यूपी में निकाय चुनावों की तारीखों के ऐलान पर रोक, हाईकोर्ट में चल रही है सुनवाई

कोर्ट ने कहा- ओबीसी आरक्षण पर ब्योरा दे सरकार

UP Nikay Chunav: हाईकोर्ट ने आज 13 दिसंबर तक निकाय चुनावों की तारीखों के ऐलान पर रोक लगा दी है। न्यायालय ने सरकार से आरक्षण के मसले पर जवाब भी मांगा है। कल सोमवार को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने ओबीसी-आरक्षण के मसले पर सुनवाई की थी। दो सदस्यीय बेंच में न्यायाधीश डी के उपाध्याय और न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव थे। आज सरकार को ओबीसी आरक्षण के नियमों का पूरा ब्योरा देना होगा, जिसके बाद मामले की सुनवाई होगी।

पंचायत अध्यक्ष की 545 सीटें

बता दें कि यूपी में पंचायत अध्यक्ष की कुल 545 सीटे हैं। इनमें अनुसूचित जाति के लिए 73 सीटें आरक्षित हैं, वहीं अनुसूचित जनजाति में महिलाओं के लिए 1 सीट का आरक्षण है। पिछड़े वर्ग की 147 सीटें रिजर्व हैं। 217 अनारक्षित सीटें पंचायक अध्यक्ष के लिए हैं, तो महिलाओं के लिए 107 सीटें आरक्षित हैं।

यूपी में नगरपालिका की 200 सीटें हैं। इनमें से 27 सीटें अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं तो पिछड़े वर्ग के लिए 54 सीटें हैं। इन सीटों में 40 सीटें महिलाओं के लिए हैं और बची 79 सीटें अनारक्षित हैं। गाजियाबाद, फिरोजाबाद, कानपुर, गोरखपुर, लखनऊ, शाहजहांपुर, बरेली और वाराणसी की सीटें अनारक्षित हैं।

महापौर की सीट के आंकड़े

17 नगर निगमों में महापौर पद के लिए दो सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। इनमें से भी एक सीट महिला के लिए आरक्षित है। यूपी नगर निगम में 4 सीटें पिछड़े वर्ग के लिए रिजर्व की गई हैं  और इनमें 2 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।

 

 

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