INDIA Alliance: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन का ‘जन महाभियोग’, खरगे के आवास पर हुई मॉक संसद; SIR और वोटर लिस्ट को लेकर उठाए सवाल
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी गठबंधन INDIA ने अपना विरोध दर्ज कराने के लिए एक अनोखा आयोजन किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के दिल्ली स्थित आवास पर विपक्षी नेताओं ने ‘मॉक संसद’ का आयोजन किया, जिसे ‘जन महाभियोग’ नाम दिया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार ने की। विपक्ष का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कई सवाल हैं, जिनका जवाब मिलना जरूरी है। इस आयोजन में विपक्षी नेताओं ने कथित वोट चोरी और चुनाव व्यवस्था से जुड़ी अपनी आपत्तियां सामने रखीं। कार्यक्रम पहले 30 अक्टूबर को दोपहर 3:30 बजे आयोजित होना था, लेकिन दिल्ली में लगातार बारिश के कारण इसे एक दिन आगे बढ़ाकर 31 अक्टूबर कर दिया गया।
खरगे के आवास पर विपक्ष ने आयोजित की मॉक संसद, ‘जन महाभियोग’ के जरिए उठाए चुनावी मुद्दे
दिल्ली के 10, राजाजी मार्ग स्थित मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर आयोजित इस कार्यक्रम में विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने मॉक संसद की कार्यवाही की शुरुआत की। विपक्ष ने इस आयोजन को केवल राजनीतिक बैठक नहीं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर जनता के सामने अपनी बात रखने का माध्यम बताया। कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि यह कोई दिखावटी संसद नहीं है, बल्कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का सार्वजनिक महाभियोग है। उनके मुताबिक, इसमें INDIA गठबंधन के नेताओं के अलावा नागरिक समाज के लोग भी शामिल होने के इच्छुक हैं।
बारिश के कारण एक दिन टला कार्यक्रम, विपक्ष ने SIR और वोटर लिस्ट पर जताई आपत्ति
विपक्ष की यह मॉक संसद पहले शुक्रवार, 30 अक्टूबर को दोपहर 3:30 बजे प्रस्तावित थी। हालांकि, दिल्ली में लगातार बारिश होने के कारण कार्यक्रम को शनिवार, 31 अक्टूबर तक के लिए टालना पड़ा। आयोजन में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को प्रमुख मुद्दा बनाया गया। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बदलाव और कथित वोट चोरी से लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसी मुद्दे को लेकर गठबंधन ने अपनी आपत्तियां सार्वजनिक रूप से रखने का फैसला किया।
हरदीप सिंह पुरी ने 1984 के सिख विरोधी दंगों की बरसी पर पीड़ितों को किया याद
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 1984 के सिख विरोधी दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि 1 नवंबर दिल्ली के इतिहास के सबसे दुखद दिनों में शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या एक बड़ी त्रासदी थी, लेकिन इसके बाद सिख समुदाय को सामूहिक रूप से निशाना बनाना किसी भी स्थिति में सही नहीं ठहराया जा सकता। पुरी ने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि इन दंगों में पूरे देश में 3,325 लोगों की मौत हुई थी, जबकि अकेले दिल्ली में 2,733 लोगों की जान गई थी। उन्होंने पीड़ित परिवारों के दर्द और उनके संघर्ष को भी याद किया।
एचएस फूलका के संघर्ष का जिक्र कर बोले पुरी, पीड़ितों को न्याय दिलाने की लड़ाई जारी रही
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि 1984 के दंगों की घटनाएं आज भी सिख परिवारों के लिए गहरे दुख का कारण हैं। कई परिवारों ने अपने परिजनों को खोया और उनके घरों को आग के हवाले कर दिया गया था। उन्होंने वरिष्ठ वकील एचएस फूलका के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए चार दशक से अधिक समय तक संघर्ष किया। पुरी के अनुसार, धमकियों और कानूनी प्रक्रिया में देरी के बावजूद पीड़ितों की ओर से न्याय की लड़ाई जारी रखी गई।
तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग पर लगाए आरोप, संबित पात्रा ने SIR के समर्थन में रखी बात
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर वोटों की चोरी कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां लोकतंत्र और मतदाताओं के अधिकारों को कमजोर करती हैं। दूसरी ओर, भाजपा सांसद संबित पात्रा ने SIR प्रक्रिया का बचाव किया। उन्होंने दावा किया कि देश में अब तक 12 बार SIR हो चुका है, जिनमें 10 बार यह कांग्रेस शासन के दौरान कराया गया था। पात्रा ने बताया कि ASDD श्रेणी में मृत मतदाताओं के 2.8 करोड़ नाम हटाए जा चुके हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे नाम मतदाता सूची में बने क्यों रहने चाहिए थे। उन्होंने पश्चिम बंगाल में मृत लोगों के नाम पर फर्जी मतदान होने का आरोप भी लगाया।





