भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार 26 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने जोरदार बिकवाली की। एक्सचेंज के अस्थायी आंकड़ों के अनुसार, FIIs ने इस दिन कुल 6,517 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जो पिछले तीन महीनों यानी 20 मई के बाद सबसे बड़ी शुद्ध बिकवाली है। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने इस मौके का फायदा उठाते हुए 7,060 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
इस साल अब तक FIIs कुल 1.97 लाख करोड़ रुपये के शेयर बेच चुके हैं, जबकि DIIs ने इसी दौरान 4.84 लाख करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इस बिकवाली के असर से बाजार लाल निशान में बंद हुआ।
FII और DII का दिनभर का कारोबार
विदेशी निवेशकों ने मंगलवार को कुल 50,663 करोड़ रुपये के शेयर बेचे और 44,147 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इससे शुद्ध रूप से 6,517 करोड़ रुपये की बिकवाली हुई। दूसरी ओर, DIIs ने कुल 22,000 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और 14,940 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, यानी शुद्ध रूप से 7,060 करोड़ रुपये की खरीदारी की।
मिडकैप और स्मॉलकैप पर असर
HDFC सिक्योरिटीज के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट नंदिश शाह के मुताबिक, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में दबाव और अधिक रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1.62% गिरा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 2% से अधिक लुढ़का। बीएसई का एडवांस-डिक्लाइन रेशियो 0.42 रहा, जो लगातार तीसरे दिन गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़ती हुई दिखा रहा है।
तकनीकी सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल
शाह ने बताया कि निफ्टी ने अपने 20 और 50 दिन के DEMA सपोर्ट तोड़ दिए हैं। निफ्टी अब 24,673 से 24,852 के बीच बने अपवर्ड गैप को भरने के करीब है। यदि निफ्टी 24,673 से नीचे जाता है तो अगला सपोर्ट 24,340 के पास दिखता है। वहीं, ऊपर की ओर 24,900 का स्तर शॉर्ट-टर्म रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।
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