LPG संकट: कई राज्यों में सिलेंडर के लिए जाम और लंबी कतारें, ₹950 का घरेलू सिलेंडर ब्लैक में ₹3500 तक
देश में रसोई गैस LPG को लेकर अभूतपूर्व संकट देखने को मिल रहा है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। कई राज्यों में गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि कई जगहों पर लोग रात से ही लाइन में लगने को मजबूर हैं। गैस की कमी के चलते कालाबाजारी भी तेजी से बढ़ रही है। बाजार में करीब 950 रुपए में मिलने वाला घरेलू गैस सिलेंडर कई जगहों पर 3000 से 3500 रुपए तक में बेचा जा रहा है। वहीं करीब 2000 रुपए का कॉमर्शियल सिलेंडर 5000 रुपए तक में ब्लैक में बिकने की खबरें सामने आ रही हैं। प्रशासन और आपूर्ति विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, लेकिन मांग और आपूर्ति के असंतुलन के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उत्तर प्रदेश में एजेंसियों के बाहर हंगामा
उत्तर प्रदेश के कई शहरों में गैस की किल्लत सबसे ज्यादा देखने को मिल रही है। लखनऊ, कानपुर और आसपास के क्षेत्रों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें लगी हुई हैं। कई लोगों ने शिकायत की है कि बुकिंग कराने के बावजूद उन्हें समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहा। कानपुर में रविवार सुबह एक गैस एजेंसी के बाहर “आज गैस नहीं मिलेगी” का नोटिस लगाए जाने के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज उपभोक्ताओं ने एजेंसी के बाहर हंगामा कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। वहीं लखनऊ में प्रशासन ने एक रिसॉर्ट से 88 गैस सिलेंडर जब्त किए हैं, जिन्हें कथित तौर पर अवैध रूप से जमा किया गया था।
राजस्थान में LPG के साथ CNG की भी किल्लत
राजस्थान में भी गैस संकट ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। कई शहरों में गैस गोदामों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं। रसोई गैस की कमी के कारण कई घरों में चूल्हे तक नहीं जल पा रहे हैं।
स्थिति यह है कि गैस एजेंसियों के बाहर ग्राहकों और कर्मचारियों के बीच बहस और तकरार की घटनाएं सामने आ रही हैं। वहीं CNG और LPG स्टेशन पर भी वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। कई ऑटो और टैक्सी चालकों को रात भर स्टेशन के बाहर इंतजार करना पड़ रहा है, फिर भी उन्हें पर्याप्त गैस नहीं मिल पा रही।
बिहार में सुबह चार बजे से लाइन
बिहार की राजधानी पटना और आसपास के क्षेत्रों में भी रसोई गैस का संकट गंभीर होता जा रहा है। पटना के बिहटा इलाके में लोग सुबह चार बजे से ही गैस एजेंसी के बाहर लाइन में खड़े दिखाई दिए। दानापुर और बगहा जैसे क्षेत्रों में जब गैस सिलेंडर की आपूर्ति समय पर नहीं हुई, तो नाराज लोगों ने सड़क जाम कर दिया। स्थानीय प्रशासन को मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाना पड़ा। उपभोक्ताओं का कहना है कि लगातार कई दिनों से बुकिंग के बावजूद उन्हें गैस नहीं मिल रही है।
पंजाब-चंडीगढ़ में चोरी और ब्लैक मार्केटिंग
पंजाब और चंडीगढ़ में भी गैस संकट के कारण अजीब हालात बन गए हैं। फिरोजपुर में घरेलू सिलेंडर को बिना बुकिंग के 1600 रुपए में बेचने का वीडियो सामने आया है। वहीं बरनाला में एक चाय विक्रेता के ठेले से गैस सिलेंडर चोरी हो गया। पीड़ित ने बताया कि वह कुछ ही देर के लिए सिलेंडर को ठेले पर छोड़कर पास की दुकान पर गया था। इसी दौरान बाइक सवार दो युवक आए और सिलेंडर उठाकर फरार हो गए। इस घटना के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मध्य प्रदेश में भी लंबी कतारें
मध्य प्रदेश में भी गैस संकट का असर साफ दिखाई दे रहा है। कई शहरों में लोग सुबह से ही गैस एजेंसियों के बाहर लाइन में खड़े नजर आए। कॉमर्शियल गैस की कमी के कारण होटल और ढाबों के चूल्हे भी ठंडे पड़ने लगे हैं। इटारसी में इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अनोखा प्रदर्शन किया और सरकार से जल्द गैस आपूर्ति सामान्य करने की मांग की।
हरियाणा में पेट्रोल-डीजल पर भी नजर
हरियाणा में गैस की किल्लत के बीच पेट्रोल और डीजल की मांग भी अचानक बढ़ गई है। कई उपभोक्ता जरूरत से ज्यादा डीजल स्टॉक कर रहे हैं। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे ईंधन की पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखें और किसी भी ग्राहक को जरूरत से ज्यादा ईंधन न दें।
PNG कनेक्शन वालों के लिए नया नियम
देश में बढ़ते गैस संकट के बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने आपूर्ति को संतुलित करने के लिए नए नियम लागू किए हैं। अब जिन घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस PNG कनेक्शन LPG सिलेंडर की अनुमति नहीं होगी। नए नियमों के अनुसार एक घर में PNG और LPG दोनों कनेक्शन रखना गैरकानूनी माना जाएगा। जिन उपभोक्ताओं के पास दोनों सुविधाएं मौजूद हैं, उन्हें अपना LPG कनेक्शन तुरंत सरेंडर करना होगा। इसके अलावा PNG उपयोगकर्ता अब नया घरेलू LPG कनेक्शन भी नहीं ले सकेंगे। सरकार का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य सीमित गैस आपूर्ति को अधिक जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक पहुंचाना है। हालांकि आम लोगों का कहना है कि मौजूदा संकट के कारण उन्हें भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है और जल्द ही आपूर्ति व्यवस्था सामान्य करने की जरूरत है।