समुद्री हादसे के बाद तेज रेस्क्यू ऑपरेशन, लापता लोगों की तलाश अब भी जारी
बीजिंग। दक्षिण चीन सागर में हुए एक बड़े समुद्री हादसे के बाद चीन ने राहत और बचाव अभियान में महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए बचाए गए सभी 47 वियतनामी नागरिकों को सुरक्षित उनके देश के अधिकारियों को सौंप दिया है। चीन के यातायात एवं परिवहन मंत्रालय के दक्षिण चीन सागर बचाव एवं राहत ब्यूरो ने रविवार को इसकी पुष्टि की। यह अभियान समुद्री आपदाओं के दौरान अंतरराष्ट्रीय मानवीय सहयोग का एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, 27 जुलाई की दोपहर दक्षिण चीन सागर बचाव एवं राहत ब्यूरो के हेलीकॉप्टर ने चीनी तटरक्षक बल के जहाज पर मौजूद दो वियतनामी नागरिकों को सुरक्षित वियतनामी जहाज तक पहुंचाया। इसके साथ ही चीन द्वारा बचाए गए कुल 47 वियतनामी नागरिकों को वियतनाम के अधिकारियों के हवाले कर दिया गया। दोनों देशों के अधिकारियों के बीच यह हस्तांतरण समुद्र में ही समन्वित तरीके से पूरा किया गया।
24 जुलाई को डूबा था वियतनामी जहाज
यह पूरा घटनाक्रम 24 जुलाई की रात शुरू हुआ, जब ‘खोइ न्गुयेन 18’ नामक वियतनामी जहाज दक्षिण चीन सागर में योंगशुच्याओ (योंगशु रीफ) के निकट समुद्री क्षेत्र में संकट में फंस गया। खराब मौसम और प्रतिकूल समुद्री परिस्थितियों के बीच जहाज नियंत्रण खो बैठा और अंततः डूब गया।
हादसे की सूचना मिलते ही चीनी तटरक्षक बल और दक्षिण चीन सागर बचाव एवं राहत ब्यूरो ने तत्काल संयुक्त खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया। समुद्र में मौजूद गश्ती जहाजों, बचाव पोतों और हेलीकॉप्टरों को प्रभावित क्षेत्र में भेजा गया, जहां से एक-एक कर वियतनामी नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
हेलीकॉप्टर और तटरक्षक बल ने निभाई अहम भूमिका
बचाव अभियान में चीनी तटरक्षक बल के जहाजों के साथ हेलीकॉप्टरों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। कई लोगों को समुद्र में तैरते हुए और कुछ को लाइफ राफ्ट के सहारे बचाया गया। राहत दलों ने लगातार कई घंटों तक कठिन परिस्थितियों में अभियान चलाया और सभी 47 लोगों को सुरक्षित निकालने में सफलता प्राप्त की।
27 जुलाई को अंतिम चरण में हेलीकॉप्टर के माध्यम से दो नागरिकों को वियतनामी जहाज तक पहुंचाया गया, जिसके बाद सभी बचाए गए नागरिकों को औपचारिक रूप से वियतनाम के हवाले कर दिया गया।
लापता लोगों की तलाश जारी
हालांकि राहत अभियान का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हो चुका है, लेकिन खोज अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है। दक्षिण चीन सागर स्थित सानशा शहर के समुद्री मामला ब्यूरो के अनुसार, हादसे के बाद कुछ लोगों के लापता होने की आशंका बनी हुई है।
ब्यूरो ने बताया कि खोज का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। बचाव पोत, तटरक्षक जहाज, हेलीकॉप्टर और अन्य संसाधन प्रभावित समुद्री क्षेत्र में लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब तक सभी संभावित लापता लोगों का पता नहीं चल जाता, तब तक अभियान जारी रहेगा।
समुद्री सुरक्षा और सहयोग का संदेश
दक्षिण चीन सागर दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक है। इस क्षेत्र से प्रतिवर्ष भारी मात्रा में अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाज गुजरते हैं। इसके साथ ही यहां मछली पकड़ने वाली नौकाओं की भी बड़ी संख्या सक्रिय रहती है। ऐसे में खराब मौसम, तेज हवाएं और ऊंची लहरें कई बार समुद्री दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि समुद्री हादसों के दौरान राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर मानवीय सहायता और त्वरित बचाव अभियान सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। चीन द्वारा वियतनामी नागरिकों का बचाव और उन्हें सुरक्षित उनके देश को सौंपना इसी दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
मानवीय दृष्टिकोण बना प्राथमिकता
समुद्री आपदाओं में समय पर कार्रवाई सबसे अहम होती है। इस मामले में भी सूचना मिलते ही चीनी एजेंसियों ने बिना देरी किए राहत अभियान शुरू किया, जिससे बड़ी संख्या में लोगों की जान बचाई जा सकी। बचाए गए नागरिकों को प्राथमिक चिकित्सा, भोजन और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के बाद उन्हें सुरक्षित वियतनामी अधिकारियों को सौंपा गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि समुद्र में किसी भी आपदा के दौरान क्षेत्रीय देशों के बीच समन्वय और सूचना साझा करना जीवनरक्षक साबित होता है। यह अभियान भी इसी सहयोग का उदाहरण बनकर सामने आया है।
आगे भी जारी रहेगा रेस्क्यू ऑपरेशन
चीन के संबंधित विभागों ने स्पष्ट किया है कि लापता लोगों की तलाश प्राथमिकता बनी हुई है। समुद्री परिस्थितियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और उपलब्ध सभी संसाधनों का उपयोग खोज अभियान में किया जा रहा है।
दक्षिण चीन सागर में हुए इस हादसे ने एक बार फिर समुद्री सुरक्षा, त्वरित राहत व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता को रेखांकित किया है। वहीं, 47 वियतनामी नागरिकों का सुरक्षित बचाव और उन्हें उनके देश को सौंपना इस पूरे अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)