हरियाणा की सियासत में आज मंगलवार का दिन बड़ा फेरबदल वाला रहा। सुबह से ही सियासी उलटफेर की अटकलें लगाई जा रहीं थी, जो दोपहर तक सहीं साबित हो गईं और राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पद से इस्तीफा दे दिया है। खट्टर ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा है। राज्यपाल ने जिसे स्वीकार भी कर लिया।
- हरियाणा में टूट गया भाजपा जजपा गठबंधन
- शाम को पूरी कैबिनेट के साथ नई सरकार की शपथ
- लोकसभा चुनाव से पहले सियासी उलटफेर
- नहीं बनी बीजेपी और जेजेपी में सीट शेयरिंग पर सहमति
- बिना जेजेपी के बनेगी हरियाणा की नई सरकार
दरअसल हरियाणा में बीजेपी ने जेजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाई थी। अब चर्चा है लोकसभा चुनाव में सीट शेयरिंग को लेकर दोनों दलों के बीच हुए मतभेदों के चलते बीजेपी और जेजेपी गठबंधन टूट गया।
कंवरपाल का दावा खट्टर ही रहेंगे मुख्यमंत्री
वहीं नई सरकार के शपथग्रहण की तैयारी की जा रही है। इससे पहले बीजेपी के नेता कंवरपाल गुर्जर का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि मनोहर लाल ही हरियाणा के मुख्यमंत्री रहेंगे। वहीं बीजेपी के वरिष्ठ विधायक कृष्ण मिड्ढा ने भी कहा कि मनोहर लाल खट्टर फिर तीसरी बार सीएम पद की शपथ लेंगे।
हरियाणा में विधानसभा सीट का समीकरण
बीजेपी के पास इस समय 47 सीट हैं। जबकि लोकदल के पास 20 और कांग्रेस 15 सीट पर कब्जा किये हैं। अन्य के पास 8 सीटें हैं। राज्य की 90 विधानसभा सीटों में से बहुमत के लिए किसी भी दल को 45 सीट की जरुरत होगी।
लोकसभा में सीट शेयरिंग को लेकर हुआ बखेड़ा
बता दें बीजेपी के अध्यक्ष प्रकाश नड्डा और जननायक जनता पार्टी जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला के बीच सोमवार 11 मार्च को मुलाकात हुई थी। लेकिन मुलाकात के दौरान दोनों दलों में सीट शेयरिंग को लेकर बात नहीं बन सकी। जेजेपी ने राज्य में लोकसभा की दो सीट पर चुनाव लड़ने की मंशा जताई थी जबकि बीजेपी ने इसे लेकर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी। जिससे हरियाणा में बीजेपी और जेजेपी का गठबंधन टूट गया। ऐसे में अब हरियाणा में नई सरकार का गठन होने जा रहा है।