मुनाफावसूली के चलते सोने की कीमतों में गिरावट
18 जून को सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली करने के चलते घरेलू वायदा बाजार में सोने की दरों पर दबाव पड़ा है। इसके अलावा अमेरिका में आज फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर होने वाला निर्णय और इज़राइल-ईरान तनाव ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।
मध्य पूर्व संकट और फेड रेट की अनिश्चितता से दबाव
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिका द्वारा दरों में बदलाव की संभावनाओं ने सोने की चमक को थोड़ी देर के लिए मंद कर दिया है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि भू-राजनीतिक संकट और व्यापारिक जोखिमों के चलते सोने की कीमतों को एक स्थिर समर्थन भी मिल रहा है।
20 साल में 1,200% बढ़ी कीमतें
2005 में ₹7,638 प्रति 10 ग्राम बिकने वाला सोना आज 2025 में ₹1,00,000 के पार जा चुका है। यानी 20 सालों में इसकी कीमतों में 1,200 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई है। बीते दो दशकों में 16 वर्षों में सोने ने निवेशकों को पॉजिटिव रिटर्न्स दिए हैं।
YTD 2025 में 31% की बढ़त
वर्ष 2025 की शुरुआत से अब तक (YTD) सोने की कीमतों में करीब 31% का उछाल आया है। इसे 2025 का सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला एसेट क्लास माना जा रहा है। यह दिखाता है कि सोना न सिर्फ एक सुरक्षित निवेश विकल्प है, बल्कि लॉन्ग टर्म में बेहतरीन रिटर्न भी देता है।





