मध्यप्रदेश के किसानों के लिए खुशखबरी…गेहूं-धान खरीदी को लेकर बड़ा अपडेट

Good news for farmers of Madhya Pradesh

मध्यप्रदेश के किसानों के लिए खुशखबरी….गेहूं-धान खरीदी को लेकर बड़ा अपडेट

मध्यप्रदेश के किसानों के लिए इस बार रबी और खरीफ सीजन उम्मीदों से भरा हुआ है। राज्य सरकार ने गेहूं और धान की खरीदी को लेकर बड़ी तैयारी कर ली है, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम और समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन प्रक्रिया 7 फरवरी से शुरू हो चुकी है, जो 7 मार्च तक चलेगी। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूरे प्रदेश में 3186 पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं, ताकि दूर-दराज के किसानों को भी किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
https://thehawk.in/_next/image?q=75&url=https%3A%2F%2Fd2py10ayqu2jji.cloudfront.net%2F6231c014-c63c-4d06-945f-04e91e6849cd%2F202602033660971-0455b1dc-4460-4a30-be83-f6451803ad23.jpg&w=3840
गेहूं पर बढ़ा समर्थन मूल्य

इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पिछले साल की तुलना में 160 रुपये अधिक तय किया गया है। इससे किसानों को सीधे आर्थिक लाभ मिलेगा। सरकार का कहना है कि बढ़े हुए एमएसपी से किसानों की आय में वृद्धि होगी और उत्पादन के प्रति उनका उत्साह भी बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिए कि इस वर्ष मौसम अनुकूल रहने के कारण गेहूं की पैदावार बेहतर रहने की संभावना है। सरकार ने पहले से ही भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था कर ली है, ताकि खरीदी के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो और किसानों की उपज सुरक्षित रखी जा सके।

धान किसानों को भी राहत

केवल गेहूं ही नहीं, धान उत्पादक किसानों के लिए भी अच्छी खबर है। इस वर्ष धान का समर्थन मूल्य 2369 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो पिछली बार से अधिक है। प्रदेश में इस सीजन लगभग 51 लाख 74 हजार मीट्रिक टन धान का उत्पादन हुआ है। धान उपार्जन के लिए 8 लाख 59 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया, जिनमें से 7 लाख 89 हजार से ज्यादा किसानों ने स्पॉट बुकिंग के माध्यम से अपनी उपज बेचने की प्रक्रिया पूरी की। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि राज्य में खरीदी व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है।कृषि के साथ-साथ राज्य सरकार रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर भी जोर दे रही है। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से अपने-अपने क्षेत्रों में वस्त्र उद्योग (टेक्सटाइल यूनिट) लगाने की संभावनाएं तलाशने को कहा है। इससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल सकेगा और पलायन में कमी आएगी।

किसानों के लिए जरूरी अपील

सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे गेहूं उपार्जन के लिए समय रहते पंजीयन अवश्य कराएं। अंतिम तिथि 7 मार्च है। समय पर पंजीयन कराने से भुगतान और उपज विक्रय प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की परेशानी से बचा जा सकेगा।

एक नजर में महत्वपूर्ण जानकारी

राज्य सरकार का दावा है कि इस बार खरीदी व्यवस्था को पहले से अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया गया है। उद्देश्य साफ है—किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य समय पर मिले और प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था मजबूत हो। कुल मिलाकर, मध्यप्रदेश के किसानों के लिए यह सीजन उम्मीद और राहत दोनों लेकर आया है।

Exit mobile version