शुक्रवार, 27 फरवरी को भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी का माहौल देखने को मिला। एशियाई बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों और वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते निफ्टी 50 और सेंसेक्स दोनों में करीब एक फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। घरेलू स्तर पर किसी बड़े पॉजिटिव ट्रिगर की गैरमौजूदगी ने भी बाजार की चाल को सीमित रखा, जिससे निवेशकों में सतर्कता साफ नजर आई।
वैश्विक संकेतों ने बिगाड़ा बाजार का मूड, US–Iran बातचीत बेनतीजा
अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर अमेरिका और ईरान के बीच चली बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। इससे भू-राजनीतिक जोखिम को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ गई। एशिया के प्रमुख बाजार औसतन 0.7% तक टूटे, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। वैश्विक अनिश्चितता के इस माहौल में निवेशकों ने जोखिम लेने से दूरी बनाए रखी।
एक दिन में निवेशकों की दौलत घटी, मार्केट कैप में बड़ी गिरावट
बाजार में आई इस कमजोरी से निवेशकों को भारी नुकसान हुआ। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप एक ही सत्र में घटकर ₹465 लाख करोड़ से नीचे आ गया, जो पिछले कारोबारी दिन करीब ₹468.5 लाख करोड़ था। यानी निवेशकों की संपत्ति में ₹3 लाख करोड़ से ज्यादा की कमी दर्ज की गई।
बैंकिंग, फाइनेंशियल, ऑटो और FMCG सेक्टर बने गिरावट की वजह
सेक्टोरल स्तर पर सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में दिखा। निफ्टी बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज करीब एक फीसदी तक फिसल गए। इसके अलावा ऑटो और FMCG सेक्टर के शेयरों में भी बिकवाली देखने को मिली, जिसने बाजार की गिरावट को और गहरा कर दिया।
IT सेक्टर बना अपवाद, फरवरी की भारी गिरावट के बाद दिखी मजबूती
कमजोर बाजार के बीच आईटी शेयरों ने राहत दी। निफ्टी आईटी में करीब 2.5% की तेजी दर्ज की गई और लगभग सभी आईटी शेयर हरे निशान में बंद हुए। हालांकि फरवरी महीने में अब तक यह सेक्टर करीब 20% टूट चुका है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से पारंपरिक आईटी बिजनेस मॉडल पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता बनी हुई है, वहीं वैश्विक टेक शेयरों में हालिया गिरावट भी निवेशकों की सोच को प्रभावित कर रही है।
कच्चे तेल और आगे की बाजार दिशा
कमोडिटी बाजार में कच्चे तेल के दाम सात महीने के उच्च स्तर के करीब पहुंचने के बाद कुछ नरम पड़े। US–Iran बातचीत से सप्लाई में बड़े व्यवधान की आशंका फिलहाल कम हुई है। घरेलू बाजार की बात करें तो पिछले दो सत्रों से निफ्टी और सेंसेक्स साफ दिशा के अभाव में दायरे में घूमते दिख रहे हैं। मंगलवार की तेज 1.1% गिरावट के बाद अब निवेशक किसी नए बड़े संकेत का इंतजार कर रहे हैं।
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