भोपाल की उत्तर विधानसभा सीट से 6 बार विधायक रह चुके कांग्रेस के पूर्व विधायक आरिफ अकील का सोमवार 29 जुलाई की अलसुबह इंतकाल हो गया। आरिफ अकील लंबे समय से से बीमार चल रहे थे। दो बार कांग्रेस की सरकार में वे मंत्री भी बनाए गए थे। कांग्रेस सरकार के दौरान उन्हें अल्पसंख्यक कल्याण के साथ जेल और खाद्य विभाग जैसी अहम जिम्मेदारी दी थी। बता दें आरिफ अकील 1990 में पहली बार विधायक चुने गये थे। खराब स्वास्थ्य के चलते आरिफ अकील ने पिछली बार 2023 में भोपाल उत्तर सीट से अपने बेटे को टिकट दिलवाया था। अब आरिफ के बेटे आतिफ अकील उत्तर सीट से मौजूदा विधायक हैं।
- आरिफ अकील का जन्म 14 जनवरी 1952 हुआ था
- 1990 में पहली बार विधायक चुने गए थे आरिफ अकील
- छात्र नेता के रूप में शुरु किया राजनीतिक सफर
- 1977 में कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI के उपाध्यक्ष रहे
- 1993 में लड़ा जनता दल के बैनर तले चुनाव
- एमपी वक्फ बोर्ड और बार काउंसिल के रहे सदस्य
- 1998 के कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की
- खराब सेहत की वजह से पिछली बार नहीं लड़ा था चुनाव
- 2023 में बेटे आतिफ अकील को लड़ाया था चुनाव
दिग्विजय सिंह ने जताया शोक कहा छूट गया 40 साल पुराना साथ
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शोक जताते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि यह बेहद दुखद है। उनके मित्र और भाई आरिफ़ अकील का निधन हो गया। युवक कांग्रेस से लेकर आज तक लगभग 40 साल तक आरिफ अकील के साथ उनका भाई समान पारिवारिक संबंध रहा। अल्लाह ताला से वे दुआ करते हैं उन्हें जन्नत अता फ़रमाएं।
बता दें आरिफ अकील को पिछले साल हार्ट में दिक्कत हुई थी। 2023 की शुरुआत में ही उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। डॉक्टरों की जांच में उनके हार्ट में ब्लॉकेज पाए गए थे। ऐसे में गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में उनके हार्ट की सर्जरी भी हुई थी। सर्जरी के बाद 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपने बेटे आतिफ अकील को कांग्रेस के टिकट पर मैदान में उतारा था, आतिफ विधायक चुनकर आए। आरिफ अकील के बेटे आतिफ अकील ने बताया कि दर्द की शिकायत के बाद उन्हें रविवार शाम भोपाल के अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
लगातार 6 बार रहे उत्तर सीट से विधायक
आरिफ अकील भोपाल उत्तर सीट से लगातार छह बार विधायक चुने गए थे। आरिफ अकील को लोग प्यार से शेर ए भोपाल बुलाते थे। इसकी वजह थी भोपाल उत्तर सीट पर उनका दबदबा। दो दशक से ज़्यादा समय तक भारतीय जनता पार्टी हर संभव प्रयास के बावजूद इस सीट पर उन्हें हरा नहीं पाई।
गैस कांड के बाद बसाया कस्बा
दिवंगत आरिफ अकील अक्सर लोगों की मदद किया करते थे। भोपाल में 1984 में यूनियन कार्बाइड गैस हादसे के बाद वे जनता के बीच अपनी नई छवि बनाने में कामयाब रहे। उन्होंने यूकां फैक्ट्री से कुछ दूर सुरक्षित स्थान पर उन्होंने एक कस्बा बसाया था, लोगों ने उसका नाम आरिफ नगर रखा था। यह वो जगह है जहां गैस हादसे के पीड़ितों और उनके परिवारों को आफिर अकील ने बसाया था। बता दें कांग्रेस की दिग्विजय सिंह सरकार के दौरान मंत्री रहते हुए आरिफ अकील ने गैस पीड़ित लोगों को मुआवजा दिलाने के लिए भी खासे प्रयास किये थे।





