एमपी में सोयाबीन किसानों के लिए खुशखबरी: इस दिन से होगा भावांतर योजना का पंजीयन, मूल्य अंतर का भुगतान सीधे बैंक खाते में होगा..मुख्यमंत्री मोहन यादव का निर्देश
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावांतर भुगतान योजना (Bhavantar Bhugtan Yojana) के क्रियान्वयन के लिए जिले के कलेक्टर्स और संबंधित अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिशा-निर्देश दिए। सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में सोयाबीन किसानों को उनके उत्पादन का सही मूल्य दिलाने के लिए सभी प्रशासनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं होगी और हितग्राही किसानों को सीधा लाभ मिले।
प्रधानमंत्री द्वारा निर्धारित MSP
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की चिंता को ध्यान में रखते हुए सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 5328 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। सीएम ने कहा कि जिस तरह धान और गेहूं पर किसानों को उनके परिश्रम का सही मूल्य दिलाया जाता है, उसी तरह सोयाबीन उत्पादक किसानों को भी लाभ दिलाया जाएगा।
पंजीयन की तारीख और प्रक्रिया
मध्यप्रदेश सरकार ने योजना के तहत ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन की प्रक्रिया 10 अक्टूबर से प्रारंभ करने का निर्णय लिया है। यह पंजीयन 25 अक्टूबर 2025 तक चलेगा।
भावांतर भुगतान की अवधि: 1 नवम्बर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक।
पंजीकरण और सत्यापन: राजस्व विभाग के माध्यम से किसानों और उनके रकबे का सत्यापन किया जाएगा।
भुगतान प्रक्रिया: पंजीकृत किसानों को उनके बैंक खाते में MSP और वास्तविक बिक्री मूल्य के अंतर की राशि सीधे हस्तांतरित की जाएगी। सीएम मोहन यादव ने कलेक्टर्स और अधिकारियों को क्षेत्रवार दायित्व देते हुए कहा कि भावांतर योजना के क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी जाए। जिले स्तर पर नियमित समीक्षा की जाए ताकि किसानों को सही दाम मिले।
सोशल मीडिया और जनप्रतिनिधियों की भूमिका
मुख्यमंत्री ने योजना के प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि योजना की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाएं। सीएम ने किसानों से अपील की कि पात्र किसान समय पर पंजीयन करवा लें, ताकि योजना के लाभ से कोई वंचित न रहे।
भावांतर योजना से किसानों को राहत
भावांतर योजना के अंतर्गत यदि बाजार मूल्य MSP से कम रहता है, तो सरकार फसल के विक्रय मूल्य और MSP के अंतर की राशि सीधे किसानों के खाते में जमा करेगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य है कि किसानों का उत्पादन उनके प्रयास के अनुसार उचित मूल्य प्राप्त करे और उन्हें बाजार की अनिश्चितताओं से राहत मिले। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, “किसानों का कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मध्यप्रदेश सरकार उनके हित में हर संभव कदम उठा रही है।”
किसानों के लिए योजना के फायदे
किसानों को उनके उत्पादन का न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलेगा। यदि बाजार मूल्य MSP से कम है, तो सरकार अंतर की भरपाई करेगी। योजना के तहत लाभार्थियों को सीधा भुगतान बैंक खाते में किया जाएगा। योजना के प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया और जनप्रतिनिधियों की मदद ली जाएगी। पंजीकरण और सत्यापन राजस्व विभाग के माध्यम से सुनिश्चित किया जाएगा। इन सभी उपायों से किसानों को सुरक्षित और पारदर्शी लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री का संदेश
सीएम मोहन यादव ने कहा कि भावांतर योजना किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर किसान तक योजना का लाभ पहुंचे। सीएम ने कहा कि सभी कलेक्टर्स और अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि योजना के कार्यान्वयन में कोई गड़बड़ी न हो, हितग्राही को लाभ समय पर और पूरी मात्रा में मिले, और योजना की सफलता के लिए सभी स्तर पर मॉनिटरिंग की जाए। मध्यप्रदेश सरकार की यह पहल सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए वास्तविक राहत साबित होगी। पंजीयन 10 अक्टूबर से प्रारंभ होने और भुगतान सीधे बैंक खाते में होने के कारण किसानों को MSP और बाजार मूल्य के अंतर का लाभ मिलेगा। यह योजना यह सुनिश्चित करती है कि किसान अपने उत्पादन का उचित मूल्य प्राप्त करें और किसी भी प्रकार के आर्थिक नुकसान से बच सकें। सरकार की यह पहल प्रदेश के अन्नदाताओं के कल्याण और आर्थिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
(प्रकाश कुमार पांडेय)