MP News: राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने दी दीपावली की शुभकामनाएं, बोले – ‘प्रगति की रफ्तार बढ़ा रही उत्साह’
भोपाल से रिपोर्ट। मध्यप्रदेश में दीपों का पर्व उल्लास और उमंग के बीच मनाया जा रहा है। प्रदेशभर में दीपों की रौशनी के साथ खुशियों का माहौल है। इसी अवसर पर राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को दीपावली की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। दोनों नेताओं ने अपने संदेशों में नागरिकों से सामाजिक एकता, पर्यावरण संरक्षण और विकास की भावना के साथ इस त्योहार को मनाने की अपील की।
मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव का संदेश
‘विकसित भारत’ के संकल्प में सहभागी मध्यप्रदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने दीपावली संदेश में कहा कि मध्यप्रदेश, देश का हृदय प्रदेश, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” के सपने को साकार करने में सक्रिय भागीदार है। उन्होंने कहा— “हमारा प्रदेश विकास के यज्ञ में अपनी आहुति दे रहा है। लगभग 9 करोड़ जनता इस प्रगति की यात्रा में सहभागी है। हमारी विकास यात्रा की गति और जनसहभागिता से उत्पन्न उत्साह इस पर्व की उमंग को और दोगुना कर रहा है।”
सीएम यादव ने कहा कि दीपावली केवल एक धार्मिक या सांस्कृतिक पर्व नहीं, बल्कि उन्नति और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। उन्होंने नागरिकों से स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा देने और स्थानीय उत्पादों की खरीद कर ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को सशक्त बनाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश आज विभिन्न योजनाओं में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और पर्यटन के क्षेत्र में राज्य नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि जनता की भागीदारी से प्रदेश आत्मनिर्भर और समृद्ध बनेगा।
सामाजिक एकता और खुशहाली की अपील
डॉ. मोहन यादव ने नागरिकों को दीपावली, छोटी दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाईदूज की भी हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह पर्व केवल दीप जलाने का नहीं, बल्कि आशा, प्रेम और सौहार्द की रोशनी फैलाने का अवसर है।
उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे गरीबों, जरूरतमंदों और श्रमिक वर्ग के लोगों के साथ खुशियां साझा करें ताकि समाज में समानता और समरसता का भाव मजबूत हो। सीएम ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि लोग पारंपरिक मिट्टी के दीये जलाएं और पटाखों से परहेज़ करें। इससे न केवल प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि कुम्हारों और स्थानीय कारीगरों को भी आर्थिक सहयोग मिलेगा।
राज्यपाल मंगूभाई पटेल का संदेश: ‘छोटे दीपों से मिटे अंधकार’
राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने दीपावली को धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बताते हुए कहा यह पर्व खुशियाँ बाँटने और दूसरों के जीवन में प्रकाश फैलाने का अवसर है। हमें जरूरतमंदों के जीवन में खुशियों की ज्योति जलाकर इस त्योहार को सार्थक बनाना चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि दीपावली हमें यह सिखाती है कि छोटे-छोटे दीप मिलकर भी अंधकार को मिटा सकते हैं, उसी तरह समाज की समस्याओं का समाधान भी सामूहिक प्रयासों से संभव है। उन्होंने लोगों से अनुशासित, स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण में पर्व मनाने की अपील की।
स्वच्छता, सद्भाव और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता का संदेश
राज्यपाल पटेल ने प्रदेशवासियों को संदेश दिया कि दीपावली केवल व्यक्तिगत आनंद का नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का भी पर्व है। उन्होंने कहा कि नागरिक अगर स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति सजग रहेंगे, तो यह उत्सव और अधिक अर्थपूर्ण बन जाएगा। उन्होंने कहा कि दीपावली हमें अंधकार पर प्रकाश की, असत्य पर सत्य की, और निराशा पर आशा की विजय का प्रतीक सिखाती है। यह पर्व हमें सिखाता है कि मिलजुलकर रहना ही भारतीय संस्कृति की असली पहचान है।
विकास और परंपरा का संगम
राज्यपाल और मुख्यमंत्री दोनों ने इस अवसर पर इस बात पर जोर दिया कि मध्यप्रदेश विकास और परंपरा का सुंदर संगम बन चुका है। जहां एक ओर आधुनिक परियोजनाओं और जनकल्याण योजनाओं से प्रदेश की तस्वीर बदल रही है, वहीं दूसरी ओर धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को भी समान रूप से सम्मान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली के इस पर्व पर हर नागरिक को “विकास के दीप” जलाने चाहिए — यानी अपने-अपने क्षेत्र में योगदान देकर राज्य को प्रगति की राह पर आगे बढ़ाना चाहिए।
‘पर्यावरण और सद्भाव के साथ मनाएं दीपोत्सव’
राज्यपाल और मुख्यमंत्री दोनों ने जनता से अपील की कि दीपावली को पर्यावरण-संवेदनशील, सुरक्षित और सद्भावपूर्ण ढंग से मनाएं। उन्होंने कहा कि दीपावली तभी सच्चे अर्थों में सफल होगी जब हम अपने आसपास सफाई रखें, पेड़ लगाएं, बिजली की बचत करें और एक-दूसरे के प्रति प्रेमभाव दिखाएं। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से आग्रह किया कि वे इस अवसर पर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए संकल्प लें और प्रदेश के विकास में अपनी भूमिका निभाएं।
दीपों के इस पर्व पर मध्यप्रदेश के शीर्ष नेतृत्व ने न केवल शुभकामनाएं दीं, बल्कि एक सशक्त, स्वच्छ, और समरस समाज की दिशा में प्रेरणादायक संदेश भी दिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्यपाल मंगूभाई पटेल के संदेशों ने यह स्पष्ट कर दिया कि दीपावली केवल खुशियों का त्योहार नहीं, बल्कि संघर्ष, सहयोग और समर्पण के भाव से ‘विकसित मध्यप्रदेश’ के निर्माण का प्रतीक भी है।
“दीप जलाएं, पर आशा का नहीं — विश्वास का;
रोशनी फैलाएं, पर केवल घर में नहीं — समाज में। प्रकाश कुमार पांडेय