ये थे लता मंगेशकर के अंतिम शब्द…
जीवन की एक कड़वी सच्चाई…
6 फरवरी 2022 को हमसे बहुत दूर चली गईं थी हमारी स्वर कोकिला लता जी
आज भी दिलों में जीवित हैं लता जी
देश की प्रसिद्ध सिंगर लता मंगेशकर को इस दुनिया से विदा लिए करीब चार साल होने वाले हैं, लेकिन आज भी वे अपनी आवाज के जरिए हर दिलों में राज करती हैं। उनकी मधुर आवाज में गाने सुनते ही लोग उन्हें याद करने लगते हैं। 6 फरवरी 2022 की वो मनहुस तारीख थी, जिसने स्वर कोकिला को हमसे छीन लिया लेकिन क्या आप जानते हैं जब वे अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहीं थी तब उनके अंतिम शब्द क्या थे।
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लता मंगेशकर के अंतिम शब्द
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शोहरत से अस्पताल तक का सफर
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मौत के सामने सब बराबर
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दौलत, नाम और बेबसी
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जब स्वर कोकिला सच बोलीं
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जिंदगी की सबसे कड़वी सच्चाई
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ऐश्वर्य से व्हीलचेयर तक
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अपनों की दुआ ही सहारा
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इंसान की असली हैसियत
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नश्वर जीवन का आईना
Tributes to Lata Mangeshkar: देश के महंगे अस्पताल में इलाज के दौरान लता मंगेश्कर कहा करती थीं कि ”इस दुनिया में मौत से ज्यादा सच कुछ भी नहीं है। दुनिया की सबसे महंगी ब्रांडेड कारें आज उनके गैरेज में खड़ी हैं, लेकिन मैं एक व्हीलचेयर तक सीमित हो गई हूँ। इस दुनिया के तमाम डिजाइन, रंग, महंगे कपड़े, महंगे जूते और कीमती सामान मेरे घर में मौजूद हैं, लेकिन वे अस्पताल के दिए हुए एक मामूली से गाउन में हैं…!!! लता जी कहती थीं उनके बैंक अकाउंट में बहुत सारा पैसा है, लेकिन अब उसका कोई फायदा नहीं। उनका घर उनके लिए किसी महल जैसा है, लेकिन आज वे अस्पताल के एक छोटे से बिस्तर पर पड़ी हैं। लता जी कहती थीं कि वे इस दुनिया के नामी फाइव-स्टार होटलों में जाया करती थी, लेकिन अब उन्हें अस्पताल में ही जांच के लिए एक लैब से दूसरी लैब भेजा जा रहा है…!!!
महल से अस्पताल का बिस्तर
एक समय था जब हर रोज 7 हेयर ड्रेसर उनके बाल संवारने आया करते थे, लेकिन आज उनके सिर पर बाल नहीं हैं। उन्होंने दुनिया भर के बेहतरीन फाइव-स्टार होटलों में अपनी पसंद का खाना खाया है, लेकिन आज उनकी खुराक दिन में दो गोलियां और रात को नमक की एक बूंद बनकर रह गई है। वे दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में निजी विमानों से हवाई यात्रा कियर करती थीं, लेकिन आज अस्पताल के बरामदे में चलने के लिए भी उन्हें दो लोगों की मदद लेना पड़ रही है।
शोहरत से कमजोरी तक
लता जी के अंतिम शब्द थे कि किसी भी सुख-सुविधा ने आज उनकी मदद नहीं की, लेकिन कुछ अपनों के चेहरे और उनकी दुआएं ही उन्हें जिंदा रखे हुए हैं। और बस यही जिंदगी है। इस जिंदगी की बस यही एक सच्चाई है। अपनों की दुआ ही ताकत..हालांकि इंटरनेट पर स्वर कोकिला लता मंगेशकर जी के नाम से यह यह संदेश बेहद वायरल हुआ था, लेकिन लता जी की टीम के सदस्यों या परिवार के किसी सदस्य की ओर से कभी इस संदेश की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इस संदेश को अक्सर जीवन की नश्वरता को समझाने के लिए एक ‘प्रेरक संदेश’ Inspirational Message के तौर पर में उपयोग किया जाता है।… लता दीदी की चौथी पुण्य तिथि पर सादर नमन!..https://liveindia.news लताजी के इस संदेश की पुष्टि नहीं करता है..
6 फरवरी को चौथी पुण्यतिथि
बता दें महान पार्श्व गायिका लता मंगेशकर ने 6 फरवरी 2022 मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। 92 वर्ष की उम्र में उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कहा। लता जी, जिन्हें दुनिया भर में ‘मेलोडी क्वीन’ के नाम से जाना जाता था, लंबे समय से अस्वस्थ चल रही थीं। उन्हें 8 जनवरी 2022 को कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उनकी हालत गंभीर बनी रही और आखिरकार 6 फरवरी की सुबह उनका निधन हो गया। लता मंगेशकर का जाना आज भी भारतीय संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जाता है। उन्होंने अपने करियर में हजारों गीतों को अपनी आवाज दी और कई पीढ़ियों के दिलों पर राज किया। उनकी मधुर आवाज और भावपूर्ण गायकी ने उन्हें अमर बना दिया है। बता दें लता मंगेशकर को वर्ष 2001 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। उनका योगदान भारतीय संगीत और संस्कृति में हमेशा याद किया जाएगा।





