भारत की मिसाइल से डरे तुर्की, ग्रीस को चाहिए LR-LACM!
तुर्की का तनाव: ग्रीस ने भारत की मिसाइल में दिखाई दिलचस्पी
भारत की लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल (LR-LACM) को लेकर अब ग्रीस ने रुचि दिखाई है। यह वही मिसाइल है जिससे तुर्की को सबसे ज्यादा खतरा बताया जा रहा है। तुर्की ने ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान पाकिस्तान का समर्थन किया था, और अब भारत ने ग्रीस को यह मिसाइल ऑफर कर तुर्की की चिंता बढ़ा दी है। अगर ये सौदा होता है, तो ग्रीस को मिल सकती है वह सैन्य ताकत जो तुर्की के भीतर तक घुसकर हमला कर सकती है।
क्या है LR-LACM मिसाइल की ताकत?
यह DRDO द्वारा विकसित सबसोनिक क्रूज मिसाइल है, जो 1500 किलोमीटर की रेंज तक हमला करने में सक्षम है। यह परमाणु और पारंपरिक दोनों प्रकार के वॉरहेड ले जा सकती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है — टेरेन-हगिंग क्षमता, यानी यह ज़मीन से बेहद नज़दीक उड़ान भरती है जिससे रडार इसे पकड़ नहीं पाते। इसकी गति 864 से 1111 किलोमीटर प्रतिघंटा है और यह हाई-वैल्यू टारगेट्स जैसे एयरबेस, रडार स्टेशन व कमांड सेंटर को सटीकता से तबाह कर सकती है।
भारत-ग्रीस रक्षा साझेदारी में नया अध्याय
भारत और ग्रीस के बीच हाल के वर्षों में रक्षा सहयोग काफी तेज़ी से बढ़ा है। मई 2025 में एथेंस में आयोजित DEFEA रक्षा प्रदर्शनी में भारत ने LR-LACM को प्रदर्शित किया, जिसने ग्रीस के रक्षा विश्लेषकों का ध्यान खींचा। ग्रीक मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत ने ग्रीस को अनौपचारिक रूप से इस मिसाइल की पेशकश की है। दोनों देशों के बीच यह डील हुई तो यूरोप और एशिया के सामरिक समीकरण बदल सकते हैं।
तुर्की की चिंताएं और रणनीतिक असर
LR-LACM की 1500 किलोमीटर की रेंज तुर्की के अधिकांश हिस्से को कवर करती है। इस मिसाइल की साइलेंट अटैक और रडार-बचाव तकनीक इसे तुर्की के लिए खतरे का बड़ा कारण बना रही है। वहीं भारत के इस कदम को तुर्की और पाकिस्तान के गठजोड़ के जवाब के रूप में देखा जा रहा है। अगर ग्रीस को यह मिसाइल मिलती है तो दक्षिण-पूर्व यूरोप में भारत की रक्षा कूटनीति और प्रभाव में भारी इजाफा होगा।





