Devotees Celebrate Holi Utsav: ब्रज से अयोध्या तक होली का उल्लास चरम पर, बांके बिहारी दरबार में गुलाल की बरसात और रंगभरी एकादशी से उत्सव का आगाज़

होली से पहले ही देश के प्रमुख धार्मिक नगर रंग, भक्ति और उल्लास में सराबोर हो गए हैं। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के वृंदावन स्थित बांके बिहारी मंदिर में होली उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर परिसर में भक्तों ने गुलाल उड़ाया, वहीं सेवायतों ने परंपरा के अनुसार श्रद्धालुओं पर रंग बरसाकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। हर ओर राधे-राधे और कृष्ण भक्ति के जयकारे गूंजते रहे।

बांके बिहारी के आंगन में भक्ति और रंगों का अद्भुत संगम

वृंदावन में आयोजित इस विशेष होली उत्सव में देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए और गुलाल के साथ भक्ति भाव प्रकट किया। मंदिर के भीतर सीमित व्यवस्था के बावजूद रंग खेलने का उत्साह चरम पर रहा। श्रद्धालुओं का कहना था कि वृंदावन की होली केवल उत्सव नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक अनुभव है, जहां रंग भी भक्ति का रूप ले लेते हैं।

अयोध्या में रंगभरी एकादशी के साथ विधिवत शुरू हुई होली

इससे पहले दिन में अयोध्या में रंगभरी एकादशी के अवसर पर साधु-संतों ने पारंपरिक तरीके से होली उत्सव की शुरुआत की। अयोध्या के प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर में नागा साधुओं और संत समाज ने एक-दूसरे को गुलाल लगाया और धार्मिक अनुष्ठान किए। इस दौरान मंदिर का पवित्र निशान लेकर शोभायात्रा भी निकाली गई, जिसने पूरे नगर को रंगों में रंग दिया।

रंगभरी एकादशी का धार्मिक महत्व और परंपरा

अयोध्या में रंगभरी एकादशी को होली के औपचारिक आरंभ के रूप में देखा जाता है। मान्यता है कि इसी दिन से देवालयों और अखाड़ों में होली की रंगत चढ़ती है। संतों, श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सहभागिता से शहर में भक्ति, परंपरा और उत्सव का अद्भुत मेल देखने को मिला। पूरे नगर में ढोल-नगाड़ों और जयघोष के बीच होली का माहौल बन गया।

मथुरा में भव्य आयोजनों की तैयारी, सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम

भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में आने वाले दिनों में होली उत्सव अपने चरम पर पहुंचेगा। यहां भव्य शोभायात्राएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम और मंदिरों में विशेष अनुष्ठान प्रस्तावित हैं। भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं। भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि उत्सव शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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