नहीं रहे मशहूर उद्योगपति स्वराज पॉल…भारत और ब्रिटेन के उद्योग और राजनीतिक जगत में शोक …प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक..
भारतीय मूल के जाने-माने उद्योगपति और ब्रिटेन की हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्य लॉर्ड स्वराज पॉल का गुरुवार शाम लंदन में निधन हो गया। 94 वर्षीय स्वराज पॉल लंबे समय से अस्वस्थ थे और हाल ही में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके निधन की खबर से भारत और ब्रिटेन के उद्योग और राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि स्वराज पॉल को भारत-ब्रिटेन संबंधों को सुदृढ़ करने और समाजसेवा में किए गए योगदान के लिए हमेशा याद किया जाएगा।
पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स Prime Minister Modi launched the social media platform X पर शोक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा है कि “श्री स्वराज पॉल जी के निधन से गहरा दुख हुआ। ब्रिटेन में Industry, Charitable Works and Public Service उद्योग, परमार्थ कार्यों और जनसेवा में उनके योगदान और Close ties with India भारत के साथ घनिष्ठ संबंधों के लिए उनके अटूट समर्थन को हमेशा याद रखा जाएगा। मुझे हमारी कई मुलाकातें याद आती हैं। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना। ओम शांति।” पीएम के इस संदेश के बाद अन्य केंद्रीय नेताओं और उद्योगपतियों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी।
जालंधर से लंदन तक का सफर
स्वराज पॉल का जन्म 1931 में पंजाब के जालंधर में हुआ था। उनके शुरुआती जीवन में शिक्षा और कारोबार की मजबूत पृष्ठभूमि रही। 1960 के दशक में वे अपनी बेटी अंबिका के इलाज के लिए लंदन गए और वहीं बस गए। बेटी का इलाज असफल रहा, लेकिन उन्होंने वहीं नया जीवन शुरू किया और आगे चलकर ब्रिटेन के प्रमुख उद्योगपतियों में शुमार हुए।
कपारो ग्रुप की स्थापना
लंदन जाकर उन्होंने कपारो ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज की स्थापना की। यह समूह स्टील, इंजीनियरिंग और ऑटोमोबाइल के क्षेत्र में बड़ा नाम बना। उनके नेतृत्व में कंपनी ने ब्रिटेन और अन्य देशों में उद्योग की दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बनाई। कपारो ग्रुप के जरिए उन्होंने हजारों लोगों को रोजगार दिया और भारत-ब्रिटेन व्यापारिक संबंधों को गहराई दी।
राजनीति और हाउस ऑफ लॉर्ड्स तक का सफर
स्वराज पॉल सिर्फ एक उद्योगपति ही नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में भी सक्रिय रहे। उन्हें 1996 में ब्रिटेन की संसद के उच्च सदन हाउस ऑफ लॉर्ड्स का सदस्य बनाया गया।
लॉर्ड पॉल को ब्रिटेन के उद्योग, शिक्षा और समाजसेवा में योगदान के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। वे भारतीय प्रवासी समुदाय के उन चेहरों में से एक थे जिन्होंने ब्रिटेन में रहकर भी भारत के साथ गहरे रिश्ते बनाए रखे।
परोपकार और शिक्षा के लिए योगदान
लॉर्ड स्वराज पॉल को एक बड़े Donor and philanthropist दानदाता और समाजसेवी के रूप में भी जाना जाता है। उन्होंने Education and health sectors in the UK and India ब्रिटेन और भारत में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में करोड़ों रुपये का दान दिया। लंदन में कई Universities and institutions he funds विश्वविद्यालयों और संस्थानों को उन्होंने फंडिंग दी। भारत में भी उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र की कई योजनाओं में सहयोग किया। वे ऑक्सफोर्ड और कैम्ब्रिज जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से भी जुड़े रहे। उनकी परोपकारी गतिविधियों ने उन्हें उद्योग जगत से परे एक मानवता-प्रेमी व्यक्तित्व बना दिया।
भारत-ब्रिटेन संबंधों में योगदान
Lord Swaraj Paul ने हमेशा भारत और ब्रिटेन के बीच संबंधों relations between india and britain को मजबूत करने का प्रयास किया। उन्होंने दोनों देशों के Industrialists and political leaders उद्योगपतियों और राजनीतिक नेताओं को करीब लाने में अहम भूमिका निभाई। कई मौकों पर उन्होंने कहा कि “मैं ब्रिटेन को अपना कार्यस्थल मानता हूं, लेकिन मेरा दिल हमेशा भारत में बसता है। उनका यही दृष्टिकोण उन्हें भारतवंशी प्रवासी समुदाय का एक बड़ा नेता बनाता है।
अंतरराष्ट्रीय पहचान
लॉर्ड स्वराज पॉल की पहचान सिर्फ ब्रिटेन और भारत तक सीमित नहीं रही। वे दुनिया भर के उद्योग जगत और राजनीतिक हलकों में एक जाना-पहचाना नाम थे। उनकी किताबें और लेख भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहे गए।
परिवार और व्यक्तिगत जीवन
स्वराज पॉल के परिवार ने भी उनके साथ उद्योग और समाजसेवा में योगदान दिया। उनकी पत्नी और बच्चे ब्रिटेन में ही रहते हैं। बेटी अंबिका की असमय मृत्यु ने उन्हें गहरा आघात पहुंचाया था, लेकिन इसी दुख से उन्होंने समाजसेवा और परोपकार की ओर रुख किया।
शोक की लहर
उनके निधन के बाद न सिर्फ भारत और ब्रिटेन, बल्कि पूरे विश्व में बसे भारतीय समुदाय ने शोक व्यक्त किया। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि लॉर्ड पॉल ने ब्रिटेन के उद्योग और शिक्षा क्षेत्र में अमूल्य योगदान दिया। भारतीय उद्योगपतियों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनका जाना एक युग का अंत है। स्वराज पॉल का जीवन संघर्ष, सफलता और समाजसेवा की मिसाल है। जालंधर से लंदन तक का उनका सफर यह बताता है कि कठिनाइयों के बावजूद मेहनत और ईमानदारी से कोई भी व्यक्ति अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना सकता है। उनका निधन न सिर्फ भारतवंशियों के लिए, बल्कि दुनिया के उद्योग और समाजसेवा जगत के लिए भी एक बड़ी क्षति है। वे हमेशा एक दूरदर्शी उद्योगपति, दानदाता और भारत-ब्रिटेन संबंधों के सेतु के रूप में याद किए जाएंगे। प्रकाश कुमार पांडेय





