हरियाणा, गोवा और लद्दाख को मिले नए राज्यपाल-उपराज्यपाल….राष्ट्रपति ने की घोषणा
राष्ट्रपति भवन ने सोमवार को देश के तीन प्रमुख क्षेत्रों — हरियाणा, गोवा और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख — के लिए नए राज्यपाल और उपराज्यपाल की नियुक्ति की घोषणा की। ये नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।
राष्ट्रपति भवन ने सोमवार को तीन राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के लिए राज्यपाल व उपराज्यपालों की नई नियुक्तियों की घोषणा की है। ये नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू मानी जाएंगी। हरियाणा, गोवा और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को उनके नए संवैधानिक प्रमुख मिल गए हैं।
पुसापति अशोक गजपति राजू — गोवा के नए राज्यपाल
पुसापति अशोक गजपति राजू को गोवा का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वे एक अनुभवी राजनेता हैं और पूर्व केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री रह चुके हैं। उनका राजनीतिक अनुभव 1978 से शुरू होता है, जब वे पहली बार आंध्र प्रदेश विधानसभा में चुने गए थे। वे कुल सात बार विधायक रह चुके हैं।
उनका परिवार विजयनगरम के अंतिम महाराजा से जुड़ा हुआ है और वे विशेष रूप से सिम्हाचलम मंदिर व शिक्षा के क्षेत्र में परोपकार के लिए जाने जाते हैं।
13 वर्षों तक आंध्र प्रदेश सरकार में मंत्री रहे।
वित्त, उत्पाद शुल्क, राजस्व, योजना जैसे अहम विभाग संभाले।
विजयनगरम के अंतिम महाराजा के पुत्र, सामाजिक और शैक्षिक कार्यों में सक्रिय।
सिम्हाचलम मंदिर और विजयनगरम के शैक्षणिक संस्थानों से गहरा नाता प्रोफेसर असीम कुमार घोष — हरियाणा के नए राज्यपाल
हरियाणा के नए राज्यपाल बनाए गए हैं प्रोफेसर असीम कुमार घोष। वे एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद और अनुसंधानकर्ता हैं, जिनका लंबा अनुभव विज्ञान, नीति और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में रहा है। हालांकि उनके राजनीतिक जीवन की चर्चा कम रही है, वे नीति, शिक्षा एवं विज्ञान क्षेत्र में सम्मानित चेहरा हैं।
शिक्षा और अनुसंधान में लंबा अनुभव।
विभिन्न उच्च शैक्षणिक संस्थानों के साथ जुड़े रहे।
सार्वजनिक नीति में सक्रिय भूमिका।
हरियाणा में एक शिक्षाविद राज्यपाल की छवि से बदलाव की उम्मीद।
कविंदर गुप्ता — लद्दाख के उपराज्यपाल
कविंदर गुप्ता को लद्दाख का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। वे जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक प्रमुख नाम हैं। वे पूर्व उपमुख्यमंत्री और जम्मू नगर निगम के मेयर रह चुके हैं। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में वे कई बार विधायक भी रह चुके हैं।
जम्मू-कश्मीर के वरिष्ठ भाजपा नेता।
विधानसभा के स्पीकर व उपमुख्यमंत्री रहे।
लद्दाख को विशेष प्रशासनिक कुशलता की आवश्यकता — उनके अनुभव से लाभ संभावित।





