हिमाचल में तबाही मचाता मॉनसून….ढही दीवार, कांगड़ा में गिरी चट्टान… जगह-जगह भूस्खलन से दहशत
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश ने एक बार फिर तबाही का मंजर खड़ा कर दिया है। शिमला से लेकर किन्नौर और कांगड़ा तक जगह-जगह लैंडस्लाइड हो रहे हैं। किन्नौर जिले के निगुलसरी में नेशनल हाईवे-5 भारी भूस्खलन के बाद पूरी तरह से बंद हो गया है, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। वहीं शिमला में एक पांच मंजिला इमारत के पास हुए बड़े लैंडस्लाइड ने खतरे की घंटी बजा दी है।
खतरे में पांच मंजिला बिल्डिंग
शिमला के पंथाघाटी इलाके में पांच मंजिला बिल्डिंग के ठीक पास भारी भूस्खलन हुआ। इस दौरान पेड़ गिरने और दीवार ढहने के दृश्य कैमरे में कैद हुए। भवन को तुरंत खाली कराया गया ताकि कोई बड़ा हादसा न हो। सड़क और रेलिंग भी टूटकर नीचे गिर गई। लगातार बारिश के कारण शहर में जगह-जगह पेड़ गिरने और मलबा खिसकने का खतरा बना हुआ है।
कांगड़ा-हमीरपुर बॉर्डर पर बाल-बाल बचे लोग
सुजानपुर (कांगड़ा-हमीरपुर बॉर्डर) पर एक बड़ा हादसा टल गया। एक पहाड़ी से अचानक हुए भूस्खलन की चपेट में कुछ लोग आने ही वाले थे, लेकिन वे समय रहते वहां से भाग निकले। इस दौरान एक कार बाल-बाल बची और एक व्यक्ति को मामूली चोटें आईं।
किन्नौर में नेशनल हाईवे-5 बंद
किन्नौर जिले के निगुलसरी में लगातार हो रही बारिश से नेशनल हाईवे-5 पर भूस्खलन हुआ, जिससे मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया। सड़क बंद होने से आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह इलाका पिछले एक महीने से बार-बार भूस्खलन की वजह से बंद होता आ रहा है।
येलो अलर्ट, पांच जिलों में सतर्कता
मौसम विभाग ने बुधवार के लिए हिमाचल के ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन और सिरमौर जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। गरज-चमक और आंधी-तूफान की आशंका जताई गई है।
शिमला में 14 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई।
नगरोटा सूरियां (कांगड़ा) में 13 सेमी।
चुराड़ी (चंबा) में 8 सेमी।
सुंदरनगर (मंडी) में 6 सेमी।
गूलर (कांगड़ा) में 5 सेमी।
बारिश की वजह से कई जगह बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित हुई है। हालांकि मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि 18 से 22 सितंबर तक पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा और बारिश की कोई संभावना नहीं है। हालांकि तब तक लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रकाश कुमार पांडेय





