गुजरात में स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने वाली प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना–मुख्यमंत्री अमृतम योजना (PMJAY-MA) लगातार विस्तार कर रही है। राज्य सरकार ने विधानसभा में बताया कि फिलहाल प्रदेश में 2.73 करोड़ सक्रिय आयुष्मान कार्डधारक हैं। बीते दो वर्षों में इस योजना के तहत 27.55 लाख इलाज के दावे मंजूर किए गए, जिन पर 7,235.49 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि योजना का लाभ आम लोगों तक तेजी से पहुंच रहा है।
विधानसभा में सरकार का बयान, नामांकन और उपयोग दोनों में बढ़ोतरी
विधानसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पनशेरिया ने कहा कि योजना में नामांकन और इलाज दोनों लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस समय गुजरात में 2.73 करोड़ आयुष्मान कार्ड एक्टिव हैं, जो राज्य की बड़ी आबादी को स्वास्थ्य सुरक्षा का भरोसा दे रहे हैं।
2024–25 में रिकॉर्ड कार्ड और हजारों करोड़ के इलाज
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2024–25 के दौरान 25.24 लाख नए आयुष्मान कार्ड स्वीकृत किए गए। इसी अवधि में 13.40 लाख इलाज के दावे मंजूर हुए, जिन पर सरकार ने 3,666.53 करोड़ रुपये खर्च किए। इससे साफ है कि गरीब और मध्यम वर्ग के लोग बिना आर्थिक बोझ के बड़े इलाज करा पा रहे हैं।
2025–26 में भी रफ्तार बरकरार, सख्ती से लागू नियम
चालू वित्त वर्ष 2025–26 में अब तक 31.78 लाख नए कार्ड जारी किए जा चुके हैं। साथ ही 14.15 लाख दावों को मंजूरी दी गई, जिन पर 3,568.96 करोड़ रुपये खर्च हुए। मंत्री ने यह भी साफ किया कि योजना के नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई की जाती है। पिछले दो वर्षों में 49 अस्पतालों को निलंबित किया गया, जिनमें से 29 अब भी निलंबन में हैं। जामनगर के एक अस्पताल पर 8.69 लाख रुपये का जुर्माना भी वसूला गया।
बजट, अस्पतालों का नेटवर्क और इलाज का दायरा
राज्य बजट में PMJAY-MA के लिए 3,472 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नवंबर तक योजना के तहत 2,090 अस्पताल पैनल में शामिल थे, जिनमें 1,132 सरकारी और 958 निजी अस्पताल हैं। लाभार्थी 2,299 मेडिकल प्रक्रियाओं और 50 विशेष रेफरल सेवाओं का लाभ ले सकते हैं। इसके साथ ही IVF इलाज का दायरा बढ़ाया गया है और अहमदाबाद के IKDRC के जरिए सूरत, भावनगर और जामनगर तक सुविधाएं पहुंचाने की योजना है।





