होम लोन लेकर घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए ब्याज दरों में बदलाव बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि मामूली बढ़ोतरी से भी हर महीने की EMI और लंबे समय में चुकाई जाने वाली कुल रकम पर असर पड़ सकता है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट 5.25 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत किए जाने के बाद कुछ बैंकों ने अपने होम लोन की ब्याज दरों में बदलाव किया, जबकि पांच सरकारी बैंकों की दरें उस समय तक पहले जैसी बनी हुई थीं। इनमें बैंक ऑफ महाराष्ट्र, इंडियन ओवरसीज बैंक, इंडियन बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शामिल हैं। इन बैंकों की बताई गई शुरुआती ब्याज दरें 7 प्रतिशत से शुरू होकर अधिकतम 9.35 प्रतिशत सालाना तक थीं। हालांकि, ये दरें हर ग्राहक के लिए समान नहीं होतीं। बैंक आवेदक के क्रेडिट स्कोर, आय, नौकरी, कर्ज की रकम और अन्य शर्तों के आधार पर अंतिम दर तय कर सकते हैं। इसलिए होम लोन लेने से पहले केवल शुरुआती ब्याज दर देखकर फैसला करना पर्याप्त नहीं है।
रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद होम लोन लेने वालों की क्यों बढ़ी चिंता?
दी गई जानकारी के अनुसार, 7 अक्टूबर को RBI ने रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी करते हुए इसे 5.25 प्रतिशत से 5.50 प्रतिशत कर दिया था। रेपो रेट वह दर है जिस पर केंद्रीय बैंक वाणिज्यिक बैंकों को अल्पकालिक धन उपलब्ध कराता है। इसमें बदलाव का असर बैंकिंग व्यवस्था की उधारी लागत और कर्ज की ब्याज दरों पर पड़ सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर बैंक तुरंत अपने सभी होम लोन महंगे कर देगा। बैंक अपनी नीतियों और कर्ज की दर तय करने के तरीके के आधार पर फैसला लेते हैं। जिन ग्राहकों का लोन बाहरी बेंचमार्क से जुड़ा है, उनकी EMI या ब्याज दर में बदलाव की संभावना अलग हो सकती है।
बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 7 प्रतिशत से शुरू बताई गई होम लोन की ब्याज दर
बैंक ऑफ महाराष्ट्र की दी गई दरों के अनुसार, होम लोन पर न्यूनतम ब्याज 7.00 प्रतिशत और अधिकतम 9.15 प्रतिशत सालाना था। शुरुआती दर कम होने के कारण यह बैंक घर खरीदने के लिए कर्ज तलाश रहे नौकरीपेशा लोगों के लिए विचार करने योग्य विकल्प हो सकता है। लेकिन अंतिम ब्याज दर आवेदक की पात्रता और बैंक की मौजूदा शर्तों पर निर्भर करेगी। आवेदन से पहले प्रोसेसिंग फीस, लोन अवधि और अन्य शुल्क की जानकारी लेना भी जरूरी है।
इंडियन ओवरसीज बैंक में 7.10 प्रतिशत से शुरू ब्याज दर का विकल्प
इंडियन ओवरसीज बैंक की बताई गई होम लोन ब्याज दरें 7.10 प्रतिशत से 8.10 प्रतिशत सालाना के बीच थीं। इस दायरे में अधिकतम दर भी अन्य सूचीबद्ध बैंकों की तुलना में कम बताई गई थी। फिर भी ग्राहक को यह जांचना चाहिए कि उसके क्रेडिट स्कोर, आय और नौकरी की स्थिति के आधार पर बैंक कितनी दर की पेशकश करता है। केवल प्रकाशित न्यूनतम दर के आधार पर लोन की लागत का अनुमान लगाना सही नहीं होगा।
इंडियन बैंक, यूनियन बैंक और सेंट्रल बैंक की ब्याज दरों की पूरी जानकारी
बाकी तीन बैंकों की दी गई दरें इस प्रकार थीं। इंडियन बैंक में होम लोन की न्यूनतम दर 7.15 प्रतिशत और अधिकतम 8.55 प्रतिशत सालाना थी। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में यह दर 7.15 प्रतिशत से 9.35 प्रतिशत के बीच बताई गई थी, जबकि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में न्यूनतम ब्याज दर 7.20 प्रतिशत और अधिकतम 8.75 प्रतिशत सालाना थी। ये आंकड़े उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित हैं और इन्हें वर्तमान में लागू दरों की पुष्टि नहीं माना जाना चाहिए। आवेदन से पहले संबंधित बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या शाखा से ताजा दरें जरूर जांचें।
होम लोन लेने से पहले केवल ब्याज दर नहीं, EMI और दूसरे शुल्क भी जांचें
सबसे सस्ता होम लोन चुनने के लिए ब्याज दर के साथ-साथ प्रोसेसिंग फीस, लोन की अवधि, प्रीपेमेंट की शर्तें और ब्याज दर में भविष्य में होने वाले बदलावों को भी समझना चाहिए। ग्राहक अलग-अलग बैंकों से लोन ऑफर लेकर कुल लागत की तुलना कर सकते हैं। क्रेडिट स्कोर बेहतर रखने और जरूरी दस्तावेज सही तरीके से जमा करने से पात्रता पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। ध्यान रखें कि यहां दी गई ब्याज दरें उपलब्ध विवरण पर आधारित हैं, इसलिए इन्हें मौजूदा ऑफर मानकर आवेदन न करें। बैंक से लिखित ऑफर मिलने के बाद ही अंतिम फैसला लें।