Silver Price Crash: डॉलर की मजबूती से कीमती धातुओं पर दबाव, चांदी फिसली ₹2.5 लाख के स्तर तक, सोने में उतार-चढ़ाव बरकरार

डॉलर इंडेक्स में तेजी ने बढ़ाया दबाव, बुलियन बाजार में आई कमजोरी

मंगलवार को वैश्विक कमोडिटी बाजार में दबाव का माहौल देखने को मिला। सोना, चांदी, प्लैटिनम और पैलेडियम—चारों कीमती धातुओं में कमजोरी दर्ज की गई, जबकि अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में 0.2% की बढ़त आई। डॉलर के मजबूत होने से अन्य मुद्राओं में निवेश करने वालों के लिए डॉलर में कीमत तय होने वाला बुलियन महंगा हो गया। इस वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग पर असर पड़ा और कीमतों में गिरावट दिखी, ऐसा Reuters की रिपोर्ट में बताया गया।

राष्ट्रीय बाजार में चांदी लुढ़की, सोने ने दिखाई सीमित मजबूती

सोमवार को घरेलू सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में तेज गिरावट आई। चांदी 2% टूटकर ₹2.5 लाख प्रति किलोग्राम पर आ गई। इसके उलट सोने में हल्की मजबूती देखने को मिली और राष्ट्रीय राजधानी में सोना ₹700 बढ़कर ₹1,59,200 प्रति 10 ग्राम (99.9% शुद्धता) पर पहुंच गया। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के आंकड़ों के मुताबिक, चांदी की कीमत ₹5,000 गिरकर ₹2,50,000 प्रति किलोग्राम रह गई, जबकि पिछला बंद ₹2,55,000 था। निवेशकों ने हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली को तरजीह दी, जिससे चांदी पर ज्यादा दबाव दिखा।

रुपये को कच्चे तेल से सहारा, लेकिन एफआईआई निकासी बनी बाधा

फरवरी की शुरुआत में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद रुपये को थोड़ी राहत मिली थी, लेकिन विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FII) के अस्थिर प्रवाह और कंपनियों की डॉलर-हेजिंग ने फिर दबाव बढ़ा दिया। वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से मंगलवार को शुरुआती कारोबार में रुपया 1 पैसा मजबूत होकर 90.73 प्रति डॉलर पर पहुंचा। इंटरबैंक फॉरेक्स में रुपया 90.72 पर खुला और 90.73 पर कारोबार करता दिखा। फॉरेक्स ट्रेडर्स के अनुसार, मजबूत डॉलर और एफआईआई आउटफ्लो ने स्थानीय मुद्रा की बढ़त सीमित कर दी।

शेयर बाजार में कमजोरी, महंगाई के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता

घरेलू इक्विटी बाजार में भी शुरुआती कारोबार में दबाव रहा। सेंसेक्स करीब 246 अंकों की गिरावट के साथ 83,031 के आसपास फिसला, जबकि निफ्टी में 106 अंकों की कमजोरी दिखी। सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, थोक महंगाई दर जनवरी में बढ़कर 1.81% हो गई, जो लगातार तीसरा महीना है जब इसमें तेजी दर्ज हुई। खाद्य, गैर-खाद्य और विनिर्मित वस्तुओं की कीमतों में महीने-दर-महीने बढ़ोतरी ने बाजार की धारणा को कमजोर किया।

सोने का शॉर्ट-टर्म आउटलुक अस्थिर, दायरे में कारोबार के संकेत

कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि निकट अवधि में सोने की चाल उतार-चढ़ाव भरी रह सकती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें $5,000 के नीचे फिसलने के बाद $5,010 के आसपास संभलीं, जिससे घरेलू वायदा बाजार में भी रिकवरी दिखी। MCX पर सोना ₹1,55,500 के करीब लौट आया। एलकेपी सिक्योरिटीज के वीपी (रिसर्च) जतीन त्रिवेदी के अनुसार, अगले कुछ सत्रों में सोना ₹1,52,000 से ₹1,57,000 के दायरे में रह सकता है और डॉलर की चाल प्रमुख संकेतक बनी रहेगी।

चांदी वायदा में भी गिरावट, अंतरराष्ट्रीय संकेत कमजोर

चांदी वायदा में सोमवार को करीब 2% की गिरावट आई। MCX पर मार्च कॉन्ट्रैक्ट ₹3,630 टूटकर ₹2,40,730 प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर न्यूयॉर्क के Comex में मार्च डिलीवरी की चांदी 1.45% गिरकर $76.83 प्रति औंस पर आ गई। इंडसइंड सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी के मुताबिक, अमेरिका, चीन समेत कई देशों में छुट्टियों के कारण ट्रेडिंग हल्की रही, जिससे भागीदारी कम और कीमतों पर दबाव बढ़ा।

वैश्विक संकेतों पर नजर, निवेशकों के लिए सतर्कता जरूरी

कुल मिलाकर, डॉलर की मजबूती, एफआईआई निकासी और वैश्विक अनिश्चितताओं ने कीमती धातुओं की चाल को कमजोर किया है। जहां सोना सीमित दायरे में टिकने की कोशिश कर रहा है, वहीं चांदी में ज्यादा उतार-चढ़ाव दिख रहा है। निवेशकों के लिए सलाह यही है कि वे डॉलर इंडेक्स, वैश्विक ब्याज दर संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों पर करीबी नजर रखें, क्योंकि यही अगले कुछ दिनों में बुलियन बाजार की दिशा तय करेंगे।

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