22-23 नवंबर 2025: चक्रवाती तूफान ‘सेन्यार’ का खतरा, दक्षिणी राज्यों में भारी बारिश; उत्तर भारत में शीतलहर, घना कोहरा और प्रदूषण का कहर
नई दिल्ली: देश के विभिन्न हिस्सों में आगामी 22 और 23 नवंबर, 2025 को मौसम में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। जहां एक ओर दक्षिण भारत चक्रवाती तूफान ‘सेन्यार’ के संभावित खतरे और भारी बारिश के अलर्ट पर है, वहीं उत्तर भारत में शीतलहर, घना कोहरा और खतरनाक प्रदूषण का प्रकोप जनजीवन को प्रभावित कर रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और स्काईमेट वेदर के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक देश के मौसम में dramatic बदलाव की उम्मीद है।
चक्रवाती तूफान ‘सेन्यार’ का पूर्वानुमान
दक्षिणी राज्यों में मूसलाधार बारिश और वज्रपात स्काईमेट वेदर के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 24 घंटों के भीतर बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। यह निम्न दबाव एक पूर्ण चक्रवाती तूफान ‘सेन्यार’ में तब्दील हो सकता है। इस तूफान का सीधा असर दक्षिणी भारत के तटीय राज्यों पर पड़ेगा। आईएमडी ने अगले तीन दिनों तक केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक के तटीय इलाकों में भारी वर्षा, आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। इन मौसमी गतिविधियों से इन क्षेत्रों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
उत्तर भारत में शीतलहर और कोहरे का असर
उत्तर भारत में बढ़ती शीतलहर और कोहरे की चादर उत्तर भारत में तापमान स्थिर रहने के संकेत मिले हैं, लेकिन शीतलहर की स्थिति गहराती जा रही है। हरियाणा से लेकर राजस्थान तक सुबह के वक्त घने कोहरे के साथ सर्द हवाएं चल रही हैं, जिससे ठिठुरन महसूस हो रही है। जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले पर्यटन स्थलों पर कोहरे और बर्फबारी के कारण पहाड़ियां बेहद खूबसूरत दिख रही हैं, लेकिन आने वाले दिनों में हालात और खराब होने की आशंका है।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी शीतलहर का प्रकोप
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी शीतलहर का प्रकोप जारी है, और संवेदनशील इलाकों में बर्फबारी दर्ज की जा रही है। आईएमडी का कहना है कि उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार और मध्य प्रदेश तक सुबह घना कोहरा छाया रहेगा और ग्रामीण इलाकों में पाला गिरने की संभावना है। कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड के कुछ इलाकों में बर्फ की चादर जमने से बर्फीली हवाएं सिहरन पैदा करेंगी, जिससे ठंड में और इज़ाफ़ा होगा।
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का गंभीर स्तर जारी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र प्रदूषण की गंभीर गिरफ्त में है। आईएमडी ने दिल्ली के लिए वीकेंड (22-23 नवंबर) पर न्यूनतम तापमान 10 से 11 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 26 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना जताई है। दिन में हल्की धुंध और धूप-छांव का खेल जारी रहेगा। 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं सर्दी को बनाए रखेंगी। हालांकि, अगले कुछ दिनों तक बारिश की कोई ठोस संभावना नहीं है, जिससे प्रदूषण में कमी आने की उम्मीद कम है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता (AQI) 400 के पार दर्ज की जा रही है, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। पूसा में AQI 341, आरके पुरम में 401, रोहिणी में 424, सोनिया विहार में 396 और वजीरपुर में 442 रिकॉर्ड किया गया। एनसीआर के शहरों में भी स्थिति चिंताजनक है; नोएडा में 438, ग्रेटर नोएडा में 431 तक और गाजियाबाद में भी हवा की गुणवत्ता खराब बनी हुई है। प्रदूषण के इस खतरनाक स्तर से लोगों को सांस लेने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।
उत्तर प्रदेश और बिहार का मौस
उत्तर प्रदेश में फिलहाल मौसम साफ रहने का अनुमान है, लेकिन पछुआ हवाओं के कारण मौसम सर्द रहेगा। ग्रामीण इलाकों में कोहरे की परत देखने को मिलेगी और सुबह के समय गलन महसूस होगी। सर्दी से बचाव के लिए लोग अलाव का सहारा लेते दिखेंगे। अगले 2 से 3 दिनों तक न्यूनतम तापमान 9 से 13 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 25 से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। 22 से 26 नवंबर के बीच मौसम में कोई बड़ा बदलाव अपेक्षित नहीं है।बिहार में पिछले कई दिनों से चल रही सर्द हवाओं के कारण कड़ाके की ठंड का असर दिख रहा है। अधिकांश हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे ठिठुरन बढ़ गई है। अगले कुछ दिनों में ग्रामीण इलाकों में कोहरे का स्तर बढ़ने की संभावना है। हालांकि, फिलहाल शीतलहर को लेकर कोई बड़ा अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बर्फीली ठंड उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों जैसे केदारनाथ और बदरीनाथ में तापमान माइनस में पहुंच गया है, जिससे गलन और पाले ने हालात खराब कर दिए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है, और आगे इसमें और गिरावट आएगी। राज्य के मैदानी इलाकों में हल्की धूप निकलने से दिन में थोड़ी राहत मिलेगी, लेकिन रात और सुबह के वक्त गलन महसूस होगी, और पहाड़ियां कोहरे की गिरफ्त में रहेंगी।
उधर, हिमाचल प्रदेश में 26 नवंबर तक मौसम साफ रहने का अनुमान है। आईएमडी ने ऊंचाई वाले स्थानों पर तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की अतिरिक्त गिरावट की चेतावनी जारी की है। बर्फबारी के कारण रोहतांग दर्रा को बंद कर दिया गया है। हालांकि, लाहौल स्पीति, कुकुमसेरी, ताबो और अटल टनल के आसपास बर्फबारी से मौसम बेहद मनमोहक बना हुआ है, जिसका पर्यटक लुत्फ उठा सकते हैं।
कुल मिलाकर, देश के विभिन्न हिस्सों में अगले 48 घंटों में मौसम में कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। दक्षिणी राज्यों को चक्रवाती तूफान के लिए तैयार रहना होगा, जबकि उत्तर भारत में बढ़ती ठंड, घना कोहरा और गंभीर प्रदूषण लोगों के लिए चुनौती बना रहेगा। नागरिकों को मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट्स पर ध्यान देने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।





