Indian Railways: होली पर यात्रियों को बड़ी राहत 1,244 स्पेशल ट्रेनों का ऐलान, जरूरत पड़ी तो संख्या 1,500 तक बढ़ेगी

होली के त्योहार के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए Indian Railways ने बड़ा कदम उठाया है। रेलवे ने बुधवार को घोषणा की कि देशभर में 1,244 होली स्पेशल ट्रेन ट्रिप्स चलाई जाएंगी, ताकि यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और आरामदायक सफर मिल सके। ये स्पेशल ट्रेनें 25 फरवरी से 18 मार्च 2026 तक चलेंगी और जरूरत पड़ने पर इनकी संख्या 1,500 तक बढ़ाई जा सकती है।

त्योहार के दौरान भीड़ संभालने की पूरी तैयारी

रेलवे के अनुसार, होली के आसपास हर साल लंबी दूरी की ट्रेनों में जबरदस्त भीड़ देखने को मिलती है। इसी को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त ट्रेनों की योजना पहले से तैयार की गई है। इन सेवाओं का मकसद नियमित ट्रेनों पर दबाव कम करना और ज्यादा से ज्यादा यात्रियों को कन्फर्म बर्थ उपलब्ध कराना है, ताकि त्योहार के समय अव्यवस्था से बचा जा सके।

बड़े शहरों और प्रमुख केंद्रों को जोड़ा जाएगा

होली स्पेशल ट्रेनों के जरिए देश के बड़े महानगरों, राज्य की राजधानियों और अहम क्षेत्रीय केंद्रों को आपस में जोड़ा जाएगा। लंबी दूरी की विशेष सेवाएं मुंबई, पुणे और नागपुर जैसे शहरों को दानापुर, गोरखपुर, हजरत निजामुद्दीन, समस्तीपुर और बरौनी जैसे प्रमुख गंतव्यों से जोड़ेंगी। इससे उत्तर और मध्य भारत की ओर यात्रा करने वालों को सीधा फायदा मिलेगा।

पूर्व, उत्तर और दक्षिण भारत पर खास फोकस

पूर्वी और तटीय क्षेत्रों में विशाखापट्टनम, पुरी और भुवनेश्वर से शालीमार, पटना, यशवंतपुर और धनबाद के लिए अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जाएंगी। वहीं दिल्ली क्षेत्र से वाराणसी, लखनऊ, अयोध्या कैंट, हरिद्वार, अमृतसर और कटिहार तक कनेक्टिविटी मजबूत की गई है। दक्षिण भारत से चेन्नई, एर्नाकुलम, तिरुवनंतपुरम, कोयंबटूर, सिकंदराबाद, तिरुपति और बेंगलुरु से उत्तर व पूर्व भारत के कई शहरों के लिए भी स्पेशल ट्रेनें चलेंगी।

सभी रेलवे जोन अलर्ट, मांग के अनुसार बढ़ेंगी सेवाएं

रेलवे ने सभी जोनल रेलवेज़ को निर्देश दिए हैं कि वे यात्रियों की मांग पर लगातार नजर रखें और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सेवाएं जोड़ें। सेंट्रल, नॉर्दर्न, ईस्टर्न, ईस्ट सेंट्रल, ईस्ट कोस्ट, नॉर्थ ईस्टर्न, नॉर्थ फ्रंटियर, साउथ सेंट्रल, साउदर्न, वेस्टर्न और कोंकण रेलवे समेत लगभग सभी जोन इसमें शामिल हैं। यह व्यापक योजना रेलवे की उस तैयारी को दर्शाती है, जिससे त्योहार के दौरान यात्रियों को न्यूनतम असुविधा हो।

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