टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने इस सफलता का श्रेय केवल मौजूदा खिलाड़ियों को ही नहीं, बल्कि उन दिग्गजों को भी दिया जिन्होंने टीम की नींव मजबूत की। जीत के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने साफ कहा कि यह ट्रॉफी कई लोगों की मेहनत का परिणाम है और टीम की तैयारी लंबे समय से चल रही प्रक्रिया का हिस्सा रही है।
ट्रॉफी सबसे पहले राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण को समर्पित करने की बात कही
जीत के बाद गंभीर ने सबसे पहले पूर्व मुख्य कोच राहुल द्रविड़ और एनसीए (अब बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण को याद किया। उन्होंने कहा कि द्रविड़ ने अपने कार्यकाल में भारतीय क्रिकेट को मजबूत आधार दिया, जिसकी वजह से टीम आज इतनी संतुलित नजर आती है। गंभीर के मुताबिक, द्रविड़ की मेहनत और दूरदृष्टि ने खिलाड़ियों को आत्मविश्वास दिया और टीम को जीत के लिए तैयार किया।
बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की भूमिका को भी बताया अहम
गंभीर ने कहा कि लक्ष्मण ने पर्दे के पीछे रहकर भारतीय क्रिकेट को मजबूत बनाने में बड़ा योगदान दिया है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को उन्होंने भारतीय क्रिकेट की ‘पाइपलाइन’ बताते हुए कहा कि यहीं से खिलाड़ियों की तैयारी, फिटनेस और वापसी की प्रक्रिया मजबूत होती है। उनके अनुसार, इस संस्थान ने युवा और अनुभवी दोनों तरह के खिलाड़ियों को स्थिरता और आत्मविश्वास दिया।
टीम चयन में अजीत अगरकर की ईमानदारी और समर्थन की सराहना की
मुख्य कोच ने चयन समिति के प्रमुख अजीत अगरकर की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि कठिन समय में चयनकर्ताओं का समर्थन बेहद महत्वपूर्ण रहा और अगरकर ने ईमानदारी के साथ टीम बनाने का काम किया। गंभीर के अनुसार, टीम को लेकर लिए गए फैसलों ने कठिन परिस्थितियों में भी खिलाड़ियों का मनोबल बनाए रखा।
जय शाह के भरोसे और अपने अनुभवहीन होने के दौर को भी याद किया
गंभीर ने जय शाह का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि मुश्किल दौर में उनका भरोसा बहुत मायने रखता था। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि मुख्य कोच बनने से पहले उनके पास बड़े स्तर पर कोचिंग का अनुभव नहीं था, लेकिन बोर्ड ने उन पर विश्वास जताया। गंभीर ने कहा कि यही भरोसा उनके लिए प्रेरणा बना और उन्हें विश्वास दिलाया कि भारतीय क्रिकेट सही हाथों में है।