विदेशी निवेश से खुले विकास के द्वार: दुबई और स्पेन यात्रा से मध्यप्रदेश को मिला 11,000 करोड़ का वरदान

Foreign investment opens doors in mp

विदेशी निवेश से खुले विकास के द्वार: दुबई और स्पेन यात्रा से मध्यप्रदेश को मिला 11,000 करोड़ का वरदान

दुबई और स्पेन से लौटे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया बड़ा ऐलान

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपनी दुबई और स्पेन यात्रा को ऐतिहासिक बताया। भोपाल स्थित स्टेट हैंगर पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि इस विदेश दौरे से मध्यप्रदेश को ₹11,119 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। यह निवेश प्रस्ताव 14,000 से अधिक लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा करेंगे। उन्होंने कहा कि यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक ठोस कदम है।

निवेशकों का बढ़ा भरोसा, वैश्विक नक्शे पर उभरता मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि दुबई और स्पेन जैसे वैश्विक निवेश केंद्रों में मध्यप्रदेश को लेकर उत्साह देखने को मिला। उन्होंने कहा कि इन देशों के निवेशक अब राज्य में व्यापार की संभावनाओं को लेकर भी काफी उत्साहित नजर आए। बता दें इससे पहले जर्मनी के साथ ही यूके और जापान जैसे विकसित देशों में भी सीएम की निवेश यात्राएं सफल रहीं हैं। सीएम डॉ.यादव ने यह भी बताया कि इन सभी प्रयासों का असर है कि मध्यप्रदेश वैश्विक निवेश का नया केंद्र बनता जा रहा है।

प्रधानमंत्री की नीति का अनुसरण, दुबई को बताया रणनीतिक केंद्र

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रणनीतिक सोच की तारीफ करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने 11 वर्षों के शासन में दुबई की 7 यात्राएं की हैं और इसे दोतरफा व्यापारिक साझेदारी का केंद्र बनाया है। उन्होंने कहा कि वह भी प्रधानमंत्री की ‘नवाचार आधारित विकास’ नीति का पालन करते हुए देश-विदेश से निवेश लाने के प्रयास कर रहे हैं। दुबई और स्पेन की यह यात्रा उसी नीति का विस्तार है।

दो दशक में बदला प्रदेश का चेहरा, अब विकास की रफ्तार और तेज़

सीएम डॉ.मोहन यादव ने जोर देकर कहा कि पिछले 20 साल में मध्यप्रदेश बदला है। प्रदेश में बुनियादी ढांचे के साथ ही शिक्षा ही नहीं स्वास्थ्य, सिंचाई और उद्योग के क्षेत्रों में भी कई क्रांतिकारी परिवर्तन हुए हैं। उन्होंने कहा साल 2002-03 में राज्य की जो स्थिति थी, उसमें आज निर्णायक बदलाव देखने को मिल रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की गुजरात मॉडल का जिक्र करते हुए कहा कि गुजरात के बाद मध्यप्रदेश ऐसा राज्य बन चुका है, जो विकसित भारत के लक्ष्य को जल्द से जल्द प्राप्त करने को तैयार है।

भारत-स्पेन सांस्कृतिक सहयोग वर्ष का लाभ उठाएगा मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत सरकार द्वारा भारत-स्पेन सांस्कृतिक सहयोग वर्ष घोषित किए जाने से उनकी स्पेन यात्रा और भी प्रासंगिक हो गई है। इस वर्ष के अंतर्गत मध्यप्रदेश में स्पेन के कलाकारों और सांस्कृतिक समूहों के मंचीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे राज्य में सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बल मिलेगा।

निवेश बढ़ाने के लिए चल रहे हैं बहुआयामी प्रयास

मुख्यमंत्री ने कहा कि दुबई और स्पेन की यात्रा से पहले प्रदेश में संभाग स्तरीय उद्योग कॉनक्लेव, भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और इंग्लैंड, जापान, जर्मनी की यात्राएं की गई थीं। इसके साथ ही देश के प्रमुख औद्योगिक शहरों—कोलकाता, सूरत, कोयम्बटूर और लुधियाना में सेक्टर वाइज बिजनेस मीटिंग्स आयोजित की गईं। इन सभी पहलों का उद्देश्य राज्य में नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा देना है।

लाड़ली बहनों को मिलेगा 9 अगस्त को रक्षाबंधन पर विशेष तोहफा

सामाजिक योजनाओं की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लाड़ली बहना योजना के तहत महिलाओं के खाते में मिलने वाली ₹1250 की मासिक राशि के अतिरिक्त, इस रक्षाबंधन पर ₹250 का शगुन भी प्रदान करेगी। यानी कुल ₹1500 सीधे लाभार्थी बहनों के खातों में भेजे जाएंगे। यह पहल महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार का एक और कदम है।

गरीब, किसान और युवा सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका लक्ष्य सिर्फ निवेश ही नहीं, बल्कि समाज के सभी वर्गों—गरीब, किसान, महिला, युवा—के जीवन स्तर में सुधार लाना है। प्रधानमंत्री मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ मंत्र के साथ राज्य सरकार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विरासत को सहेजते हुए, नए विकास पथ पर राज्य को आगे ले जाना ही उनकी प्राथमिकता है।

निवेश और संस्कृति, दोनों मोर्चों पर आगे बढ़ता मप्र
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यह विदेश यात्रा मध्यप्रदेश के विकास के द्वार खोलने वाली सिद्ध हो रही है। निवेश, संस्कृति, रोजगार और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में इस दौरे के स्पष्ट परिणाम सामने आए हैं। यदि प्रस्तावित निवेश वास्तविकता में बदलता है, तो मध्यप्रदेश आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक औद्योगिक नक्शे पर भी एक मजबूत उपस्थिति दर्ज करेगा। प्रकाश कुमार पांडेय

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