भोपाल–इंदौर समेत पांच जिलों में कोल्ड वेव
दिन में भी ठंड का एहसास, मालवा सबसे ज्यादा ठिठुरा
भोपाल। उत्तर भारत और हिमालयी राज्यों में लगातार हो रही बर्फबारी का असर अब मध्यप्रदेश में भी साफ दिखाई देने लगा है। प्रदेश के कई हिस्से कड़ाके की ठंड, शीतलहर और घने कोहरे की चपेट में हैं। राजधानी भोपाल और आर्थिक राजधानी इंदौर समेत प्रदेश के पांच जिलों में कोल्ड वेव का प्रभाव बना हुआ है, जिससे दिन में भी ठंड का तीखा एहसास हो रहा है।
मालवा अंचल इस समय सबसे ज्यादा ठंड की मार झेल रहा है। प्रदेश का सबसे ठंडा जिला मंदसौर दर्ज किया गया, जहां न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं शाजापुर में भी पारा 3.1 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। बीती रात प्रदेश के करीब 30 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया गया, जिससे रातें बेहद सर्द रहीं।
मौसम विभाग के अनुसार, ठंडी उत्तर-पश्चिमी हवाओं और पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवा के कारण तापमान में और गिरावट दर्ज की गई है। रविवार को मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, शाजापुर, सीहोर और राजगढ़ जिलों में शीतलहर की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में दिन का अधिकतम तापमान भी 25 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहने का अनुमान है।
हालांकि दिन में धूप निकलने की संभावना है, लेकिन ठंडी हवाओं के चलते लोगों को ठंड से खास राहत नहीं मिलेगी। सुबह और शाम के समय ठिठुरन ज्यादा रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने नागरिकों को सुबह और रात के समय गर्म कपड़े पहनकर बाहर निकलने, बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखने तथा खुले में देर तक रहने से बचने की सलाह दी है।
ठंड बढ़ने के साथ ही बाजारों में गर्म कपड़ों की मांग भी बढ़ गई है, जबकि सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलते नजर आ रहे हैं। फिलहाल मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों तक प्रदेश में ठंड का असर बने रहने की संभावना जताई है।





