त्योहारी सीजन से बाजार में लौटी रौनक नवरात्रि से छठ तक कारोबार को मिलेगी रफ्तार

festive season has brought a buzz back to the market business is set to gain momentum from Navratri through Chhath

शारदीय नवरात्रि की आहट के साथ ही देशभर के बाजारों की तस्वीर बदलने लगी है। कहीं मां दुर्गा की प्रतिमाएं सज रही हैं, तो कहीं पूजा सामग्री की दुकानें स्टॉक से भर रही हैं। कपड़ों के बाजार में रंग-बिरंगे परिधानों की मांग बढ़ने लगी है और फूल, फल से लेकर सजावट के सामान तक की खरीदारी तेज हो गई है।

खास बात ये है कि व्यापारी सिर्फ नवरात्रि की बिक्री नहीं देख रहे, बल्कि इसे करीब डेढ़ महीने चलने वाले लंबे कारोबारी सीजन की शुरुआत मान रहे हैं। नवरात्रि, दुर्गा पूजा और दशहरा के बाद करवा चौथ, दीपावली और फिर छठ तक बाजार में खरीदारी का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है।

पूजा सामग्री से शुरू हुई खरीदारी

नवरात्रि की तैयारियों का सबसे पहला असर पूजा सामग्री के बाजार में दिखाई दे रहा है। कलश, नारियल, चुनरी, मौली, रोली, धूप-अगरबत्ती, कपूर और पूजा पात्र जैसी चीजों की मांग बढ़ रही है। दुकानदार भी संभावित मांग को देखते हुए पहले से स्टॉक बढ़ा रहे हैं। यानी त्योहार आने से पहले ही बाजार में खरीदारी की हलचल दिखाई देने लगी है।

कपड़ों से गरबा तक बढ़ी मांग

नवरात्रि सिर्फ पूजा-पाठ का पर्व नहीं है। गरबा और डांडिया आयोजनों ने कपड़ा बाजार के लिए भी बड़ा अवसर तैयार किया है। चनिया-चोली, लहंगे, कुर्ते, पगड़ी और दूसरे पारंपरिक परिधानों की मांग बढ़ रही है। बाजारों में रंग-बिरंगे कपड़ों की मौजूदगी बताती है कि इस बार त्योहारों का असर खरीदारी पर पहले से दिखाई देने लगा है।

फूल-फल से लेकर सजावट तक कारोबार

नौ दिनों तक चलने वाली पूजा के कारण फूल और फल की नियमित मांग बनी रहती है। इसके साथ ही दुर्गा पूजा पंडालों की तैयारियां शुरू होने से सजावट के कारोबार को भी गति मिलती है। बांस, कपड़ा, पेंट, बिजली की झालर, लाइट, साउंड और दूसरे सजावटी सामान से जुड़े कारोबारियों को भी अतिरिक्त काम मिलने की उम्मीद है।

छोटे कारोबार के लिए बड़ा सीजन

त्योहारों की रौनक का असर सिर्फ बड़े बाजारों तक सीमित नहीं रहता। फूल विक्रेता, फल दुकानदार, मिठाई कारोबारी, कपड़ा व्यापारी, सजावट वाले, अस्थायी दुकानें लगाने वाले और दिहाड़ी मजदूर तक इससे जुड़े होते हैं। यानी त्योहारों की खरीदारी बढ़ने का मतलब स्थानीय स्तर पर छोटे कारोबार और रोजगार के अवसर बढ़ना भी है।

डेढ़ महीने चलेगा खरीदारी का दौर

व्यापारियों की नजर अब नवरात्रि से आगे की खरीदारी पर है। दशहरा, करवा चौथ, दीपावली और छठ जैसे त्योहार बाजार को लगातार मांग देते हैं। इस दौरान कपड़े, जूते-चप्पल, मिठाई, इलेक्ट्रॉनिक्स, जेवरात, घरेलू सामान और उपहारों की खरीदारी बढ़ने की उम्मीद है। यही वजह है कि कारोबारी इसे महज एक त्योहार नहीं, बल्कि लंबे कारोबारी मौसम के तौर पर देख रहे हैं।

बाजार में नकदी का प्रवाह बढ़ने की उम्मीद

त्योहारों के दौरान खरीदारी बढ़ने से बाजार में नकदी का प्रवाह भी बढ़ता है। एक परिवार की खरीदारी कई कारोबारों तक पहुंचती है। कपड़ा खरीदा तो दर्जी और व्यापारी को काम, पंडाल लगा तो मजदूर और सजावट कारोबारी को काम, पूजा हुई तो फूल-फल और पूजा सामग्री विक्रेताओं को कारोबार। यानी त्योहार की रौनक बाजार की कई परतों तक पहुंचती है।

इस बार पहले से दिखी खरीदारी

आमतौर पर त्योहार नजदीक आने पर बाजार में खरीदारी बढ़ती है, लेकिन इस बार नवरात्रि से करीब एक सप्ताह पहले ही लोगों का बाजार पहुंचना कारोबारियों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। अगर यही रफ्तार आगे दशहरा, दीपावली और छठ तक बनी रहती है, तो छोटे से लेकर बड़े कारोबार तक को इसका फायदा मिल सकता है।

नवरात्रि के साथ शुरू होने वाला त्योहारों का ये सिलसिला सिर्फ आस्था और उत्सव की कहानी नहीं है। इसके साथ जुड़ा है बाजार, कारोबार, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था का एक बड़ा चक्र।पूजा की थाली से लेकर नए कपड़ों तक, फूलों से लेकर सजावट तक और मिठाई से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक, त्योहारों की खरीदारी बाजार के कई हिस्सों को एक साथ गति देती है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि नवरात्रि की शुरुआत से लेकर छठ तक बाजार की ये रौनक कितने बड़े कारोबारी उछाल में बदलती है।

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