सिंहस्थ के लिए भर्ती होंगे 5 हजार नए होमगार्ड जवान
भोपाल। आगामी सिंहस्थ 2028 को सुरक्षित, व्यवस्थित और उच्च स्तर पर आयोजित करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने होमगार्ड संगठन को नए सिरे से मजबूत करने का बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में होमगार्ड संगठन को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ की हैं, जिनका उद्देश्य जवानों को बेहतर सुविधाएँ देना और संगठन की क्षमता को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप बनाना है। इसी क्रम में सरकार ने 5 हजार नए होमगार्ड जवानों की भर्ती का ऐलान किया है, जो सिंहस्थ जैसे विशाल आयोजन की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाएंगे
सिंहस्थ के लिए पाँच हजार भर्ती
होमगार्ड संगठन को बड़ा विस्तार
आदिवासी विशेष बटालियन बनेगी
बेगा सहरिया भारिया को अवसर
सीएम ने किया बड़ा ऐलान
दस टीमों को साहस पुरस्कार
अनुकंपा अनुदान सुविधाएँ बढ़ीं
दो माह सेवा बाध्यकाल खत्म
सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत
युवाओं के लिए नए अवसर
प्रदेश के होमगार्ड संगठन को लेकर लंबे समय से यह मांग उठती रही है कि जवानों को अधिक संसाधन, सुविधाएँ और स्थिरता दी जाए, ताकि वे अपनी ड्यूटी अधिक प्रभावी ढंग से निभा सकें। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इन आवश्यकताओं को देखते हुए कई बदलावों की घोषणा की है। सबसे अहम घोषणा सिंहस्थ के लिए आगामी महीनों में 5 हजार युवाओं की नई भर्ती है। सिंहस्थ 2028 एक अंतरराष्ट्रीय आयोजन है, जिसमें करोड़ों श्रद्धालुओं के आने की संभावना रहती है। ऐसे विशाल आयोजन में सुरक्षा प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती होती है। नई भर्ती से सुरक्षा व्यवस्था न केवल मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार भी मिलेगा।
किसी भी आयोजन में होमगार्ड का योगदान अनिवार्य होता है—भीड़ प्रबंधन से लेकर यातायात नियंत्रण, सुरक्षा सतर्कता, आपात स्थिति में राहत कार्य और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में यह बल महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाता है। सिंहस्थ के दौरान होमगार्ड की इन भूमिकाओं को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है कि उन्हें संख्या, संसाधन और प्रशिक्षण के स्तर पर और अधिक सक्षम किया जाए।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि बेगा, सहरिया और भारिया जैसी विशेष जनजातियों के लिए अलग बटालियन बनाई जाएगी। इससे इन वंचित और खास परिस्थितियों में रहने वाली जनजातियों को सम्मानजनक रोजगार मिलेगा। यह कदम आदिवासी जनजातियों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार का बड़ा निर्णय माना जा रहा है। इन जनजातियों को होमगार्ड संगठन से जोड़ना उनके जीवनस्तर को सुधारने के साथ-साथ राज्य की सुरक्षा संरचना में विविधता और मजबूती भी जोड़ देगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने होमगार्ड्स के मनोबल को बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री अदम्य साहस पुरस्कार की भी घोषणा की। हर वर्ष 10 टीमों को यह पुरस्कार दिया जाएगा और प्रत्येक टीम को 51 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। यह सम्मान उन टीमों के लिए होगा जिन्होंने सेवा के दौरान निष्ठा, साहस और उत्कृष्ट कार्य का परिचय दिया हो। इससे न केवल जवानों को प्रेरणा मिलेगी, बल्कि संगठन में प्रतिस्पर्धात्मक कार्य-संस्कृति भी विकसित होगी।
होमगार्ड संगठन के भीतर सुधार और कल्याण के प्रयासों में मुख्यमंत्री ने यह भी घोषित किया कि अनुकंपा अनुदान और आवास सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा। लंबे समय से उठ रही मांगों में से एक थी कि जवानों को स्थायी आवासीय सुविधा और अनुकंपा लाभ अधिक सुलभ हों। सरकार ने इन पहलुओं पर गंभीरता दिखाते हुए इन्हें विस्तार देने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए घोषणा की कि होमगार्ड जवानों के लिए लागू दो महीने के सेवा बाध्यकाल (Service Break) की प्रक्रिया को समाप्त किया जा रहा है। जवानों को अब बार-बार सेवा रुकावट की परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी। इससे न केवल उनकी आय स्थिर होगी, बल्कि सेवा की निरंतरता भी बनी रहेगी। यह बदलाव जवानों और उनके परिवारों के लिए राहत भरी खबर है।
सरकार ने बड़े आयोजनों की सुरक्षा क्षमता बढ़ाने के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में राज्य में होने वाले सभी बड़े कार्यक्रमों—धार्मिक, सांस्कृतिक, खेल और राजनीतिक—में होमगार्ड्स की भूमिका को और व्यवस्थित किया जाएगा। इसके लिए संगठन को आधुनिक प्रशिक्षण, नई तकनीक, उपकरण और संसाधन प्रदान किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि होमगार्ड संगठन प्रदेश की सुरक्षा प्रणाली का महत्वपूर्ण आधार है। पुलिस बल के साथ-साथ यह बल संकट की स्थिति में सबसे पहले मौके पर पहुंचकर राहत और सुरक्षा कार्यों में जुटता है। चाहे आपदा प्रबंधन हो, दुर्घटनाएं हों, चुनावी ड्यूटी हो या भीड़ नियंत्रण—होमगार्ड्स ने हर बार साबित किया है कि वे प्रदेश के प्रहरी हैं। इसलिए सरकार का यह कर्तव्य है कि उनकी सेवाओं को मजबूत बनाया जाए।
भाजपा सरकार द्वारा घोषित ये कदम निश्चित तौर पर संगठन की दिशा और दशा में व्यापक सुधार लाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि सिंहस्थ 2028 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और विश्वस्तरीय आयोजन बनाने के लिए यह भर्ती और सुधार आवश्यक थे। सरकार द्वारा की गई यह पहल सुरक्षा, रोजगार और सामाजिक सशक्तिकरण—तीनों क्षेत्रों में सकारात्मक प्रभाव डालेगी।
आगामी महीनों में भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है, जिसके बाद युवा बड़ी संख्या में इसमें हिस्सा लेंगे। नई बटालियनों का गठन, साहस पुरस्कार, सुविधाओं में विस्तार और सेवा बाध्यकाल समाप्त किए जाने जैसे कदम होमगार्ड संगठन को नई ऊर्जा देंगे। सिंहस्थ 2028 के लिए 5 हजार नई भर्ती के साथ, मध्य प्रदेश सरकार ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सुरक्षा, रोजगार और जनकल्याण उसकी प्राथमिकता में सबसे ऊपर है। प्रकाश कुमार पाण्डेय





