गहलोत ने फिर याद किया मानेसर कांड…जानें मानेसर कांड से क्या है सचिन पायलट का संबंध…!
राजस्थान में अब बीजेपी की सरकार है लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बार बार अपने कार्यकाल को याद करते हैं। अशोक गहलोत अपने कार्यकाल को विकास कार्यों या किसी और कारण से नहीं याद करते बल्कि गहलोत उसे याद करते समय हमेशा मानेसर कांड को याद करते हैं।
- फिर क्यों याद आया गहलोत को मानेसर कांड
- पूर्व सीएम गहलोत बार बार करते हें अपने कार्यकाल को याद
- गहलोत हमेशा मानेसर कांड को करते हैं याद
- 2018 में तत्कालीन डिप्टी सीएम पायलट ने की थी बगावत
- बागी पायलट अपने समर्थकों के साथ चले गए थे मानेसर
- मानेसर के रिसोर्ट में डाला था पायलट ने डेरा
- बगावत की लेकिन नहीं गिरी थी गहलोत सरकार
- चली गई थी पायलट की डिप्टी सीएम की कुर्सी
- राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष का पद भी छिन गया था
राजस्थान में पिछले दिनों पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में राज्य के पूर्व सीएम गहलोत ने मानेसर कांड को याद किया। गहलोत ने कहा कि राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा उसी कांड की देन हैं। गहलोत के इस बयान पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी में बैठे नेता अपने आप को रोक नहीं पाए और उन्होंने जमकर ठहाके लगाए।
दरअसल राजीव गांधी को श्रृद्दांजलि देने के लिए कांग्रेस के कई बड़े नेता जमा हुए थे। इस दौरान पूर्व सीएम गहलोत ने कहा कि तीन बार मुख्यमत्री बनना और पूरे पांच साल सरकार चलाना आसान बात नहीं है। इसी दौरान उन्होंने मानेसर कांड को भी याद किया और कहा कि डोटासरा उसी की देन है। बता दें साल 2018 में जब राजस्थान में कांग्रेस सरकार थी, उस समय सचिन पायलट डिप्टी सीएम थे।
सचिन के बाद डोटासरा को बनाया था प्रदेशाध्यक्ष
उन्होंने गहलोत को चुनौती देते हुए सरकार गिराने की कोशिश की थी। पायलट अपने समर्थक विधायकों के साथ मानेसर के एक रिसोर्ट में चले गए थे। तीन चार दिन चले ड्रामे के बाद भी गहलोत सरकार नहीं गिरी। उल्टा आलाकमान ने सचिन पायलट को ही डिप्टी सीएम पद के साथ ही राजस्थान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद से भी हटा दिया था। इसके बाद गोविंद सिंह डोटासरा को कांग्रेस पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था।…प्रकाश कुमार पांडेय