Himachal Snowfall: नए साल से पहले बदलेगा हिमाचल का मौसम, टूटेगा लंबा ड्राई स्पेल, पहाड़ों में बर्फबारी के आसार
शिमला। नए साल के आगमन से ठीक पहले हिमाचल प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। पिछले दो महीनों से अधिक समय से प्रदेश में जारी ड्राई स्पेल अब टूटने की कगार पर है। मौसम विभाग के अनुसार 30 दिसंबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय होने जा रहा है, जिसके चलते प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना बढ़ गई है। इससे जहां पहाड़ी इलाकों में ठंड का असर और तेज होगा, वहीं लंबे समय से बर्फ का इंतजार कर रहे क्षेत्रों के लिए यह मौसम राहत लेकर आ सकता है।
ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार बर्फबारी के संकेत
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली ताजा जानकारी के अनुसार चंबा, लाहौल-स्पीति और कुल्लू जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों में अगले तीन दिनों तक लगातार बर्फबारी होने के आसार हैं। इन क्षेत्रों में पहले से ही तापमान शून्य के आसपास बना हुआ है और बर्फबारी शुरू होते ही ठंड और बढ़ जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बर्फबारी न केवल जल स्रोतों के लिए फायदेमंद होगी, बल्कि सेब और अन्य नकदी फसलों के लिए भी आने वाले समय में सकारात्मक असर डालेगी।
तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट संभव
लगातार बारिश और बर्फबारी की स्थिति में प्रदेश भर में दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है। इसका असर केवल पहाड़ी इलाकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मैदानी जिलों में भी ठंड का प्रकोप बढ़ेगा। सुबह और रात के समय सर्द हवाओं के कारण लोगों को अधिक ठंड महसूस हो सकती है।
पर्यटन स्थलों के लिए राहत की खबर
लंबे समय से सूखे मौसम के कारण हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर बर्फ नहीं गिर पा रही थी, जिससे पर्यटन कारोबार प्रभावित हो रहा था। मनाली, कुफरी, नारकंडा और डलहौजी जैसे इलाकों में पर्यटक बर्फ की उम्मीद लेकर पहुंच रहे थे, लेकिन निराश लौट रहे थे। ऐसे में नए साल से ठीक पहले बर्फबारी की संभावना पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है। बर्फ से ढकी पहाड़ियां और ठंडी हवाएं नए साल के जश्न में चार चांद लगा सकती हैं।
कब और कहां होगी बारिश-बर्फबारी
मौसम विभाग के अनुसार 30 दिसंबर को नया पश्चिमी विक्षोभ प्रदेश में प्रवेश करेगा। इस दिन मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। 31 दिसंबर और 1 जनवरी को पश्चिमी विक्षोभ का असर और अधिक बढ़ने की संभावना है। इन दो दिनों के दौरान मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी हल्की बारिश और बर्फबारी देखने को मिल सकती है, जबकि अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बर्फबारी होने के आसार हैं। कुल्लू और किन्नौर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी इन दिनों बर्फ गिरने की संभावना जताई गई है।
नए साल की शुरुआत बर्फबारी के साथ
साल के आखिरी दिन और नए साल की शुरुआत के दौरान अगर बर्फबारी होती है तो यह सैलानियों के लिए यादगार अनुभव साबित हो सकता है। बर्फीली हवाओं के बीच सफेद चादर ओढ़े पहाड़ हिमाचल की सर्दियों की असली तस्वीर पेश करेंगे। होटल और पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि इससे नए साल के दौरान पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा।
मैदानी इलाकों में कोहरे का अलर्ट
जहां पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की संभावना है, वहीं मैदानी और निचले इलाकों में कोहरा लोगों की परेशानी बढ़ा सकता है। मौसम विभाग ने 27 से 29 दिसंबर तक प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना जताई है, जिससे दिन का तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री अधिक रह सकता है। हालांकि, कई जिलों में 30 दिसंबर तक घने कोहरे को लेकर ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है।
बिलासपुर जिले में 29 दिसंबर तक एक-दो स्थानों पर घने कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 30 दिसंबर को येलो अलर्ट रहेगा। इसके अलावा ऊना, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर जिलों में भी 30 दिसंबर तक घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। कोहरे के कारण सुबह और रात के समय वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
कहां छाए रहेंगे बादल
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के सीनियर साइंटिस्ट संदीप कुमार शर्मा के अनुसार, 30 दिसंबर को पश्चिमी विक्षोभ का असर मुख्य रूप से चंबा, लाहौल-स्पीति और कुल्लू के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रहेगा। 31 दिसंबर और 1 जनवरी को इन जिलों में हल्की से मध्यम बर्फबारी और बारिश की संभावना है। इसके साथ ही कांगड़ा, मंडी और शिमला जिलों में भी एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। वहीं ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और सिरमौर जैसे मैदानी जिलों में इन दिनों बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन बारिश की संभावना कम बताई जा रही है।
सावधानी और तैयारी की जरूरत
मौसम विभाग ने बर्फबारी और कोहरे को देखते हुए लोगों और प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यात्रा करने वाले पर्यटकों को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही सफर करने की हिदायत दी गई है। कुल मिलाकर, नए साल से पहले हिमाचल प्रदेश में मौसम का यह बदलाव जहां ठंड बढ़ाएगा, वहीं बर्फबारी से पहाड़ों की रौनक भी लौटाने वाला साबित हो सकता है।