बिहार चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने किए 30 बड़े बदलाव, मोबाइल जमा से बैलेट गिनती तक देखिए पूरी लिस्ट
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग लगातार चुनावी प्रक्रिया में सुधार और बदलाव कर रहा है। पिछले छह महीनों के भीतर आयोग ने कुल 30 महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जो मतदाता सुविधा, अधिकारियों की ट्रेनिंग और वोटिंग-गणना प्रक्रिया से जुड़े हैं। चुनाव आयोग पर विपक्षी पार्टियों की ओर से वोट चोरी और मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप लगते रहे हैं। इन आरोपों और सवालों के बीच आयोग ने मतदाता सुरक्षा, पारदर्शिता और प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं।
बैलेट से EVM तक बदलाव
गुरुवार को आयोग ने वोट गिनती के नियम में बड़ा बदलाव किया। अब पोस्टल बैलेट की गिनती पूरी होने के बाद ही EVM काउंटिंग शुरू होगी। इससे पहले बैलेट की गिनती सुबह 8:00 बजे शुरू होती थी और EVM 8:30 बजे खुलती थी। आयोग ने साफ किया कि बैलेट गिनती पूरी होने तक किसी भी हालत में EVM नहीं खोली जाएगी।
बैलट की गिनती पूरी होने के बाद ही EVM की गिनती शुरू करने से मतदाता विश्वास बढ़ेगा और गणना प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।
30 बदलावों की पूरी लिस्ट
- पोलिंग स्टेशन पर मोबाइल जमा: अब मतदाता मतदान के दौरान अपना मोबाइल जमा कर सकते हैं।
- वोटर सीमा तय: प्रत्येक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1200 वोटर ही रहेंगे।
- प्रत्यक्षी की टेबल: प्रत्याशी पोलिंग स्टेशन से 100 मीटर दूर अपनी टेबल रख सकते हैं।
- ईवीएम में कलर्ड फोटो: प्रत्याशी की फोटो अब रंगीन और नाम बड़े अक्षरों में।
- मतदाता सूचना पर्ची (VIS) डिजाइन बदलना: मतदाता संख्या और भाग संख्या प्रमुख।
- वोटर लिस्ट अपडेट: पिछले छह महीनों में चार राज्यों में वोटर लिस्ट अपडेट।
- बीएलओ पहचान पत्र: फोटो और अन्य जानकारी के साथ जारी।
- 808 दलों को हटाया: राजनीतिक दलों की मान्यता न होने पर आरयूपीपी लिस्ट से हटाया।
- EVM और VVPAT जांच में बदलाव: तकनीकी और प्रशासनिक SOP के तहत सत्यापन।
- VVPAT गिनती: चुनाव परिणाम में डेटा असंगत होने पर VVPAT गिनती।
- SIR के जरिए अवैध नाम हटाना: बिहार में नए नाम जोड़ने सहित।
- 28 हितधारकों की भूमिका तय।
- चुनाव कर्मियों की सैलरी बढ़ाना: बीएलओ, सुपरवाइजर, पोलिंग स्टाफ।
- ECINET पोर्टल लॉन्च: 40+ ऐप्स और वेबसाइट्स एक जगह।
- रियल-टाइम वोटर टर्नआउट: हर 2 घंटे में ECINET पर जारी।
- मतदान केंद्र पर लाइव प्रसारण।
- डिजिटल इंडेक्स कार्ड और रिपोर्ट में सुधार।
- यूनिक EPIC नंबर की डुप्लीकेट हटाना।
- चुनाव समय मौत के मामलों की जानकारी बीएलओ और ERO तक।
- EPIC जल्द जारी: 15 दिन में मैसेज द्वारा जानकारी।
- 5,000 सर्वदलीय बैठकें: 28,000 पार्टी नेताओं के साथ।
- कानूनी सलाहकार और CEO के साथ राष्ट्रीय बैठक।
- 7,000+ बीएलओ और पर्यवेक्षकों को ट्रेनिंग।
- मीडिया कोऑर्डिनेटर को विशेष ट्रेनिंग।
- बिहार पुलिस अधिकारियों को विशेष ट्रेनिंग।
- बायोमेट्रिक और ई-ऑफिस सिस्टम में सुधार।
- तीन राज्यों में BLAs को वोटर लिस्ट तैयार करना सिखाया।
- बैलट गिनती पूरी होने के बाद ही EVM खोली जाएगी।
चुनाव आयोग का बदलावों को लेकर उद्देश्य
इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य मतदाता सुविधा बढ़ाना, चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और अधिकारियों के काम को आसान बनाना है। चुनाव आयोग ने मतदाता को सरल, भरोसेमंद और सुरक्षित वोटिंग का अनुभव देने के लिए यह कदम उठाए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मोबाइल जमा करने, कलर्ड फोटो, EPIC सुधार और लाइव प्रसारण जैसे बदलाव मतदाता विश्वास को बढ़ाएंगे। वहीं बैलेट पूरी गिनती के बाद ही EVM खोलना गणना प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
बीते छह महीनों में चुनाव आयोग ने कुल 30 बदलाव किए हैं, जो मतदाता सुरक्षा, अधिकारियों की प्रशिक्षण, वोटिंग प्रक्रिया और गिनती पर आधारित हैं। बिहार विधानसभा चुनाव के दृष्टिगत ये कदम मतदाताओं की सुविधा और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। चुनाव आयोग ने साफ किया है कि सभी बदलाव मतदाता और कर्मचारियों दोनों के लिए सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर किए गए हैं। प्रकाश कुमार पांडेय





