पिनाका MK-1 से लेकर ड्रोन तक… विजयदशमी पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने की शस्त्र पूजा

From Pinaka MK 1 to drones RSS chief Mohan Bhagwat performed arms worship on Vijayadashami

पिनाका MK-1 से लेकर ड्रोन तक… विजयदशमी पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने की शस्त्र पूजा

नागपुर। विजयदशमी के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने गुरुवार को अपनी स्थापना के 100 साल पूरे कर लिए। इस खास अवसर पर नागपुर स्थित रेशमबाग मैदान में भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें संघ प्रमुख मोहन भागवत ने शस्त्र पूजा की।

शस्त्र पूजा में इस बार न केवल पारंपरिक हथियार बल्कि आधुनिक हथियारों और तकनीकी साधनों के प्रतिरूप भी शामिल किए गए। इनमें पिनाका एमके-1, पिनाका एन्हांस, आधुनिक रॉकेट सिस्टम और ड्रोन प्रमुख रूप से प्रदर्शित हुए।

शस्त्र पूजा का अनोखा नजारा

रेशमबाग मैदान में हजारों स्वयंसेवकों की मौजूदगी में मोहन भागवत ने शस्त्रों की पूजा कर कार्यक्रम की शुरुआत की। संघ के स्वयंसेवकों ने परंपरागत व्यायाम योग, दंड-प्रदर्शन और शस्त्रों का सामूहिक प्रदर्शन किया।

इस अवसर पर पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। कार्यक्रम में संघ संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार को श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई।

संघ ने 100 साल पूरे किए 
संघ की स्थापना 1925 में विजयदशमी के दिन हुई थी। डॉ. हेडगेवार ने इस संगठन की नींव नागपुर से रखी थी। गुरुवार को RSS का शताब्दी वर्ष शुरू हुआ। देशभर में 83 हजार से ज्यादा शाखाओं में विजयदशमी उत्सव मनाया गया, जबकि नागपुर के मुख्य कार्यक्रम में 20 हजार से अधिक स्वयंसेवक शामिल हुए। मोहन भागवत, जो 2009 से संघ की कमान संभाल रहे हैं, संघ के छठवें सरसंघचालक हैं। शस्त्र पूजा और संघ शताब्दी कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद विशेष अतिथि बने। उन्होंने संघ की भूमिका और उसकी सामाजिक गतिविधियों की सराहना की। इस मौके पर गडकरी और फडणवीस ने भी संघ के योगदान को याद करते हुए कहा कि यह संगठन बीते 100 सालों से राष्ट्रहित और समाजहित में काम कर रहा है।

20 हजार स्वयंसेवकों की मौजूदगी

रेशमबाग मैदान में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में संघ के लगभग 20 हजार स्वयंसेवक गणवेश में उपस्थित रहे। उन्होंने अनुशासन, परंपरा और शक्ति का सामूहिक प्रदर्शन किया। विभिन्न शाखाओं से आए स्वयंसेवकों ने व्यायाम और परेड का प्रदर्शन किया, जिससे माहौल और भी ऊर्जावान बना।

पीएम मोदी ने लिखा लेख

इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक विशेष लेख लिखा। उन्होंने डॉ. हेडगेवार और संघ को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि संघ की स्थापना से लेकर आज तक संगठन का प्रमुख ध्येय रहा है—राष्ट्र का विकास और समाज का उत्थान। पीएम मोदी ने अपने लेख में यह भी लिखा कि 100 साल पहले संघ की चुनौतियां अलग थीं और आज की चुनौतियां अलग हैं। फिर भी संघ ने हमेशा समयानुसार खुद को ढाला और समाज सुधार के लिए कार्य किया। उन्होंने कहा कि ऊंच-नीच की भावनाओं और कुप्रथाओं के खिलाफ संघ ने निरंतर प्रयास किए हैं और आने वाले वर्षों के लिए भी एक स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है।

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