचकर्ताओं ने फरीदाबाद से लाल रंग की फोर्ड इकोस्पोर्ट बरामद की। अब एजेंसियों के हाथ एक नई जानकारी लगी है कि आतंकियों ने एक मारुति ब्रेज़ा कार का भी इस्तेमाल किया था, जो अब तक लापता है। सूत्रों के मुताबिक तीसरी कार का इस्तेमाल या तो रेकी करने या धमाके के बाद भागने के लिए किया गया था। दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में इसकी तलाश जारी है।

धमाके में कैसे उड़ा उमर मोहम्मद

जांच में यह साफ हो चुका है कि उमर मोहम्मद वही व्यक्ति था जो धमाके के वक्त कार चला रहा था। धमाका इतना जोरदार था कि कार के चिथड़े 200 मीटर तक उड़ गए और आसपास की कई गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हो गईं। FSL की टीम ने घटनास्थल से खून के नमूने, अस्थि अवशेष और जले हुए कपड़ों के टुकड़े बरामद किए थे। इन्हीं साक्ष्यों का DNA मिलान उमर की मां के सैंपल से किया गया, जो मैच होने के बाद पुष्टि हो गई कि धमाके के वक्त कार चलाने वाला वही था। जांच में यह भी सामने आया कि उमर पिछले कुछ महीनों से दिल्ली, मेरठ और नोएडा के बीच लगातार मूवमेंट कर रहा था। वह एक आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा था, जो कथित तौर पर दिल्ली में किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में था।

कौन थे बाकी दो साथी?

धमाके में उमर मोहम्मद के साथ दो और लोग कार में सवार थे। हालांकि धमाके के बाद उनके शरीर के अवशेषों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। FSL टीम अब तक मिले सभी बॉडी पार्ट्स का DNA मिलान कर रही है। पुलिस मान रही है कि ये दोनों आतंकी उमर के सहयोगी थे, जिन्होंने ब्लास्ट में इस्तेमाल विस्फोटक तैयार करने में भूमिका निभाई थी।

धमाके की ताकत और मंशा

जांच के मुताबिक, धमाके में RDX और अमोनियम नाइट्रेट जैसे उच्च विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था। यह विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि कार के लोहे के टुकड़े आसपास की दीवारों में धंस गए। पुलिस मान रही है कि यह धमाका किसी धार्मिक स्थल या भीड़भाड़ वाली जगह पर करने की साजिश थी, लेकिन किसी तकनीकी गलती के कारण कार बीच रास्ते में ही फट गई।

लाल किला इलाका अभी भी हाई अलर्ट

इस घटना के बाद लाल किला और उसके आसपास के सभी बाजारों में उच्च सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई है। दिल्ली पुलिस, एनएसजी, एनआईए और FSL की टीमें लगातार जांच में जुटी हैं। बाजारों में आने-जाने वालों की कड़ी चेकिंग की जा रही है।
एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और विशेष सेल मिलकर सभी CCTV फुटेज खंगाल रही है। किसी भी संदिग्ध की पहचान होते ही कार्रवाई की जाएगी।

लाल किला धमाका सिर्फ एक आतंकी वारदात नहीं, बल्कि दिल्ली की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है। दो दिन बाद मिला कटा हुआ हाथ इस बात की भयावह गवाही देता है कि धमाके की ताकत कितनी विनाशकारी थी। अब जांच एजेंसियों के सामने तीन बड़ी चुनौतियाँ हैं धमाके में मारे गए बाकी दो आतंकियों की पहचान। तीसरी कार का पता लगाना और पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ करना। दिल्ली आज भी इस धमाके की दहशत और दर्द से उबर नहीं पाई है। लाल किले के सामने की ये घटना देश की राजधानी के दिल में बसे एक अंधेरे सन्नाटे की याद दिला रही है — कि आतंक अब भी हमारे बीच ज़िंदा है।

Exit mobile version