गाजा में शांति की उम्मीद: पीएम मोदी ने की ट्रंप की सराहना, दुनिया ने देखा नया मोड़
नई दिल्ली, 4 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की खुलकर तारीफ की। मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर लिखा — “गाज़ा में शांति प्रयासों में निर्णायक प्रगति के लिए हम राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व का स्वागत करते हैं। बंधकों की रिहाई के संकेत एक महत्वपूर्ण कदम हैं। भारत स्थायी और न्यायसंगत शांति की दिशा में सभी प्रयासों का दृढ़ता से समर्थन करता रहेगा।”
मोदी बोले– ट्रंप का नेतृत्व निर्णायक
प्रधानमंत्री के इस बयान को वैश्विक स्तर पर शांति प्रक्रिया के समर्थन के रूप में देखा जा रहा है। भारत ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि वह मध्य पूर्व में स्थायी शांति का प्रबल पक्षधर है।
ट्रंप की शांति योजना को मिली रफ्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में इज़राइल और हमास के बीच दो साल से जारी युद्ध को खत्म करने के लिए एक शांति योजना पेश की थी। इस योजना का उद्देश्य बंधकों की रिहाई, युद्धविराम और गाज़ा में स्थायी प्रशासनिक समाधान तैयार करना है। ट्रंप की योजना के पहले चरण में हमास द्वारा बंधकों की रिहाई और इज़राइल द्वारा सैन्य कार्रवाई रोकना शामिल है। सूत्रों के अनुसार, हमास ने योजना की कई अहम शर्तों को मानने पर सहमति जताई है। इससे गाज़ा में वर्षों से जारी हिंसा थमने की उम्मीद बढ़ गई है। ट्रंप ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा — “मुझे लगता है कि वे दीर्घकालिक शांति के लिए तैयार हैं।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि “इज़राइल को बमबारी रोकनी चाहिए ताकि बंधकों को सुरक्षित रिहा किया जा सके।”
इज़राइल ने दी सकारात्मक प्रतिक्रिया
इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उनका देश ट्रंप की शांति योजना के पहले चरण को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। नेतन्याहू ने शनिवार को जारी बयान में कहा — “इज़राइल अपने सिद्धांतों के अनुसार युद्ध समाप्त करने के लिए ट्रंप को पूरा सहयोग देगा।”
इज़राइल की इस घोषणा से अंतरराष्ट्रीय समुदाय में राहत की भावना है। संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और कई अरब देशों ने भी इस पहल का स्वागत किया है। कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह योजना सफल होती है, तो यह पिछले एक दशक में मध्य पूर्व के सबसे बड़े कूटनीतिक समझौते के रूप में सामने आ सकती है।
पीएम मोदी की पोस्ट पर दुनिया की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री मोदी के पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर #PeaceForGaza, #ModiSupportsPeace, और #TrumpInitiative जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। भारतीय यूजर्स ने पीएम मोदी के बयान को “संतुलित और दूरदर्शी” बताया। कई अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों ने यह भी कहा कि भारत की प्रतिक्रिया दर्शाती है कि नयी दिल्ली अब वैश्विक शांति वार्ताओं में सक्रिय भूमिका निभाना चाहती है।
अमेरिकी मीडिया ने इसे भारत-अमेरिका संबंधों की मजबूती का संकेत बताया, जबकि इज़राइली अखबार जेरूसलम पोस्ट ने लिखा — “भारत की आवाज गाज़ा शांति प्रक्रिया को नैतिक समर्थन दे रही है।”
स्थायी शांति की राह पर गाज़ा
गाज़ा में दो वर्षों से लगातार चल रहे संघर्ष में अब स्थायी शांति की संभावना दिखाई देने लगी है। इस युद्ध में हजारों लोगों की जान गई और लाखों बेघर हुए। लेकिन अब, हमास की सहमति और इज़राइल की रजामंदी के साथ संघर्ष विराम की नींव रखी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय सूत्रों के अनुसार, बंधकों की आंशिक रिहाई पहले ही शुरू हो चुकी है और अमेरिका इस प्रक्रिया की निगरानी कर रहा है। यदि आने वाले कुछ दिनों में यह चरण सफल रहा, तो गाज़ा क्षेत्र में मानवीय सहायता और पुनर्निर्माण अभियान भी शुरू किया जाएगा।
भारत ने पहले भी संयुक्त राष्ट्र में गाज़ा के नागरिकों के प्रति मानवीय सहायता और पुनर्वास के लिए समर्थन दिया था। अब प्रधानमंत्री मोदी के इस बयान ने उस प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया है।
शांति की नई सुबह
प्रधानमंत्री मोदी का यह वक्तव्य न केवल भारत की वैश्विक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि भारत विश्व शांति के किसी भी प्रयास में पीछे नहीं रहेगा।
ट्रंप की योजना अगर लागू होती है, तो इससे न केवल मध्य पूर्व बल्कि पूरी दुनिया में स्थिरता और सहयोग के नए आयाम खुल सकते हैं। गाज़ा की धरती पर वर्षों से चले आ रहे युद्ध और दर्द के बाद अब उम्मीद की किरण दिखने लगी है। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप दोनों के बयान संकेत दे रहे हैं कि विश्व राजनीति एक निर्णायक मोड़ पर है — जहां बंदूकें खामोश और संवाद शुरू हो सकता है। (प्रकाश कुमार पांडेय)





