मध्यप्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की लगातार निवेश यात्राओं और उद्योगपतियों से सीधी बातचीत के नतीजे सामने आने लगे हैं। हालिया दुबई दौरे में मध्यप्रदेश को ₹53 हजार करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। प्रस्तावों में ग्रीन एनर्जी, लॉजिस्टिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, ई-मोबिलिटी, स्वास्थ्य, शिक्षा और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
दुबई से ₹53 हजार करोड़ से ज्यादा के प्रस्ताव
अहमदाबाद से ₹8,635 करोड़ का फेस-2 निवेश प्रस्ताव
बेंगलुरु से MP को बड़ा निवेश संकेत
बेंगलुरु में ₹1200 करोड़ के प्रस्ताव
निवेश के साथ रोजगार पर भी फोकस
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 की तैयारी
एमपी को ग्लोबल इंडस्ट्रियल हब बनाने की कवायद
- निवेश पर मोहन का मिशन
- निवेश के प्रस्ताव, बढ़ता भरोसा
- एमपी में निवेश की बौछार
- दुबई से आया निवेश का तोहफा
- ₹53 हजार करोड़ का निवेश प्रस्ताव
- अहमदाबाद से भी बड़ी सौगात
- निवेश के साथ रोजगार पर फोकस
- मोहन की मेहनत, निवेश की दस्तक
- ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट पर नजर
- प्रस्ताव से प्रोजेक्ट तक का प्लान
इससे पहले अहमदाबाद में हुए निवेश संवाद में भी मध्यप्रदेश को ₹8,635 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले थे, जिनसे 5,785 से ज्यादा रोजगार अवसर बनने की बात सामने आई। मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन बैठकें कर प्रदेश की औद्योगिक नीतियों और निवेश संभावनाओं को सामने रखा था।
प्रस्ताव से प्रोजेक्ट तक सरकार का फोकस
सीएम मोहन यादव की रणनीति सिर्फ निवेश प्रस्ताव हासिल करने तक सीमित नहीं है। सरकार का जोर निवेश को जमीन पर उतारने, उद्योगों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने और रोजगार पैदा करने पर है। दुबई में भी मुख्यमंत्री ने निवेशकों को लॉजिस्टिक्स, खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, नवीकरणीय ऊर्जा और डिजिटल क्षेत्र में अवसरों से अवगत कराया।
बेंगलुरु से ग्वालियर तक टेलीकॉम निवेश का मिशन
बेंगलुरु में निवेशकों से सीएम का संवाद
ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन पर फोकस
टेलीकॉम उद्योग को एमपी में बड़ा प्लेटफॉर्म
निवेश के साथ रोजगार बढ़ाने की तैयारी
केंद्र-राज्य के समन्वय से नई पहल
ग्वालियर को टेलीकॉम हब बनाने का प्लान
तकनीक, अनुसंधान और नवाचार पर जोर
निवेशकों के प्रस्तावों पर भी मंथन
बेंगलुरु के उद्योग जगत को एमपी का न्योता
टेलीकॉम विनिर्माण में एमपी की नई उड़ान
ग्वालियर में प्रस्तावित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन भी इसी रणनीति की अगली कड़ी है। केंद्र और राज्य के सहयोग से विकसित होने वाले इस 170 एकड़ के प्लग-एंड-प्ले क्लस्टर में मोबाइल उपकरण, ऑप्टिकल फाइबर, टेलीकॉम उपकरण और 5G-6G तकनीक से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने की योजना है।
2027 में बड़ा निवेश मंच
मुख्यमंत्री अब जनवरी 2027 में भोपाल में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को निवेश के अगले बड़े मंच के तौर पर तैयार कर रहे हैं। दुबई में भी उन्होंने वैश्विक निवेशकों को GIS-2027 में शामिल होने का न्योता दिया। यानी सरकार का फोकस तीन स्तरों पर दिखाई दे रहा है—निवेश लाना, निवेश को धरातल पर उतारना और उससे रोजगार पैदा करना। आने वाले महीनों में असली कसौटी यही होगी कि विदेश और देश के अलग-अलग हिस्सों से मिले निवेश प्रस्ताव कितनी तेजी से वास्तविक परियोजनाओं और रोजगार में बदलते हैं।