झमाझम बरसात का दौर जारी: पहाड़ से मैदान तक बारिश का कहर, IMD ने जारी किया अलर्ट
देशभर में मानसून ने पूरी तरह से दस्तक दे दी है। मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार रात और बुधवार, 16 जुलाई 2025 के लिए देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। पहाड़ी राज्यों से लेकर मैदानों और दक्षिणी तटीय क्षेत्रों तक बारिश का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। इससे जहां एक ओर गर्मी से राहत मिली है, वहीं कई इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
- पहाड़ से लेकर मैदान तक झमाझम बारिश का अलर्ट
- आज 16 जुलाई को जानें मौसम का हाल
- मौसम विभाग ने जारी किया देश के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट
- भारी बारिश के चलते कई राज्यों में जनजीवन अस्त-व्यस्त
उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत में पहाड़ से लेकर मैदानी इलाकों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड से लेकर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पूर्वी व पश्चिमी उत्तर प्रदेश, और पूर्वी राजस्थान तक अगले दो से तीन दिनों के दौरान भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। इन क्षेत्रों में पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन की संभावना बढ़ गई है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में जलभराव और यातायात बाधित होने की खबरें आ रही हैं। राजस्थान के उत्तरी और मध्य भागों में बना निम्न दबाव क्षेत्र अगले 48 घंटों में मानसूनी गतिविधियों को और तेज करेगा। इससे बीकानेर, जोधपुर, जयपुर और अजमेर जैसे शहरों में झमाझम बारिश के आसार हैं।
पूर्व और मध्य भारत में बादल गरजने
बिजली गिरने के साथ तेज बारिश की चेतावनी
मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में अगले दो से तीन दिनों तक मूसलधार बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग ने विशेष रूप से उत्तरी झारखंड और दक्षिणी बिहार के सटे क्षेत्रों में बन रहे लो-प्रेशर ज़ोन को देखते हुए बिजली गिरने की घटनाओं की चेतावनी दी है। पश्चिम बंगाल के गंगा क्षेत्र, उप-हिमालयी इलाकों और सिक्किम में भी वर्षा का सिलसिला जारी रहेगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी गरज के साथ तेज बारिश हो सकती है। कृषि पर निर्भर क्षेत्रों के लिए यह बारिश जहां फायदेमंद साबित हो सकती है, वहीं अत्यधिक वर्षा से फसलें खराब होने का भी खतरा मंडरा रहा है।
पश्चिम भारत में समुद्री तटीय इलाकों पर भारी वर्षा का खतरा मंडराया
महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में मौसम विभाग ने लगातार बारिश की चेतावनी दी है। मुंबई, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, पुणे, और नासिक में जलभराव और यातायात में रुकावट जैसी स्थिति देखने को मिल रही है। गुजरात में भी भारी वर्षा के आसार हैं, विशेष रूप से दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र के तटीय इलाकों में। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है क्योंकि समुद्र में ऊंची लहरें उठने और तेज हवाओं का पूर्वानुमान है।
पूर्वोत्तर भारत में लगातार चौथे दिन भी बारिश का सिलसिला जारी
पूर्वोत्तर राज्यों — असम, मेघालय, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा — में भारी बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। IMD का अनुमान है कि इन राज्यों में अगले तीन से चार दिनों तक भारी वर्षा जारी रहेगी। भूस्खलन, सड़क बंद होने और बिजली की आपूर्ति बाधित होने जैसी घटनाओं की आशंका जताई जा रही है।
दक्षिण भारत में मानसून सक्रिय
केरल-कर्नाटक में भारी बारिश से स्कूल बंद
दक्षिण भारत के राज्यों में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय है। केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक के तटीय और दक्षिण आंतरिक भागों, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में सामान्य से भारी बारिश के आसार हैं। केरल और कर्नाटक के कई जिलों में स्कूलों को बंद करना पड़ा है। माहे, यनम, और चेन्नई जैसे शहरों में सड़कों पर पानी भर गया है और जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अगले 48 घंटों में दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में गरज के साथ वर्षा और तेज हवाएं चल सकती हैं।
अलर्ट पर रहें, सुरक्षित रहें
देश के लगभग हर हिस्से में अगले दो से चार दिनों तक वर्षा का दौर बना रहेगा। मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने कई राज्यों में आपदा राहत बलों को अलर्ट पर रखा है। जनता से अपील है कि वे बारिश के दौरान खुले या जलजमाव वाले इलाकों में जाने से बचें, मौसम विभाग की अपडेट्स पर ध्यान दें और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों की ओर जाएं। बारिश राहत भी है, लेकिन सावधानी जरूरी है। (प्रकाश कुमार पांडेय)





