लाखों निष्क्रिय खातों पर EPFO का बड़ा फैसला: बिना आवेदन मिलेगा ₹30.52 करोड़ का बकाया
देशभर के लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO) के 7.11 लाख से अधिक निष्क्रिय खातों में पड़ी राशि को लौटाने का फैसला किया है। इन खातों में प्रत्येक में ₹1,000 तक की शेष राशि है, जो लंबे समय से अनक्लेम्ड यानी बिना दावे के पड़ी हुई थी।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में हुई समीक्षा बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया। कुल मिलाकर ₹30.52 करोड़ की राशि सात लाख से अधिक निष्क्रिय खातों में पड़ी है, जिसे अब संबंधित खाताधारकों या उनके कानूनी वारिसों को लौटाया जाएगा।
किसे मिलेगा फायदा?
जिन कर्मचारियों के ईपीएफ खाते आधार से लिंक (Aadhaar-seeded) हैं, उनके बैंक खातों में यह रकम सीधे ट्रांसफर कर दी जाएगी। इसके लिए अलग से कोई आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। यदि किसी ईपीएफ खाताधारक की मृत्यु हो चुकी है, तो यह राशि उनके नामित व्यक्ति (नॉमिनी) या कानूनी उत्तराधिकारी को दी जाएगी। EPFO ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में स्पष्ट किया है कि यदि कोई सदस्य सेवा के दौरान निधन हो जाता है, तो मृत्यु की तारीख से तीन साल बाद उसका खाता निष्क्रिय हो जाता है। ऐसे में परिवारजनों को समय पर दावा दाखिल करना चाहिए, ताकि ब्याज का नुकसान न हो। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम उन कर्मचारियों के लिए विशेष राहत है जिनके खातों में पिछले तीन वर्षों से नियोक्ता की ओर से कोई अंशदान जमा नहीं हुआ है। ऐसे छोटे बैलेंस वाले खातों को बंद या निष्क्रिय मान लिया जाता था, जिससे रकम वर्षों तक पड़ी रहती थी।
क्या होता है निष्क्रिय (Inoperative) EPF खाता?
ईपीएफ खाता तब निष्क्रिय माना जाता है जब:
-
कर्मचारी सेवानिवृत्त हो जाए और तीन वर्षों तक कोई लेनदेन न हो
-
कर्मचारी स्थायी रूप से विदेश चला जाए
-
खाताधारक की मृत्यु हो जाए और तीन साल तक दावा न किया जाए
हालांकि वर्तमान नियमों के अनुसार, खाताधारक की उम्र 58 वर्ष तक सभी खातों पर ब्याज मिलता रहता है। लेकिन यदि खाता पूरी तरह निष्क्रिय घोषित हो जाता है और दावा नहीं किया जाता, तो रकम अटकी रह सकती है।
क्या निष्क्रिय खाते पर ब्याज मिलता है?
सामान्य तौर पर निष्क्रिय खाते पर अलग से ब्याज नहीं मिलता। लेकिन फिलहाल EPFO के नियमों के अनुसार, सदस्य की 58 वर्ष की आयु तक खातों पर ब्याज जारी रहता है। इसलिए समय रहते खाते की स्थिति जांचना और आवश्यक कार्रवाई करना जरूरी है।
अगर आपका खाता निष्क्रिय हो जाए तो क्या करें?
यदि आप अभी भी किसी ऐसे संस्थान में कार्यरत हैं जो EPF एवं MP अधिनियम, 1952 के अंतर्गत आता है, तो आप अपने पुराने खाते की राशि नए खाते में ऑनलाइन या ऑफलाइन ट्रांसफर करा सकते हैं। अगर आप सेवानिवृत्त हो चुके हैं, तो आप पूरी राशि निकाल सकते हैं। EPFO पोर्टल और उमंग (UMANG) ऐप के जरिए यह प्रक्रिया काफी सरल कर दी गई है।
EPFO 3.0: डिजिटल बदलाव की बड़ी पहल
सरकार ने ईपीएफ सेवाओं को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए “EPFO 3.0” प्रोजेक्ट शुरू किया है। यह एक बड़ा डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन अभियान है, जिसका उद्देश्य कागजी कार्रवाई कम करना और दावों के निपटान की प्रक्रिया को तेज करना है। नई प्रणाली के तहत जोखिम प्रबंधन से जुड़े जरूरी सत्यापन स्वचालित रूप से पूरे होंगे, जिससे मैन्युअल निपटान में लगने वाले 20 दिनों तक के समय को घटाकर तीन दिन से भी कम किया जा सकेगा। अप्रैल 2025 में EPFO ने आधार फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी (FAT) के जरिए यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) जेनरेशन और एक्टिवेशन की सुविधा भी शुरू की। यह सेवा UMANG मोबाइल ऐप के माध्यम से उपलब्ध है, जिससे सदस्य बिना किसी शारीरिक संपर्क के सुरक्षित और डिजिटल तरीके से अपने खाते का प्रबंधन कर सकते हैं।
क्यों अहम है यह फैसला?
सरकार का यह कदम न केवल लाखों छोटे खाताधारकों को राहत देगा, बल्कि EPFO के रिकॉर्ड को भी सुव्यवस्थित करेगा। लंबे समय से निष्क्रिय पड़े खातों में छोटी-छोटी राशियां जमा थीं, जिन्हें वापस लौटाकर पारदर्शिता और विश्वास दोनों को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल डिजिटल इंडिया और सामाजिक सुरक्षा सुधारों की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। कर्मचारियों के लिए यह संदेश भी है कि वे अपने ईपीएफ खाते की स्थिति नियमित रूप से जांचते रहें, आधार और बैंक विवरण अपडेट रखें और समय पर दावा करें।
₹30.52 करोड़ की अनक्लेम्ड राशि लौटाने का फैसला लाखों परिवारों के लिए राहत लेकर आया है। आधार से लिंक खातों में सीधा ट्रांसफर और नॉमिनी को भुगतान की व्यवस्था इस प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाती है। डिजिटल सुधारों और EPFO 3.0 जैसी पहलों के जरिए सरकार सामाजिक सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। ऐसे में कर्मचारियों को भी सतर्क रहकर अपने खातों की जानकारी अद्यतन रखनी चाहिए, ताकि उनका मेहनत का पैसा सुरक्षित और समय पर उपलब्ध हो सके।