24 सितंबर 2026 को घरेलू सराफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार चौथे दिन गिरावट देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिले कमजोर संकेतों के बीच दोनों कीमती धातुओं के दाम नीचे आए हैं। त्योहारी सीजन से पहले लगातार हो रही इस गिरावट से सोना-चांदी खरीदने वाले ग्राहकों को कुछ राहत मिली है। IBJA के आंकड़ों के मुताबिक, 24 कैरेट सोने के भाव में आज करीब ₹853 प्रति 10 ग्राम की कमी आई है। इसके बाद कीमत करीब ₹1.51 लाख प्रति 10 ग्राम रह गई।
चार दिनों में सोने के भाव में करीब ₹2,500 की गिरावट दर्ज हुई
24 कैरेट सोने में आज की गिरावट के बाद इसकी कीमत 1.51 लाख रुपये के आसपास पहुंच गई है। वहीं 22 कैरेट सोना, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से आभूषण बनाने में होता है, करीब ₹1.40 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया। पिछले चार कारोबारी दिनों को देखें तो सोने की कीमत में कुल मिलाकर करीब ₹2,500 प्रति 10 ग्राम की कमी दर्ज हुई है।
चांदी में आज ₹2,716 की बड़ी गिरावट, चार दिन में करीब ₹7 हजार सस्ती
सोने के साथ चांदी के दाम में भी तेज गिरावट आई है। आज एक किलोग्राम चांदी की कीमत में करीब ₹2,716 की कमी दर्ज हुई। इसके बाद चांदी का भाव करीब ₹2.30 लाख प्रति किलोग्राम रह गया है। पिछले चार दिनों में चांदी करीब ₹7,000 प्रति किलो तक सस्ती हो चुकी है, जिससे खरीदारों को बड़ी राहत मिली है।
दिल्ली-मुंबई समेत बड़े शहरों में भी कीमतों पर दबाव देखने को मिला
देश के अलग-अलग शहरों में सोने-चांदी के खुदरा भाव में थोड़ा अंतर रहता है। इसकी वजह स्थानीय टैक्स, ज्वेलरी मेकिंग चार्ज और बाजार की स्थिति होती है। 24 सितंबर को दिल्ली और मुंबई समेत प्रमुख महानगरों में भी कीमती धातुओं के बाजार में गिरावट का असर दिखाई दिया। चेन्नई, कोलकाता और बेंगलुरु जैसे शहरों में भी भाव कमजोर रहे।
डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड मजबूत होने से सोने पर दबाव बढ़ा
कीमती धातुओं में आई इस गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेतों को अहम माना जा रहा है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में बदलाव के बाद डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में मजबूती देखी गई। इससे सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों की मांग पर दबाव पड़ा और कीमतों में कमजोरी आई।
त्योहारों से पहले मांग बढ़ी तो कीमतों को मिल सकता है सहारा
बाजार में गिरावट के बावजूद आगे की तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। अमेरिका-ईरान बातचीत और मध्य पूर्व से जुड़े घटनाक्रमों के कारण वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। दूसरी ओर, त्योहारी मौसम में घरेलू स्तर पर सोने की मांग बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में कीमतों को निचले स्तरों पर सहारा मिल सकता है। हालांकि, भविष्य की कीमतों को लेकर निश्चित अनुमान लगाना संभव नहीं है।
नोट- हमारे द्वारा दी गई सोने-चांदी की दरें सांकेतिक हैं और इसमें जीएसटी, टीसीएस और मेकिंग चार्ज जैसे अन्य शुल्क शामिल नहीं हैं. सटीक दरों के लिए अपने स्थानीय जौहरी या ज्वैलर्स शॉप से संपर्क करें.