अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने जाति और धर्म की राजनीति पर खुलकर निशाना साधा। अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाने वाले गडकरी ने कहा कि समाज को जात-पात और धर्म के आधार पर बांटने की कोशिश देश के लिए बेहद नुकसानदायक है और वे इस तरह की राजनीति में बिल्कुल विश्वास नहीं करते। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि गैस, पेट्रोल और डीजल की कीमतें हर नागरिक के लिए समान होती हैं, चाहे वह किसी भी धर्म या जाति का हो। इससे साफ है कि विकास और सुविधाओं में भेदभाव की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। गडकरी ने आगे कहा कि जातिगत राजनीति से देश का कोई भला नहीं हो सकता। कई नेता मंच से जाति की बात करते हैं, लेकिन निजी तौर पर अपने परिवार के लिए टिकट मांगते हैं। ऐसे नेताओं को उन्होंने ढोंगी बताते हुए कहा कि अब जनता सब समझ चुकी है। अपने भाषण के अंत में उन्होंने सख्त लहजे में कहा, “जो करेगा जात की बात, उसको मारूंगा कस के लात।” उनका यह बयान अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।




