विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा बाजार में सोने की कीमतों में आने वाले समय में ज़बरदस्त रफ्तार लौट सकती है। एक तरफ गिरावट के बादों की चिंता है, वहीं दूसरी ओर बढ़ती केंद्रीय बैंक खरीद और निवेशकों की सुरक्षित-पनाह की तलाश इस सुनहरे धातु को फिर से चमकने का मौका दे सकती है।
सोने और चांदी की घरेलू फ्यूचर मार्केट में हाल के दिन-दिनों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। कुछ दिन पहले सोने की वायदा दर MCX पर गिरकर करीब ₹3,300 टूट चुकी थी, और चांदी में भी बड़ी गिरावट दर्ज हुई थी। लेकिन अब जानकारों का कहना है कि यह गिरावट एक अस्थायी ‘मुनाफा वसूली’ हो सकती है, न कि लंबे समय की कमजोरी।
लक्ष्मी डायमंड्स के चेयरमैन चेतन मेहता के मुताबिक, मौजूदा दौर में न केवल एशियाई बल्कि केंद्र-बैंक लेवल पर भी सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी है। मेहता का अनुमान है कि आने वाले कुछ हफ़्तों में सोने के दाम में 10% से लेकर 20% तक की तेजी आ सकती है, खासकर अगर निवेशक और अंतरराष्ट्रीय बैंक गोल्ड खरीदारी जारी रखें।
वहीं एक दिलचस्प ट्रेंड यह भी बन रहा है कि उपभोक्ता पुराना सोना (ज्वेलरी) एक्सचेंज कर नए सोने के टुकड़ों में बदलने लगे हैं। मेहता बताते हैं कि हाल के त्योहारों में सोने की बिक्री में लगभग 40-50% हिस्सेदारी एक्सचेंज गोल्ड की रही, और आने वाले समय में भी यह प्रवृत्ति 20-25% तक बनी रहने की संभावना है।
चांदी की मांग में भी बदलाव दिख रहा है। निवेशक अब चांदी ज्वेलरी के बजाय चांदी में निवेश करना पसंद कर रहे हैं। मेहता ने यह भी कहा कि शादी-मौके पर मांग फिर से बढ़ सकती है, लेकिन वर्तमान में गोल्ड इन्वेस्टमेंट ही सबसे लोकप्रिय विकल्प बना हुआ है।
नोट- हमारे द्वारा दी गई सोने-चांदी की दरें सांकेतिक हैं और इसमें जीएसटी, टीसीएस और मेकिंग चार्ज जैसे अन्य शुल्क शामिल नहीं हैं. सटीक दरों के लिए अपने स्थानीय जौहरी या ज्वैलर्स शॉप से संपर्क करें.





