मोहन सरकार का बजट 2026
किसानों को MSP, युवाओं को जॉब्स
किसानों के लिए संभावित सौगात
युवा और रोजगार क्षेत्र में लाभ
स्वास्थ्य और पोषण की सौगातें
उद्योग और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
बजट से किसान, युवा और महिलाओं को खास उम्मीद
क्या सौगात मिलेगी!
मध्य प्रदेश की मोहन सरकार का बजट अब से कुछ ही देर में विधानसभा के पटल पर रखा जाने वाला है… राज्य के वित्त मंत्री और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा 2026- 27 का बजट पेश करेंगे..मध्य प्रदेश बजट 2026 में किसानों को फूड यूनिट्स और MSP राहत मिल सकती है. ऐसी संभावनाएं हैं कि युवाओं को स्किलिंग से नौकरियां मिलेंगी. हेल्थ में कैंसर ट्रीटमेंट मुफ्त और मिल्क स्कीम आ सकती है. इंडस्ट्री को पार्क्स और टैक्स छूट मिल सकती है… वही सिंहस्थ के लिए 2 हजार करोड़ पैकेज के घोषणा हो सकती है. GSDP बढ़ाकर विकास होगा. सरकार की ओर से दावा किया जा रहा है कि यह बजट राज्य को मजबूत बनाने वाला होगा…अनुमान है कि बजट करीब 4.65 लाख करोड़ से अधिक का होगा जो स्वास्थ्य, पोषण, किसानों, युवाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस करेगा. किसानों के लिए फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स हर जिले में स्थापित हो सकते हैं जो आय बढ़ाएंगे. युवाओं के लिए स्किलिंग और रोजगार पर जोर होगा जहां इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल पार्क्स से नौकरियां बढ़ेंगी. हेल्थ में सीएम केयर स्कीम के तहत कैंसर और हार्ट ट्रीटमेंट मेडिकल कॉलेजेस में मुफ्त हो सकता है.
भोपाल। मध्यप्रदेश में आज बुधवार 18 फरवरी को वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश किया जाएगा। बजट का आकार 4.65 से 4.85 लाख करोड़ रुपए के बीच रहने का अनुमान है। कर्मचारियों को 3% महंगाई भत्ता, किसानों के लिए नई योजनाएं और युवाओं को 50 हजार नौकरियों की सौगात मिल सकती है। बजट पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस होगा।
MP सरकार के बजट में क्या होगा खास?
जनहित, विकास और डिजिटल बदलाव पर फोकस
जनता के सुझावों पर आधारित होगा बजट
इस बार राज्य सरकार ने बजट निर्माण की प्रक्रिया को अधिक सहभागी और पारदर्शी बनाने की कोशिश की है। आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों से सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। प्राप्त सुझावों को संकलित (कम्पाइल) कर उन्हें बजट में शामिल करने की तैयारी की जा रही है। उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने संकेत दिया है कि इस बार का बजट “अच्छा और जनहितैषी” होगा। उन्होंने कहा कि विषय विशेषज्ञों के साथ व्यापक चर्चा के बाद बजट को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य जरूरत के मुताबिक जनकल्याणकारी नीतिगत फैसले लेना है, ताकि समाज के हर वर्ग को लाभ मिल सके।
किन क्षेत्रों पर रहेगा विशेष फोकस?
वित्त मंत्री ने इशारा किया है कि इस बार के बजट में संतुलित विकास की रूपरेखा अपनाई जाएगी। खासतौर पर निम्न क्षेत्रों पर जोर रहने की संभावना है—
कृषि क्षेत्र: किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, फसल संरक्षण और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर जोर दिया जा सकता है।
औद्योगिक विकास: राज्य में निवेश आकर्षित करने, रोजगार सृजन और औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने के लिए नई योजनाएं आ सकती हैं।
शिक्षा क्षेत्र: स्कूलों और उच्च शिक्षा संस्थानों के बुनियादी ढांचे में सुधार, डिजिटल शिक्षा और कौशल विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य: ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, अस्पतालों के उन्नयन और नई स्वास्थ्य योजनाओं पर विशेष प्रावधान संभव है।
भौतिक इंफ्रास्ट्रक्चर: सड़क, बिजली, पानी और शहरी विकास परियोजनाओं के लिए बजट में पर्याप्त आवंटन किए जाने के संकेत हैं।
सरकार का प्रयास रहेगा कि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और बजट सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखकर तैयार किया जाए।