कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर किसानों से किए गए वादे पूरे न करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों से फसल की लागत पर 50 प्रतिशत लाभ जोड़कर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देने का वादा किया था, लेकिन अब तक उस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उनका कहना है कि सरकार इस वादे को लागू करने से बचती नजर आ रही है।
राहुल गांधी ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच X पर एक पोस्ट के जरिए यह मुद्दा उठाया। उन्होंने लिखा कि उन्होंने लोकसभा में सरकार से सीधा सवाल पूछा था कि वर्ष 2021 में किसानों से किया गया यह वादा अब तक क्यों पूरा नहीं किया गया। उनके मुताबिक सरकार ने इस सवाल का स्पष्ट जवाब देने के बजाय केवल अपनी पुरानी नीति को दोहराने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि किसानों से यह वादा किया गया था कि उनकी फसलों की लागत पर कम से कम 50 प्रतिशत लाभ जोड़कर न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया जाएगा और इसे कानूनी रूप दिया जाएगा। लेकिन वास्तविकता यह है कि आज तक इस दिशा में कोई ठोस कानूनी व्यवस्था नहीं की गई है। राहुल गांधी का आरोप है कि सरकार किसानों की मांगों को गंभीरता से लेने के बजाय उन्हें टालने की कोशिश कर रही है।
राहुल गांधी ने कहा कि जब उन्होंने संसद में इस मुद्दे को उठाया तो सरकार ने सीधे जवाब देने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए एमएसपी को कानूनी दर्जा देना जरूरी है। यदि सरकार सच में किसानों की भलाई चाहती है तो उसे अपने वादे के मुताबिक कदम उठाने चाहिए।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि देश के करोड़ों किसान अपनी उपज का उचित दाम पाने के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। उनका मानना है कि अगर एमएसपी को कानूनी दर्जा मिल जाता है तो किसानों को बाजार में अपनी फसल का न्यूनतम दाम सुनिश्चित हो सकेगा। इससे उनकी आर्थिक सुरक्षा भी मजबूत होगी और खेती को लाभकारी बनाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि वर्ष 2021 में किसानों के आंदोलन के दौरान सरकार ने कई आश्वासन दिए थे। उन आश्वासनों में प्रमुख मांगों में से एक एमएसपी की कानूनी गारंटी थी। राहुल गांधी के अनुसार, सरकार ने उस समय किसानों से यह भरोसा दिलाया था कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और उचित कदम उठाए जाएंगे, लेकिन अब तक उस दिशा में कोई ठोस प्रगति नजर नहीं आ रही है।
राहुल गांधी ने कहा कि किसानों की समस्याएं केवल न्यूनतम समर्थन मूल्य तक सीमित नहीं हैं। उन्हें बढ़ती लागत, मौसम की अनिश्चितता और बाजार की अस्थिरता जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यदि उन्हें उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिलता तो उनकी आर्थिक स्थिति और भी कठिन हो जाती है।
कांग्रेस नेता ने सरकार से मांग की कि वह किसानों से किए गए वादों को जल्द पूरा करे और एमएसपी को कानूनी रूप देने के लिए ठोस कदम उठाए। उनका कहना है कि देश की अर्थव्यवस्था में किसानों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और उनके हितों की अनदेखी करना देश के भविष्य के लिए ठीक नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए केवल घोषणाएं पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि ठोस नीतिगत फैसलों की जरूरत है। सरकार को यह समझना चाहिए कि खेती आज भी देश की बड़ी आबादी की आजीविका का मुख्य साधन है। यदि किसानों को उचित मूल्य और सुरक्षा नहीं मिलेगी तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ेगा।
राहुल गांधी ने अंत में कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और उनके अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करती रहेगी। उन्होंने कहा कि किसानों को न्याय दिलाने के लिए संसद से लेकर सड़कों तक संघर्ष जारी रहेगा और सरकार को अंततः किसानों की मांगों पर ध्यान देना ही पड़ेगा।