साइप्रसः विदेश मंत्री एस जयशंकर साइप्रस में एक बार फिर आतंकी नर्सरी पाकिस्तान पर बरसे। उन्होंने शुक्रवार को पाकिस्तान पर परोक्ष रूप से हमला करते हुए कहा कि आतंकवाद को एक उपकरण के रूप में इस्तेमाल कर भारत को मजबूर नहीं कर सकते हैं। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक जयशंकर ने साइप्रस में प्रवासी भारतीय समुदाय से बातचीत में कहा कि भारत सभी पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध चाहता है, लेकिन इसका मतलब बहाना बनाना या आतंकवाद को युक्तिसंगत बनाना नहीं है।
- भारत सभी के साथ अच्छे संबंध चाहता है
- पाकिस्तान का नाम लिए बिना बरसे विदेश मंत्री
- चीन के साथ गतिरोध पर भी बोले
विदेश मंत्री ने भारतीय सीमा पर चीन के साथ चल रहे गतिरोध पर भी अपनी बातें प्रवासी भारतीय समुदाय के सामने रखीं। उन्होंने कहा कि कोविड काल के दौरान सीमाओं पर चुनौतियां तेज हो गईं और आज संबंध इसलिए सामान्य नहीं हैं क्योंकि सरकार वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को एकतरफा बदलने की किसी भी कोशिश के लिए राजी नहीं होगी।
‘भारत से बहुतेरी अपेक्षाएं’
जयशंकर ने कहा कि भारत से बहुत सारी उम्मीदें हैं, क्योंकि नई दिल्ली को समस्याओं को हल करने वाले के रूप में देखा जाता है। उन्होंने कहा कि भारत को एक मजबूत अर्थव्यवस्था और एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में देखा जाता है। जयशंकर जानकारी दी कि भारत साइप्रस के साथ 3 समझौतों पर बातचीत कर रहा है। इसमें रक्षा सहयोग और अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन पर समझौता भी शामिल है।
प्रवासी भारतीयों की मदद प्राथमिकता
विदेश मंत्री ने कहा कि आज करीब 3 करोड़ से अधिक भारतीय और भारतीय मूल के लोग हैं, जो विदेशों में रहते हैं। भारत का दायित्व वास्तव में उनकी देखभाल करना है, विशेष रूप से सबसे कठिन परिस्थितियों में सर्वोत्तम क्षमता के साथ उनकी देखभाल करना है। जयशंकर के मुताबिक पिछले सात या आठ वर्षों में जहां भी भारतीय कठिनाई में रहे हैं, भारत सरकार ने आगे बढ़कर उनकी मदद की है।