जर्मनी ने भारतीय पासपोर्ट धारकों को दी वीज़ा-फ्री ट्रांजिट सुविधा, भारत-जर्मनी के बीच 19 अहम समझौते

Germany offers visa free transit to Indian passport holders

जर्मनी ने भारतीय पासपोर्ट धारकों को दी वीज़ा-फ्री ट्रांजिट सुविधा, भारत-जर्मनी के बीच 19 अहम समझौते

अहमदाबाद। भारत और जर्मनी ने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ के बीच हुई अहम वार्ता के बाद दोनों देशों ने रक्षा, व्यापार, सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स, शिक्षा और टेलीकॉम जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 19 समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान जर्मनी ने भारतीय पासपोर्ट धारकों को बड़ी सौगात देते हुए जर्मनी से होकर यात्रा करने पर वीज़ा-फ्री ट्रांजिट की घोषणा भी की, जिससे लोगों के आपसी संपर्क को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज़ ने वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का संकल्प लिया। दोनों नेताओं ने कहा कि बदलते वैश्विक हालात में भारत और जर्मनी मिलकर चुनौतियों का सामना करेंगे और अवसरों को साझा करेंगे।

19 समझौतों पर बनी सहमति

पीएम मोदी और चांसलर मर्ज़ के बीच हुई बातचीत के बाद जिन 19 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए, उनमें सबसे अहम रक्षा औद्योगिक सहयोग का रोडमैप और उच्च शिक्षा में सहयोग बढ़ाने से जुड़ा व्यापक समझौता शामिल है। इसके अलावा टेलीकॉम सेक्टर में सहभागिता को लेकर भी एक अलग समझौता किया गया है। इन समझौतों से दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग, निवेश और ज्ञान के आदान-प्रदान को गति मिलेगी।

EU-भारत मुक्त व्यापार समझौते पर जोर

दोनों नेताओं ने भारत-यूरोपीय संघ (EU) मुक्त व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने की वकालत की। उनका मानना है कि इस समझौते से भारत और यूरोप के बीच व्यापार का दायरा और बढ़ेगा तथा दोनों अर्थव्यवस्थाओं को लाभ मिलेगा। पीएम मोदी ने कहा कि मजबूत व्यापारिक रिश्ते रणनीतिक साझेदारी को नई ऊर्जा देते हैं।

वीज़ा-फ्री ट्रांजिट से बढ़ेगा संपर्क

जर्मनी की ओर से भारतीय पासपोर्ट धारकों को वीज़ा-फ्री ट्रांजिट देने की घोषणा को बड़ी राहत माना जा रहा है। इससे यूरोप और अन्य देशों की यात्रा करने वाले भारतीय यात्रियों को सुविधा मिलेगी। यह फैसला पीपल-टू-पीपल कनेक्ट को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है।

रक्षा और सुरक्षा सहयोग पर फोकस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में बढ़ता सहयोग दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और साझा दृष्टिकोण का प्रतीक है। उन्होंने रक्षा व्यापार से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए चांसलर मर्ज़ का आभार जताया। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए एक रोडमैप पर काम करेंगे, जिससे को-डेवलपमेंट और को-प्रोडक्शन के नए अवसर खुलेंगे।

इंडो-पैसिफिक और वैश्विक मुद्दों पर सहमति

वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून, विशेष रूप से यूएनसीएलओएस (समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र संधि) के सम्मान पर जोर दिया। इस मौके पर भारत-जर्मनी के बीच नया द्विपक्षीय इंडो-पैसिफिक परामर्श तंत्र शुरू करने की भी घोषणा की गई। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब क्षेत्र में चीन की सैन्य गतिविधियां बढ़ रही हैं।

IMEC परियोजना को मिला समर्थन

पीएम मोदी और चांसलर मर्ज़ ने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक कॉरिडोर (IMEC) के प्रति भी मजबूत समर्थन जताया। दोनों नेताओं ने कहा कि यह परियोजना वैश्विक व्यापार, कनेक्टिविटी और समृद्धि को नई दिशा दे सकती है।

ग्रीन हाइड्रोजन और सप्लाई चेन

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और जर्मनी मिलकर जलवायु, ऊर्जा, शहरी विकास और शहरी मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में नए प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि ग्रीन हाइड्रोजन से जुड़ी मेगा परियोजना भविष्य की ऊर्जा के लिए गेम-चेंजर साबित होगी। साथ ही दोनों देश सुरक्षित, भरोसेमंद और मजबूत सप्लाई चेन बनाने पर भी साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

व्यापार और निवेश में रिकॉर्ड

पीएम मोदी ने कहा कि भारत-जर्मनी व्यापार और निवेश संबंध अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं और द्विपक्षीय व्यापार 50 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर चुका है। उन्होंने बताया कि भारत में 2,000 से ज्यादा जर्मन कंपनियां लंबे समय से मौजूद हैं, जो भारत में मौजूद अवसरों और भरोसे को दर्शाता है।

आतंकवाद के खिलाफ साझा संकल्प

दोनों नेताओं ने आतंकवाद को मानवता के लिए गंभीर खतरा बताते हुए इसके खिलाफ पूरी मजबूती से लड़ने का संकल्प दोहराया। संयुक्त बयान में सभी प्रकार के आतंकवाद, खासकर सीमा पार आतंकवाद की कड़ी निंदा की गई। दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र की 1267 प्रतिबंध समिति में सूचीबद्ध आतंकवादी संगठनों के खिलाफ सहयोग मजबूत करने पर सहमति जताई।

कौशल और शिक्षा में नई साझेदारी

चांसलर मर्ज़ ने कहा कि जर्मनी में भारत से कुशल श्रमिकों, खासकर हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की जरूरत तेजी से बढ़ रही है। पीएम मोदी और मर्ज़ के बीच हुई बातचीत के बाद स्किल पार्टनरशिप समझौता किया गया, जिससे भारतीय नर्सों और केयरगिवर्स को जर्मनी में काम करने के अवसर मिलेंगे। जर्मनी में करीब 3 लाख भारतीय प्रवासी और 60 हजार छात्र पहले से रह रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि प्रतिभा की आवाजाही, माइग्रेशन और स्किलिंग पर विशेष जोर दिया गया है। उन्होंने जर्मन विश्वविद्यालयों को भारत में अपने कैंपस खोलने का भी आमंत्रण दिया।

वैश्विक संकटों पर चर्चा

दोनों नेताओं ने यूक्रेन युद्ध, गाज़ा की स्थिति सहित कई वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की। पीएम मोदी ने कहा कि भारत हमेशा समस्याओं के शांतिपूर्ण समाधान का पक्षधर रहा है। साथ ही उन्होंने वैश्विक संस्थानों में सुधार, खासकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सुधार पर भारत-जर्मनी की साझा सोच को दोहराया। कुल मिलाकर, यह यात्रा और समझौते भारत-जर्मनी संबंधों को नई मजबूती देने वाले साबित हो सकते हैं और आने वाले वर्षों में दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करेंगे।

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