फुटबॉल के जादूगर पेले का निधन, जानिए भारत से था कैसा खास रिश्ता

लंबे समय से थे बीमार

Pele Dies: इस साल के बीतते-बीतते कई लोग हमारा साथ छोड़ते जा रहे हैं। आज की सुबह ऐसी दो मौतों की खबर लेकर आई। हालांकि, जिन दो महान हस्तियों ने हमारा साथ छोड़ा, वे भरपूर जिंदगी जी चुके थे। प्रधानमंत्री मोदी की मां हीराबा का निधन 100 वर्षों की भरपूर जिंदगी के बाद हुआ। वहीं, 82 वर्षीय पेले का निधन 30 दिसंबर 2022 को हो गया। उनकी बेटी ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी।

खेलना अगर संगीत है तो उनसे बड़ा संगीतकार दुनिया में शायद कोई दूसरा नहीं हुआ। उनके नाम  तीन विश्व कप खिताब और 784 गोल हैं, हालांकि उन्होंने 1200 से अधिक गोल दागे, लेकिन फीफा ने मान्यता इतने को ही दी है।

खेल जगत के पहले वैश्विक सुपरस्टार

पेले की लोकप्रियता भौगोलिक सीमाओं में नहीं बंधी थी।1940 में जन्मे एडसन अरांतेस डो नासिमेंटो यानी पेले फुटबॉल की लोकप्रियता को चरम पर ले जाकर उसका बड़ा बाजार तैयार करने वाले पुरोधाओं में से रहे। हिंदी फिल्म ‘गोलमाल’ -अजय देवगन नहीं, अमोल पालेकर वाली पुरानी फिल्म-  में उत्पल दत्त इंटरव्यू में अमोल पालेकर से ‘ब्लैक पर्ल’ पेले के बारे में पूछते हैं तो उनका जवाब होता है कि सुना है कलकत्ता में करीब 30-40 हजार पागल उनके दर्शन करने आधी रात को दमदम हवाई अड्डे पहुंच गए थे।

भारत पहली बार 1977 में आए

1977 में जब वह कोलकाता आये तो मानों पूरा शहर थम गया था। वह मोहन बागान के बुलावे पर आए थे और उन्होंने ईडन गार्डंस पर करीब आधा घंटा फुटबॉल खेला, जिसे देखने के लिये 80000 दर्शक मौजूद थे। उस मैच के बाद मोहन बागान की मानो किस्मत बदल गई और टीम जीत की राह पर लौट आई। उसके बाद वह 2018 में आखिरी बार कोलकाता आए और उनके लिए दीवानगी का आलम वही था। बीच में वह 2015 में भी भारत आए थे।

पेले का खेल चलता रहे, इसलिए हो गया युद्धविराम

उनकी लोकप्रियता का आलम यह था कि 1960 के दशक में नाइजीरिया के गृहयुद्ध के दौरान 48 घंटे के लिये विरोधी गुटों के बीच युद्धविराम हो गया ताकि वे लागोस में पेले का एक मैच देख सकें। वह राजनेताओं के भी उतने ही चहेते थे। भ्रष्टाचार, गृहयुद्ध और तमाम तरह की बीमारियों से ग्रस्त देश ब्राजील को वह अपने दम पर फुटबॉल की महाशक्ति बना सके। पेले का खेल इतना जादुई था कि तानाशाह भी उन्हें सलाम करते थे।

लाइव इंडिया टीम की ओर से फुटबॉल के जादूगर को भावभीनी श्रद्धांजलि।

 

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