बिहार के चुनावी मौसम में रेलवे की सौगात पर छिड़ा सियासी श्रेय संग्राम…जानें क्यों हो रही तेजस राजधानी और संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस पर सियासत

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बिहार के चुनावी मौसम में रेलवे की सौगात पर छिड़ा सियासी श्रेय संग्राम…जानें क्यों हो रही तेजस राजधानी और संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस पर सियासत

बिहारवासियों के लिए बड़ी सौगात, पर सियासत भी तेज
बिहार की राजधानी पटना के दानापुर स्टेशन पर यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। लंबे इंतजार के बाद अब तेजस राजधानी और संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस का ठहराव यहां शुरू हो गया है। इस फैसले से दानापुर समेत आसपास के हजारों यात्रियों को राहत मिली है। लोगों ने इसे क्षेत्र की पुरानी मांग पूरी होने के रूप में देखा और कहा कि अब उन्हें पटना जंक्शन तक भागने की मजबूरी नहीं रहेगी। लेकिन इस सौगात के साथ-साथ बिहार की राजनीति भी गरमा गई है।

शुभारंभ कार्यक्रम में नेताओं की मौजूदगी

दानापुर स्टेशन पर ठहराव की शुरुआत विशेष समारोह के साथ हुई। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद डॉ. भीम सिंह, पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रामकृपाल यादव और बीजेपी विधान परिषद सदस्य अनामिका सिंह ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेनों के ठहराव का शुभारंभ किया। इसके अलावा लोजपा युवा अध्यक्ष वेद प्रकाश पांडेय और स्थानीय बीजेपी नेताओं की मौजूदगी भी रही। मंच पर नेताओं ने एक-दूसरे की तारीफ की, लेकिन बैकस्टेज में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा भी साफ नजर आई।

किसे मिला श्रेय?
रेलवे का यह फैसला स्थानीय जनता के लिए तो राहत लेकर आया, लेकिन इसके श्रेय को लेकर बीजेपी और लोजपा नेताओं में होड़ मच गई है। रामकृपाल यादव ने इसे अपने प्रयासों का नतीजा बताया और कहा कि उन्होंने बार-बार रेलवे मंत्रालय से गुहार लगाई थी। वहीं, लोजपा नेताओं ने इसे गठबंधन की सामूहिक मेहनत का नतीजा करार दिया। कार्यकर्ताओं ने भी इसे अपने-अपने दल की उपलब्धि बताने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

यात्रियों के लिए सुविधा

दानापुर स्टेशन पर राजधानी और संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस का ठहराव होने से हजारों यात्रियों को लाभ होगा। अब उन्हें सीधे राजधानी जैसी प्रीमियम ट्रेनें दानापुर से ही मिलेंगी। इससे छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और बिजनेस ट्रैवलर्स को बड़ी राहत मिलेगी। लोगों का कहना है कि यह कदम समय और खर्च दोनों बचाने वाला साबित होगा।

चुनावी मौसम में राजनीतिक अखाड़ा

रेलवे की यह सौगात अब सीधे चुनावी राजनीति से जुड़ गई है। नेताओं ने इस मंच का उपयोग जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए किया। एनडीए में सहयोगी पार्टियों के बीच प्रतिस्पर्धा भी सामने आई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दानापुर का यह फैसला सिर्फ यात्रा सुविधा नहीं, बल्कि आगामी चुनावों में वोटरों को साधने का हथियार भी है।
दानापुर स्टेशन पर तेजस राजधानी और संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस का ठहराव शुरू होना न सिर्फ स्थानीय जनता की सुविधा बढ़ाने वाला कदम है, बल्कि यह बिहार की राजनीति में नया समीकरण भी बना रहा है। एक तरफ यात्रियों को रेलवे की सौगात मिली है, तो दूसरी ओर बीजेपी और लोजपा नेताओं में श्रेय लेने की होड़ छिड़ गई है। आने वाले चुनाव में इसका असर जरूर देखने को मिलेगा। (प्रकाश कुमार पांडेय)

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