प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया की ‘फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड’ के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। इस वैश्विक सफलता में मध्यप्रदेश भी एक बड़ी भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नेको वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से पीथमपुर में ‘हेलियन ग्रुप’ की भारत में पहली अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का भूमि-पूजन किया। यह ऐतिहासिक निवेश मध्यप्रदेश की उद्योग अनुकूल नीतियों और वैश्विक स्तर पर बढ़ते भरोसे का प्रतीक है।
1. पीथमपुर में हेलियन ग्रुप की पहली यूनिट: ₹2,000 करोड़ का बड़ा निवेश
विश्व की अग्रणी कंज्यूमर हेल्थकेयर कंपनियों में से एक, ‘हेलियन ग्रुप’ ने भारत में अपनी पहली मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना के लिए मध्यप्रदेश के पीथमपुर (स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क) को चुना है।
- निवेश और भूमि: कंपनी ने तात्कालिक तौर पर 2,000 करोड़ रुपये (लगभग 175 मिलियन पाउंड्स) का निवेश किया है। यह अत्याधुनिक प्लांट 40 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला होगा।
- उत्पादन का मुख्य केंद्र: यह दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा प्लांट और कंपनी की ‘ग्लोबल सप्लाई चेन’ की सबसे बड़ी इकाइयों में से एक होगा, जो मुख्य रूप से ओरल हेल्थ (मौखिक स्वास्थ्य) उत्पादों के निर्माण पर केंद्रित रहेगा।
2. रोजगार के नए अवसर: 1,000 लोगों को काम और महिलाओं को 30% आरक्षण
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के धरातल पर उतरने से राज्य के औद्योगिक परिदृश्य के साथ-साथ रोजगार के मोर्चे पर भी बड़ा सकारात्मक बदलाव आएगा:
- प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार: इस यूनिट के माध्यम से क्षेत्र के लगभग 1,000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार के अवसर मिलेंगे।
- महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा: हेलियन ग्रुप ने इस प्लांट में 30 प्रतिशत तक महिलाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा है, जिसकी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सराहना करते हुए इसे सरकार के महिला सशक्तिकरण के प्रयासों के अनुकूल बताया। इसके अलावा, इस परियोजना से स्थानीय एमएसएमई (MSME) इकाइयों, सप्लायर नेटवर्क और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को भी नए अवसर मिलेंगे।
3. ‘इन्वेस्ट इन एमपी रोड शो’ की बड़ी सफलता: 18 महीने के कड़े समन्वय का परिणाम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हर्ष जताते हुए कहा कि वर्ष 2024 में यूनाइटेड किंगडम (UK) में आयोजित ‘इन्वेस्ट इन एमपी रोड शो’ के दौरान जो निवेश का बीज बोया गया था, वह आज पीथमपुर में साकार हो रहा है। हेलियन इंडिया के अध्यक्ष (भारतीय उप महाद्वीप) श्री केदार लेले के अनुसार, पीथमपुर में इस यूनिट की स्थापना कोई संयोग नहीं है, बल्कि यह पिछले 18 महीनों से मध्यप्रदेश सरकार के साथ लगातार चल रही बातचीत और उच्च कोटि के प्रशासनिक समन्वय का सुखद परिणाम है।
4. ग्लोबल एक्सपोर्ट हब बना मध्यप्रदेश: राज्य के कुल निर्यात में फार्मा का 20% योगदान
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान वैश्विक स्तर पर भारत और राज्य के मजबूत फार्मा ढांचे के आंकड़े साझा किए:
- भारत की स्थिति: मात्रा के आधार पर भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा फार्मा उत्पादक देश है, जहां 3,000 से अधिक कंपनियां सक्रिय हैं।
- मध्यप्रदेश का योगदान: वर्तमान में मध्यप्रदेश में 300 से अधिक फार्मा कंपनियां और 30 से अधिक एपीआई (API) व बल्क ड्रग्स निर्माता सक्रिय हैं। इसके अलावा 75 से अधिक मेडिकल डिवाइस यूनिट्स भी काम कर रही हैं।
- निर्यात की ताकत: राज्य के कुल निर्यात में अकेले फार्मा सेक्टर का योगदान लगभग 20 प्रतिशत है। प्रदेश में इंदौर, पीथमपुर, मंडीदीप, भोपाल, देवास और उज्जैन के औद्योगिक क्षेत्र तेजी से फार्मा मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स के रूप में स्थापित हो चुके हैं।
5. निवेशकों का खुले दिल से स्वागत: मुख्यमंत्री का ‘2 लाख करोड़’ का बड़ा लक्ष्य
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वैश्विक निवेशकों को आश्वस्त किया कि यह नए दौर का आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश है, जहाँ उद्योग स्थापना से लेकर उत्पादन शुरू होने तक हर स्तर पर सरकार निवेशकों के साथ खड़ी है। उन्होंने इस साझेदारी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा मध्यप्रदेश में उद्योग अनुकूल नीतियों के चलते आज देश ही नहीं दुनिया भर के निवेशक मप्र पर भरोसा करते नजर आ रहे हैं। सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार हेलियन ग्रुप के इस दो हजार करोड़ रुपये के निवेश को आने वाले भविष्य में मिलकर 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुँचाने का प्रयास करेगी। सभी निवेशकों के लिए मध्यप्रदेश के द्वार खुले हैं।”
इस वर्चुअल भूमि-पूजन समारोह में मुख्यमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों सहित हेलियन ग्रुप के सीईओ श्री ब्रायन मैकनामारा और ब्रिटिश उप उच्चायुक्त श्री हरजिंदर कांग जैसी वैश्विक हस्तियां उपस्थित थीं। (प्रकाश कुमार पांडेय)