Wednesday, March 18, 2026
  • Contact
India News
  • मुख्य समाचार
  • राजनीति
  • संपादक की पसंद
  • शहर और राज्य
    • उत्तर प्रदेश
      • आगरा
      • कानपुर
      • लखनऊ
      • मेरठ
    • छत्तीसगढ
      • जगदलपुर
      • बिलासपुर
      • भिलाई
      • रायपुर
    • दिल्ली
    • बिहार
      • पटना
    • मध्य प्रदेश
      • इंदौर
      • ग्वालियर
      • जबलपुर
      • भोपाल
    • महाराष्ट्र
      • नागपुर
      • नासिको
      • पुणे
      • मुंबई
    • राजस्थान
      • अजमेर
      • कोटा
      • जयपुर
      • जैसलमेर
      • जोधपुर
  • स्टार्टअप
  • कृषि
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • धर्म
  • ऑटो
  • सरकारी नौकरी
  • वीडियो
No Result
View All Result
India News
Home शहर और राज्य दिल्ली

भोजन के बाद अब पानी भी बंद…इच्छामृत्यु प्रक्रिया में हरीश राणा की हालत पर हर पल नजर, परिवार के लिए सबसे कठिन परीक्षा

DigitalDesk by DigitalDesk
March 18, 2026
in दिल्ली, मुख्य समाचार
0
Harish Rana condition
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterWhatsapp

भोजन के बाद अब पानी भी बंद…इच्छामृत्यु प्रक्रिया में हरीश राणा की हालत पर हर पल नजर, परिवार के लिए सबसे कठिन परीक्षा

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में भर्ती गाजियाबाद के 31 वर्षीय हरीश राणा की जिंदगी अब एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद उनके लिए ‘निष्क्रिय इच्छामृत्यु’ (Passive Euthanasia) की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस प्रक्रिया के तहत अब उन्हें न केवल भोजन बल्कि पानी देना भी बंद किया जा रहा है।

Related posts

Chaitra Navratri 2026

चैत्र नवरात्र 2026: जानें घटस्थापना मुहूर्त, पूजा विधि और नौ दिनों का महत्व…मां के नौ स्वरूपों को समर्पित है यह पर्व

March 18, 2026
2 lakh insurance for just 436 PMJJBY 2026 becomes a safety net for the common man

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना: मात्र ₹436 में ₹2 लाख का बीमा—PMJJBY 2026 बनी आम लोगों का सुरक्षा कवच

March 18, 2026

13 साल पुराना हादसा, अब अंतिम पड़ाव

गाजियाबाद निवासी हरीश राणा 2013 में हुए एक गंभीर हादसे के बाद से अचेत अवस्था में थे। उनका शरीर जीवित था, लेकिन मस्तिष्क ने काम करना लगभग बंद कर दिया था। वर्षों तक परिवार ने उम्मीद नहीं छोड़ी, लेकिन हालात जस के तस बने रहे। अब सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद, उनके जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले सभी मेडिकल सपोर्ट सिस्टम धीरे-धीरे हटाए जा रहे हैं।

अस्पताल ने शुरू किया अंतिम मेडिकल प्रोटोकॉल

दिल्ली के AIIMS में डॉक्टरों की एक विशेष टीम इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रही है। पहले हरीश को ट्यूब के माध्यम से भोजन दिया जा रहा था, जिसे कुछ दिन पहले बंद कर दिया गया। अब अगला कदम पानी की आपूर्ति रोकना है। डॉक्टरों के अनुसार, ट्यूब को हटाया नहीं जाएगा, बल्कि उसे कैप कर दिया जाएगा। साथ ही, मरीज को किसी प्रकार का ऑक्सीजन सपोर्ट भी नहीं दिया जा रहा है।

3 से 4 हफ्तों में पूरी होगी प्रक्रिया

विशेषज्ञों का कहना है कि ‘निष्क्रिय इच्छामृत्यु’ एक धीमी और नियंत्रित प्रक्रिया होती है, जिसमें 2 से 4 सप्ताह तक का समय लग सकता है। इस दौरान मरीज को दर्द या असहजता से बचाने के लिए पेलिएटिव केयर (palliative care) दी जाती है। इसमें दवाओं और बेहोशी के जरिए यह सुनिश्चित किया जाता है कि मरीज को किसी प्रकार की पीड़ा न हो।

क्या होती है निष्क्रिय इच्छामृत्यु?

‘निष्क्रिय इच्छामृत्यु’ यानी Passive Euthanasia का मतलब होता है मरीज को जीवित रखने वाले कृत्रिम साधनों को हटाना। इसमें—

  • कृत्रिम भोजन और पानी बंद किया जाता है
  • ऑक्सीजन और दवाओं का सपोर्ट हटाया जाता है
  • मरीज को दर्द से राहत देने के लिए सिडेशन दिया जाता है

इस प्रक्रिया का उद्देश्य मृत्यु को तेज करना नहीं, बल्कि प्राकृतिक रूप से होने देना होता है।

मेडिकल टीम की कड़ी निगरानी

एम्स में इस मामले के लिए एक मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम बनाई गई है, जिसमें न्यूरोसर्जरी, एनेस्थीसिया, पैलिएटिव मेडिसिन और मनोचिकित्सा विभाग के विशेषज्ञ शामिल हैं। डॉक्टरों का कहना है कि हर कदम बेहद सावधानी और संवेदनशीलता के साथ उठाया जा रहा है, ताकि मरीज की गरिमा बनी रहे और उसे कोई कष्ट न हो।

परिवार के लिए सबसे मुश्किल फैसला

हरीश राणा के माता-पिता और परिवार के लिए यह समय बेहद भावुक और कठिन है। 13 साल तक बेटे के ठीक होने की उम्मीद में जीने के बाद अब उसे विदा करने का फैसला लेना आसान नहीं है। परिवार के एक सदस्य ने बताया कि उन्होंने हर संभव इलाज कराया, लेकिन जब डॉक्टरों ने साफ कह दिया कि सुधार की कोई संभावना नहीं है, तब यह कठिन निर्णय लेना पड़ा।

समाज और कानून के लिए मिसाल

यह मामला सिर्फ एक परिवार की कहानी नहीं, बल्कि भारत में इच्छामृत्यु को लेकर कानूनी और सामाजिक बहस का भी अहम हिस्सा बन गया है। सुप्रीम कोर्ट पहले ही ‘लिविंग विल’ और निष्क्रिय इच्छामृत्यु को कुछ शर्तों के साथ अनुमति दे चुका है। हरीश राणा का मामला इस प्रक्रिया के वास्तविक क्रियान्वयन का एक प्रमुख उदाहरण बनकर सामने आया है।

हरीश राणा की जिंदगी अब अंतिम पड़ाव पर है, जहां चिकित्सा, कानून और भावनाओं का जटिल संगम दिखाई दे रहा है। भोजन के बाद अब पानी भी बंद किया जाना इस प्रक्रिया का सबसे संवेदनशील चरण माना जा रहा है। जहां एक ओर डॉक्टर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि मरीज को कोई पीड़ा न हो, वहीं परिवार अपने सबसे कठिन निर्णय के साथ खड़ा है। यह घटना न केवल चिकित्सा विज्ञान बल्कि मानवीय संवेदनाओं की भी गहरी परीक्षा बन गई है।

Post Views: 41
Tags: #Harish Rana condition#Harish Rana constantly monitored#Harish Rana euthanasia process
LIVE India News

लाइव इंडिया न्यूज 2016 से आप तक खबरें पंहुचा रहा है। लाइव इंडिया वेबसाइट का मकसद ब्रेकिंग, नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, बिजनेस और अर्थतंत्र से जुड़े हर अपडेट्स सही समय पर देना है। देश के हिंदी भाषी राज्यों से रोजमर्रा की खबरों से लेकर राजनीति नेशनल व इंटरनेशनल मुद्दों से जुडी खबरें और उनके पीछे छुपे सवालों को बेधड़क सामने लाना, देश-विदेश के राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों का विश्लेषण बेबाकी से करना हमारा मकसद है।

Vihan Limelite Event & Entertainment Pvt Ltd
Regd Office Flat No 1
Mig 3 E 6
Arera Colony Bhopal

Branch Office
Main Road. Tikraparaa
Raipur CG

Director Deepti Chaurasia
Mobile No 7725016291

Email id - liveindianewsandviews@gmail.com

Currently Playing

Middle East War बड़वानी ईरान–इजरायल युद्ध का असर कपास व्यापार पर, लागत बढ़ने और निर्यात ठप होने की आशंका

Middle East War बड़वानी ईरान–इजरायल युद्ध का असर कपास व्यापार पर, लागत बढ़ने और निर्यात ठप होने की आशंका

Middle East War बड़वानी ईरान–इजरायल युद्ध का असर कपास व्यापार पर, लागत बढ़ने और निर्यात ठप होने की आशंका

बिजनेस
PM Modi Singur Rally: सिंगूर में गरजे पीएम मोदी, बोले—दिल्ली जैसा होगा बंगाल में सत्ता का फैसला

PM Modi Singur Rally: सिंगूर में गरजे पीएम मोदी, बोले—दिल्ली जैसा होगा बंगाल में सत्ता का फैसला

मुख्य समाचार
West Bengal Election: से पहले चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, DGP और मुख्य सचिव समेत कई अफसर बदले

West Bengal Election: से पहले चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, DGP और मुख्य सचिव समेत कई अफसर बदले

मुख्य समाचार

RSS Unknown Feed

  • Contact

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

No Result
View All Result
  • Home
  • मुख्य समाचार
  • शहर और राज्य
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • संपादक की पसंद
  • मनोरंजन
  • स्टार्टअप
  • धर्म
  • कृषि

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

Go to mobile version