गोरखपुर में रामकथा: कथावाचक राजन महाराज क्यों हुए नाराज…जानें किससे कहा दम है तो मार दो गोली…

Gorakhpur Ram Katha Famous storyteller Rajan Ji Maharaj Vyas Peeth

गोरखपुर के चंपा देवी पार्क में चल रही रामकथा के दौरान सोमवार को उस वक्त अप्रत्याशित माहौल बन गया, जब मशहूर कथावाचक राजन जी महाराज व्यास पीठ से अचानक नाराज हो गए। उनकी तीखी प्रतिक्रिया और सख्त शब्दों का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में राजन जी महाराज कहते नजर आ रहे हैं— “किसने मां का दूध पिया है, गोली मार के दिखाओ।” इस बयान के बाद श्रद्धालुओं में हलचल मच गई और कार्यक्रम की गरिमा को लेकर भी सवाल उठने लगे।

क्या है पूरा मामला

दरअसल, गोरखपुर में राजन जी महाराज की रामकथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। चंपा देवी पार्क में आयोजित इस कथा के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंच पर चढ़ने पर रोक लगाई गई थी। इसी बात को लेकर कुछ लोगों और आयोजक टीम के सदस्यों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि इसी दौरान किसी व्यक्ति ने राजन जी महाराज की टीम के एक सदस्य को गोली मारने की धमकी दे दी।

धमकी से भड़के महाराज

इस कथित धमकी की जानकारी जैसे ही राजन जी महाराज तक पहुंची, वे बेहद आहत और आक्रोशित हो गए। उन्होंने व्यास पीठ से ही पूरे घटनाक्रम का जिक्र करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। महाराज ने कहा कि 16 साल की कथा यात्रा में उनके साथ पहली बार ऐसा व्यवहार हुआ है। उन्होंने मंच से स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे प्रेम और भक्ति का संदेश देने आए हैं, न कि डर और अराजकता झेलने।

“हम प्रेम से कथा कहने आए हैं”

राजन जी महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि कथा स्थल पर पहले मंच पर चढ़ने को लेकर अफरा-तफरी मची और जब उनकी टीम ने व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश की, तो उन्हें धमकी दी गई। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “हम प्रेम से घर-घर कथा कहने आते हैं। अगर कोई कथा सुनने आता है तो मर्यादा में रहे। हमारे परिवार और बच्चों को गोली मारने की बात कही गई, यह सहन नहीं किया जा सकता।”

कथा रोकने का फैसला

धमकी और हंगामे से आहत होकर राजन जी महाराज ने कुछ समय के लिए कथा न करने का फैसला भी कर लिया था। इस फैसले से पंडाल में मौजूद श्रद्धालु असमंजस में पड़ गए। हालांकि, आयोजकों और स्थानीय गणमान्य लोगों ने स्थिति को संभाला और महाराज से शांत होकर कथा जारी रखने का आग्रह किया। काफी समझाने-बुझाने के बाद वे दोबारा व्यास पीठ पर लौटे।

दोबारा मंच पर आए, सुनाई आपबीती

मंच पर लौटते ही राजन जी महाराज ने पूरे घटनाक्रम को श्रोताओं के सामने रखा। उन्होंने साफ कहा कि धमकी देने वालों से उन्हें कोई डर नहीं है, लेकिन कथा स्थल पर अनुशासन और सम्मान जरूरी है। इसी दौरान उनके मुंह से निकले तीखे शब्दों का वीडियो किसी ने रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है।

वीडियो वायरल, प्रतिक्रियाओं की बाढ़

वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग राजन जी महाराज के तेवरों को गलत बता रहे हैं, तो वहीं बड़ी संख्या में समर्थक उनके साथ खड़े नजर आ रहे हैं। समर्थकों का कहना है कि कथावाचक और उनकी टीम के साथ ऐसी धमकी निंदनीय है और प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

प्रशासन की भूमिका पर सवाल

घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों पर भी सवाल उठने लगे हैं। इतने बड़े धार्मिक आयोजन में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं थे, इसे लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा हो रही है। हालांकि, अब तक किसी आधिकारिक शिकायत या एफआईआर की पुष्टि नहीं हुई है।

आयोजकों का बयान

आयोजकों का कहना है कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और कुछ असामाजिक तत्वों की वजह से माहौल खराब हुआ। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि आगे की कथाओं में सुरक्षा और अनुशासन को लेकर और सख्ती बरती जाएगी, ताकि श्रद्धालु शांतिपूर्वक कथा का आनंद ले सकें।

धार्मिक मंच और मर्यादा

यह पूरा मामला एक बार फिर इस सवाल को सामने लाता है कि धार्मिक आयोजनों में अनुशासन और मर्यादा कितनी जरूरी है। रामकथा जैसे आध्यात्मिक कार्यक्रम का उद्देश्य शांति, प्रेम और सद्भाव का संदेश देना होता है। ऐसे में मंच पर हंगामा और धमकी जैसी घटनाएं न केवल कथावाचक बल्कि श्रद्धालुओं की भावनाओं को भी आहत करती हैं। फिलहाल, राजन जी महाराज की कथा गोरखपुर में जारी है, लेकिन यह घटना लंबे समय तक चर्चा में बनी रहने वाली है। वायरल वीडियो ने इस मामले को स्थानीय घटना से राष्ट्रीय बहस का मुद्दा बना दिया है।

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