Gold Price: सोने का 20 साल में 1200% उछाल, चांदी भी रिकॉर्ड पर; जानें 27 अगस्त 2025 के भाव और मार्केट एक्सपर्ट्स की राय
सोने और चांदी के बाजार में लंबे समय से लगातार उछाल देखने को मिल रहा है। पिछले 20 वर्षों में सोने की कीमतों में लगभग 1200 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 2005 में 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 7,638 रुपये में बिक रहा था, जो अब जून 2025 में 1 लाख रुपये के पार पहुंच गया। वहीं चांदी ने भी पिछले दो दशकों में 668.84 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। निवेशक लंबे समय से इन कीमती धातुओं को महंगाई और शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव के मुकाबले सुरक्षित विकल्प मानते आए हैं।
वर्तमान में अमेरिकी सरकार द्वारा भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लागू किए जाने के बाद घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी देखी गई। एमसीएक्स पर सोना अक्टूबर 3 कंट्रैक्ट्स 0.44 प्रतिशत बढ़कर 1,01,070 रुपये पर कारोबार कर रहा है, जबकि चांदी सितंबर 5 कंट्रैक्ट्स 0.46 प्रतिशत गिरकर 1,15,774 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक आर्थिक स्थिति और भूराजनीतिक परिस्थितियों में उथल-पुथल बढ़ती है तो सोने की चमक और तेज हो सकती है। वहीं, अगर तनाव में कमी आती है, तो निवेशक अन्य निवेश साधनों की ओर रुख कर सकते हैं।
भारत में सोने और चांदी की कीमतों को अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर-रुपया विनिमय दर, आयात शुल्क, GST और स्थानीय मांग प्रभावित करते हैं। भारतीय निवेशक इन धातुओं को न केवल निवेश के रूप में देखते हैं, बल्कि सांस्कृतिक और पारंपरिक कारणों से भी खरीदी करते हैं।
सालाना रिटर्न और लंबी अवधि का लाभ
सोने ने पिछले 20 वर्षों में सालाना आधार पर औसतन 31 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। इससे यह शेयर बाजार और अन्य निवेश साधनों की तुलना में बेहतर साबित हुआ। चांदी भी 20 साल में 668.84 प्रतिशत ऊपर गई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि महंगाई बढ़ने या शेयर बाजार अस्थिर होने पर सोना निवेशकों के लिए सबसे सुरक्षित विकल्प है।
प्रमुख शहरों में 27 अगस्त 2025 के सोना-चांदी के भाव
| शहर | 24 कैरेट सोना (₹/10 ग्राम) | 22 कैरेट सोना (₹/10 ग्राम) | चांदी (₹/किलो) |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | 1,00,910 | 92,583 | 1,15,700 |
| मुंबई | 1,01,090 | 92,800 | 1,15,750 |
| कोलकाता | 1,00,950 | 92,620 | 1,15,780 |
| बेंगलुरू | 1,01,170 | 92,910 | 1,15,790 |
| हैदराबाद | 1,01,250 | 92,970 | 1,15,770 |
| चेन्नई | 1,01,380 | 93,050 | 1,15,760 |
| भोपाल | 1,01,050 | 92,850 | 1,15,740 |
वैश्विक और घरेलू कारक
सोने और चांदी के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर में तय होते हैं। डॉलर की मजबूती या रुपया कमजोर होने पर भारतीय बाजार में कीमतें बढ़ जाती हैं। इसके अलावा, सीमा शुल्क, GST और स्थानीय टैक्स भी कीमतों को प्रभावित करते हैं। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और युद्ध जैसे घटनाक्रम निवेशकों को सोने की ओर आकर्षित करते हैं।
मार्केट एक्सपर्ट्स की राय
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में सोने की कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि, अगर वैश्विक तनाव घटता है, तो निवेशक सोने की बजाय अन्य निवेश विकल्पों को प्राथमिकता दे सकते हैं। वहीं, चांदी ने हाल के समय में स्थिरता दिखाई है और निवेशक इसे भी सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं।
निवेशकों के लिए टिप्स
सोने और चांदी में निवेश लंबे समय के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। महंगाई और शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव के समय इन धातुओं में निवेश सुरक्षित विकल्प है। इसके अलावा, त्योहारों, शादी-ब्याह और पारंपरिक अवसरों पर सोने की मांग भी कीमतों को प्रभावित करती है।
नोट- हमारे द्वारा दी गई सोने-चांदी की दरें सांकेतिक हैं और इसमें जीएसटी, टीसीएस और मेकिंग चार्ज जैसे अन्य शुल्क शामिल नहीं हैं. सटीक दरों के लिए अपने स्थानीय जौहरी या ज्वैलर्स शॉप से संपर्क करें.